मनोविज्ञान में शोध को बढ़ावा देने हेतु सहयोग करेगें ऑस्ट्रेलिया का मोनाश विश्वविद्यालय और एमिटी विश्वविद्यालय

मनोविज्ञान में शोध को बढ़ावा देने हेतु सहयोग करेगें ऑस्ट्रेलिया का मोनाश विश्वविद्यालय और एमिटी विश्वविद्यालय

नोएडा। विश्वविद्यालय द्वारा मनोविज्ञान के क्षेत्र में किये जा रहे शोध कार्यो के क्षेत्र की जानकारी प्राप्त करने के लिए आज ऑस्टेªलिया के मोनाश विश्वविद्यालय के प्रतिनिधिमंडल ने एमिटी विश्वविद्यालय का दौरा किया गया। इस प्रतिनिधिमंडल में मोनाश विश्वविद्यालय के चीफ कोर्सवर्क ऑफिसर डा ग्रेगरी क्यूसैक और स्कूल ऑफ साइकोलॉजिकल सांइसेस के प्रमुख प्रो शांता राजात्नम शामिल थे। इस प्रतिनिधिमंडल का स्वागत एमिटी ग्रुप वाइस चांसलर डा गुरिंदर सिंह और एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ साइकोलॉजी एंड एलाइड सांइसेस की कार्यकारी निदेशक डा रंजना भाटिया द्वारा किया गया।

दौर पर आये प्रतिनिधिमंडल का उददेश्य मनोविज्ञान के क्षेत्र में एमिटी और मोनाश विश्वविद्यालय के मध्य साझेदारी को शुरू करना और डयूल डिग्री, संयुक्त डिग्री, टिवनिंग प्रोग्राम और अन्य संकाय गतिशीलता और अनुसंधान क्षेत्रों के लिए मौजूदा साझेदारी सहित नई शिक्षा नीति 2020 के अन्य प्रावधानों पर चर्चा करना था।

मोनाश विश्वविद्यालय के चीफ कोर्सवर्क ऑफिसर डा ग्रेगरी क्यूसैक ने संबोधित करते हुए कहा कि मोनाश विश्वविद्यालय और एमिटी विश्वविद्यालय के आपसी सहयोग से दोनो संस्थानों को छात्रों को शोध एवं प्रयोगिक अनुभव का वैश्विक अनावरण प्राप्त होगा। डा क्यूसैक ने कहा कि हम मनोविज्ञान के क्षेत्र में संयुक्त शोध, छात्रों के आवागमन एवं सेंटर स्थापित करने पर विचार कर रहे है।

मोनाश विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ साइकोलॉजिकल सांइसेस के प्रमुख प्रो शांता राजात्नम ने कहा कि मनोविज्ञान से जुडी समस्याओं को लोग अनदेखा करते है जिससे हमारी कार्यप्रणाली व उत्पादकता पर भी असर पड़ता है। हमें मुख्य समस्याओं पर ध्यान केन्द्रीत करते हुए उसके निवारण हेतु कार्य करना होगा। एमिटी और मोनाश विश्वविद्यालय के मध्य हुई आर्टिकुलेशन साझेदारी को अधिक सजग बनाना होगा। दोनो संस्थानों के छात्रों को मनोविज्ञान के क्षेत्र में शोध कार्य के लिए संलग्न किया जाना चाहिए। आज किशोरों और युवाओं को अवसाद, चिंताओं जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है वे खुलकर अपनी समस्याओं किसी के साथ साझा नही करते क्योकि मानसिक समस्याओें के कई भ्रांतिया जुड़ी होती है। इस वैश्विक समस्या के निवारण हेतु सहयोगात्मक रूप से मिलकर काम करने की आवश्यकता है।

एमिटी ग्रुप वाइस चांसलर डा गुरिंदर सिंह ने कहा कि एमिटी विश्वविद्यालय ने मोनाश विश्वविद्यालय के साथ एक मजबूत सहयोग विकसित किया है और पहले ही प्रबंधन, सूचना प्रौद्योगिकी, इंजिनियरिंग, प्रबंधन और मनोविज्ञान डोमेन मे ंआर्टिक्यूलेशन समझौते पर हस्ताक्षर किये गये है। एमिटी और मोनाश विश्वविद्यालय, मनोविज्ञान के क्षेत्र में नए स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रम विकसित करेगें, छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करने के साथ इंर्टनशिप के अवसर भी प्रदान करेगें जिससे शैक्षणिक वृद्धि होगी और छात्र शोध की ओर अग्रसर होगे। मनोविज्ञान एक गंभीर मुद्दा है और यह व्यक्ति की व्यक्तिगत समस्या नही है बल्कि एक समाजिक समस्या है। कोरोना से पूर्व लोग मानिसक समस्या के प्रति जागरूक कम थे लेकिन कोरोना के उपरांत लोगों में जागरूकता बढ़ी है। हम समाज के लिए कुछ करना चाहते है इसलिए मोनाश व एमिटी के आपसी सहयोग से सेंटर की स्थापना करने और मनोविज्ञान के क्षेत्र में शोध को बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।

इस अवसर पर प्रतिनिधमंडल ने एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ साइकोलॉजी एंड एलाइड सांइसेस के शिक्षकों से मुलाकात भी की और एमिटी परिसर का भ्रमण भी किया। कार्यक्रम में इंटरेनशनल अफेयर डिविजन के डिप्टी डायरेक्टर रियर एडमिरल आलोक भटनागर भी उपस्थित थे।