कर्मचारियों के बेहतर मानसिक स्वास्थ्य से ही होगी आ​र्थिक तरक्की - मनीष गुप्ता

कर्मचारियों के बेहतर मानसिक स्वास्थ्य से ही होगी आ​र्थिक तरक्की - मनीष गुप्ता

नोएडा। भारत को विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में सरकार काम कर रही है, लेकिन यह तब ही संभव हो पाएगा जब कार्यस्थलों पर कर्मचारियों को बेहतर माहौल मिलने लगेगा। प्रतिस्पर्धा के दौर में शारीरिक स्वास्थ्य की तरह मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियां सामने आ रही हैं। इन चुनौतियों को नजरंदाज नहीं किया जा सकता। नोएडा के सेक्टर-5 में काउंसेल इंडिया एनजीओ की ओर से आयोजित दीक्षांत समारोह को संबो​धित करते हुए  इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) नोएडा चैप्टर के चेयरमैन मनीष गुप्ता ने यह विचार साझा किए। 

 उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले कार्यस्थल पर कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया जाता था, लेकिन वर्तमान में इसकी जरूरत महसूस की जाने लगी है। कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता में निर्विवाद बदलाव आया है। कर्मचारी मानसिक स्वास्थ्य लाभ की उम्मीद करते हैं और नियोक्ता भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं। कर्मचारी को सिर्फ कर्मचारी मानकर व्यवहार करने की जगह कंपनी का अहम हिस्सा मानना चाहिए। कर्मचारी को अपनेपन का अहसास होगा तो उसके उसकी मानसिक दशा ठीक रहेगी और इसका सीधा असर कार्यक्षमता पर दिखाई देगा। कॉरपोरेट्स और कंपनियों में कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत समय-समय पर प्र​शिक्षण दिया जाना आवश्यक है। साथ ही, दिन में दो घंटे व्यायाम करने और मदिरापान से दूर रहने की नीति पर कार्य किया जाना चाहिए।  

काउंसेल इंडिया मानसिक कल्याण के लिए जमीनी स्तर पर एक साथ काम करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों, निगमों और गैर सरकारी संगठनों के साथ हाथ मिलाया। दीक्षांत समारोह के बाद शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुखों, मानव संसाधन पेशेवरों, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनि​धियों ने पैनल चर्चा की। रेडक्रॉस सोसाइटी गाजियाबाद के अध्यक्ष डॉ. सुभाष गुप्ता और हे​ल्पिंग हैंड्स  की उपाध्यक्ष संगीता ने महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला। संस्था के सह-संस्थापक ​शिवम दी​क्षित ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य भारत में मानसिक स्वास्थ्य चिकित्सकों के समक्ष आ रही कठिनाइयों पर चर्चा करना है। कार्यक्रम में कॉरपोरेट एचआर सोमानी सेरेमिक बीजू सेबे​स्टियन ने भी अपने विचार साझा किए।