व्यावसायिक प्रशिक्षण से लेकर विविध समुदायों तक: गोदरेज एंड बॉयस के सीएसआर प्रभाव से भारत में लाखों लोग हुए लाभांवित

व्यावसायिक प्रशिक्षण से लेकर विविध समुदायों तक: गोदरेज एंड बॉयस के सीएसआर प्रभाव से भारत में लाखों लोग हुए लाभांवित

मुंबई: गोदरेज समूह की प्रमुख कंपनी गोदरेज एंड बॉयस (जीएंडबी) ने अपनी कॉरपोरेट सामाजिक उत्‍तरदायित्‍व (सीएसआर) के तहत 2023 में हासिल की गईं उपलब्धियों की घोषणा की है। राष्ट्र निर्माण में दृढ़ प्रतिबद्धता और महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर आधारित, इसकी पहल रोजगार और सामुदायिक विकास सुनिश्चित करने पर आधारित हैं। आशाजनक क्षेत्रों और व्यापारों पर अपने रणनीतिक जोर के अनुरूप, कंपनी ने पिछले दशक में अपनी कौशल पहलों पर 18 करोड़ रुपए खर्च किए। इस निवेश से प्रारंभिक राशि का छह गुना सामाजिक रिटर्न हासिल हुआ है।

जीएंडबी की कौशल विकास पहल, दिशा (DISHA) कंपनी की व्‍यावसायिक जरूरतों के अनुरूप व्‍यावसायिक प्रशिक्षण को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें बिक्री से लेकर तकनीकी पहलु तक के क्षेत्र शामिल हैं। 88 व्‍यावसायिक प्रशिक्षण संस्‍थानों (वीटीआई) और 22 राज्‍यों में 24 सरकारी व्‍यावसायिक प्रशिक्षण संस्‍थानों के साथ भागीदारी करने के साथ, दिशा की प्रमुख विशेषता में विशेष प्रशिक्षण सत्र शामिल हैं, जो बिक्री, सेवा, इंटीरियर्स, भवन निर्माण, विनिर्माण, तकनीकी प्रशिक्षण और डिजिटल कौशल पर ध्‍यान केंद्रित करते हैं। मार्च, 2023 तक दिशा कार्यक्रम ने अपने लक्षित राज्‍यों में 1.79 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया है।

डिजिटल कौशल कार्यक्रम में रोबोटिक्‍स और ऑटोमेशन, बिजनेस एनालिटिक्‍स और डैशबोर्डिंग से लेकर डिजिटल मार्केटिंग और ई-कॉमर्स तक पाठ्यक्रमों की एक विस्‍तृत श्रृंखला शामिल है। तकनीकी पाठ्यक्रम इंजीनियरिंग छात्रों के लिए है, जबकि अन्‍य सभी पाठ्यक्रम सभी नए स्‍नातकों के लिए सुलभ हैं। इस कार्यक्रम की महत्‍वपूर्ण विशेषता इसका ऑन-साइट प्रशिक्षण है, जो प्रशिक्षुओं को अपने सैद्धांतिक ज्ञान को व्‍यावहारिक रूप से लागू करने में सक्षम बनाता है, जिससे उनके बीच अपने चुने हुए क्षेत्र की व्‍यापक समझ सुनिश्चित होती है।

अश्विनी देवदेशमुख, हेड, सीएसआर, गोदरेज एंड बॉयस, ने गोदरेज एंड बॉयस के सीएसआर दृष्टिकोण के बारे में बोलते हुए कहा, “गोदरेज एंड बॉयस में, हम 'साझा मूल्‍य' के दर्शन में बहुत अधिक विश्‍वास करते हैं, जो सामाजिक उन्‍नति के साथ व्‍यावसायिक सफलता को सहजता से जोड़ता है। लोकाचार के केंद्र में हमारा प्रमुख सीएसआर कार्यक्रम दिशा और हमारे विनिर्माण केंद्रों के आसपास समुदायों को टिकाऊ बढ़ावा देने की हमारी प्रतिबद्धता है। दिशा के जरिये, हमने व्‍यावसायिक प्रशिक्षण के माध्‍यम से भविष्‍य के लिए तैयार और रोजगार योग्‍य कार्यबल तैयार करने के लिए समर्पित गैर-लाभकारी संगठनों और सामाजिक संगठनों के साथ हाथ मिलाया है। समुदायों को सशक्‍त बनाने और संस्‍था-निर्माण को बढ़ावा देकर, हम न केवल अवसर प्रदान करते हैं बल्कि समुदाय के सदस्‍यों में स्‍वामित्‍व की भावना भी पैदा करते हैं। यह सह-विकास और पारस्‍परिक प्रगति की भावना है, जो वास्‍तव में हमारे दृष्टिकोण का सही प्रतिनिधित्‍व करती है।”

