बच्चों के बौद्धिक एवं आध्यात्मिक विकास के लिए इस्कॉन नॉएडा में कल्चरल कैम्प का हुआ आयोजन

बच्चों के बौद्धिक एवं आध्यात्मिक विकास के लिए इस्कॉन नॉएडा में कल्चरल कैम्प का हुआ आयोजन

नोएडा। ग्रीष्मावकाश के अवसर पर बच्चों के बौद्धिक एवं आध्यात्मिक विकास के लिए दिनाँक 23 जून से 26 जून तक इस्कॉन नॉएडा में एक कल्चरल कैम्प का आयोजन किया गया। इस कल्चरल कैम्प में 5 वर्ष से 15 वर्ष की आयु के लगभग 125 बच्चों ने भाग लिया तथा भगवान् का विशेष आशीर्वाद प्राप्त किया। कैम्प का आयोजन प्रतिदिन मन्दिर के पूर्णत: वातानुकुलित सुधर्मा हॉल में प्रात: 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक किया गया। सभी प्रतिभागियों का स्वागत तिलक द्वारा होता था। कैम्प में भाग लेने वाले सभी बच्चों को इस कलियुग में कृष्ण बलराम के अवतार श्री श्री गौर निताई के बारे में बताया गया। सभी बच्चे कीर्तन के साथ हरि बोल बोल कर नृत्य करते हुए झूमते थे।

इस अवसर पर बच्चों को तुलसी का पौधा तथा कीर्तन करने के लिए करताल  भेंट की गयी। सभी बच्चों ने तुलसी देवी का श्रृंगार करना सीखा एवं विभिन्न प्रकार के वाल हैंगिंग्स बनाये और श्री श्री गौर निताई की अद्भुत कथाओं का आनन्द उठाया। कैम्प के अन्तिम दिन सभी प्रतिभागियों ने भगवान् श्री कृष्ण की अलग-अलग लीलाओं का वर्णन अपने अद्भुत नृत्य और नाटक के द्वारा इस्कॉन नोएडा के ऑडिटोरियम में किया। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों के माता-पिता ने भी कार्यक्रम का आनन्द लिया और अपने बच्चों को निखरते हुए देखा। इस्कॉन के संस्थापकाचार्य श्रील प्रभुपाद की यह हार्दिक इच्छा थी कि सम्पूर्ण समाज में, विशेष रूप से बच्चों में कृष्णभावनामृत का प्रचार प्रसार हो। प्रभुपाद के इसी स्वप्न को साकार करने के लिए तथा भारत की इस महान् विरासत को बच्चों को सौंपने के लिए इस्कॉन नोएडा द्वारा इस कैम्प का आयोजन किया गया।

कैम्प की तैयारी के लिए मन्दिर से जुड़े भक्त विगत एक माह से तैयारी में लगे हुए थे। प्रतिदिन सभी बच्चों को भर पेट प्रसाद वितरित किया गया जिसमें बच्चों ने भगवान् को अर्पित विभिन्न प्रकार के व्यञ्जनों का आस्वादन किया। कुल मिलाकर कैम्प अत्यन्त उत्साहपूर्वक तथा सफल रहा। मन्दिर प्रशासन सभी प्रतिभागियों एवं उनके माता पिता का धन्यवाद करता है तथा सभी से अनुरोध करता है कि भारत की इस संस्कृति को आगे आने वाली पीढ़ी को देने के लिए इस्कॉन का सहयोग करें।