कंपनी ने 6 राज्‍यों के 24 गांवों में 8 स्‍थानों पर वंचित, ग्रामीण समुदायों के समग्र विकास के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए हैं। हमारे प्रमुख कार्य क्षेत्र में शिक्षा और स्‍वास्‍थ्‍य बुनियादी ढांचे में सुधार, ग्रामीण आजीविका और महिलाओं के नेतृत्‍व वाले उद्यमों को मजबूत बनाना और पानीं की पहुंच बढ़ाना शामिल है।

जीएंडबी की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता 46 स्‍कूलों में बुनियादी ढांचे में सुधार के परिवर्तनकारी प्रयासों से स्‍पष्‍ट होती है। महाराष्‍ट्र में, 18 स्‍कूलों को डिजिटल रूप से सक्षम बनाया गया है और यहां बिजली की आपूर्ति पूरी तरह से सौर ऊर्जा के माध्‍यम से की जा रही है। इतना ही नहीं, सर्वांगीण पाठ्यक्रम के लिए विशेष शिक्षण कार्यक्रम, स्‍टेम शिक्षण और कराडी पाठ अंग्रेजी पाठ्यक्रम को पेश किया गया है। इसके अलावा, स्‍कूल के बुनियादी ढांचे का विस्‍तार करके, कक्षा अनुपात में सुधार के माध्‍यम से शिक्षक-छात्र बातचीत पर अधिक ध्‍यान केंद्रित किया जा रहा है।

कंपनी की सामुदायिक पहल का केंद्र बिंदु महिलाओं का सशक्तिकरण है। अबतक 5000 से ज्‍यादा महिलाएं इसकी सामुदायिक विकास पहलों से लाभान्वित हो चुकी हैं। 160 से ज्‍यादा स्‍वयं सहायता समूहों का गठन और पोषण करके, जीएंडबी ने ग्रामीण अर्थव्‍यवस्‍था में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के लिए मार्ग प्रशस्‍त किया है, जिससे उन्‍हें अपनी आय में उल्‍लेखनीय वृद्धि करने में मदद मिली है।
कंपनी ने महाराष्‍ट्र के खालापुर और शिरवाल क्षेत्रों में 4 प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्रों में चिकित्‍सा उपकरण और बुनियादी ढांचे के उन्‍नयन में सहायता प्रदान कर सामुदायिक कल्‍याण के प्रति अपने समर्पण को भी रेखांकित किया है। इन केंद्रों में टीबी का पता लगाने की क्षमताओं और परिवार नियोजन के लिए समर्पित ऑपरेशन थिएटर उपलब्‍ध कराए गए हैं।

अपनी "बियोंड द फेंस” पहल के माध्‍यम से, जीएंडबी ने 10 करोड़ (100 मिलियन) लीटर से अधिक पानी की बचत करते हुए, कई ग्रामीण समुदायों के लिए जल सुरक्षा का समर्थन किया है। इसका चमकदार प्रमाण प्रतिदिन 100,000 किलोलीटर से अधिक अपशिष्‍ट जल का उपचार और लगभग 7.9 करोड़ लीटर की संयुक्‍त क्षमता वाले तालाबों का कायाकल्‍प है। इसके अतिरिक्‍त, जीएंडबी ने छह गांवों में भंडारण टैंक का निर्माण किया है और चेक डेम स्‍थापित किए हैं, जो अनगिनत लीटर वर्षा जल के संचयन की सुविधा प्रदान करते हैं। खालापुर, महाराष्‍ट्र में वाटर-फ‍िल्‍ट्रेशन यूनिट का उद्देश्‍य पानी से जुड़े स्‍वास्‍थ्‍य मुद्दों, जैसे स्‍थानीय आबादी के बीच किडनी स्‍टोन की समस्‍या, को हल करना है। जल संरक्षण के प्रति कंपनी का समग्र दृष्टिकोण न केवल तात्‍कालिक जरूरतों को पूरा करता है बल्कि एक स्‍थायी भविष्‍य की भी  कल्‍पना करता है।

जीएंडबी की बहुआयामी सीएसआर पहल इसकी महत्वाकांक्षा की एक व्यापक तस्वीर पेश करती है। कंपनी आने वाले वर्षों में व्यावसायिक विकास के साथ सामाजिक प्रगति को सहजता से एकीकृत करने के लिए अपने बहु-आयामी पहलों को मजबूत करना जारी रखेगी।