एमिटी और टर्मिनल बैलिस्टिक अनुसंधान प्रयोगशाला के मध्य समझौता पत्र पर हुआ हस्ताक्षर

एमिटी और टर्मिनल बैलिस्टिक अनुसंधान प्रयोगशाला के मध्य समझौता पत्र पर हुआ हस्ताक्षर

नोएडा। एमिटी विश्वविद्यालय की शिक्षण एवं अनुसंधान से प्रभावित होकर चंडीगढ के टर्मिनल बैलिस्टिक अनुसंधान प्रयोगशाला (टीआरबीएल) के प्रतिनिधिमंडल ने आज एमिटी विश्वविद्यालय का दौरा किया। इस प्रतिनिधिमंडल में चंडीगढ के टर्मिनल बैलिस्टिक अनुसंधान प्रयोगशाला के निदेशक प्रो प्रतीक किशोर के नेतृत्व में टीआरबीएल के डा पी के सोनी, डा पाल दिनेश कुमार, डा इंदर पाल संधु और श्री विजय कुमार शामिल थे जिनका स्वागत एमिटी साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फांउडेशन के अध्यक्ष डा डब्लू सेल्वामूर्ती द्वारा किया गया। इस अवसर पर आपसी हित के विभिन्न सहयोगी अनुसंधान एवं विकास गतिविधियंा को लागू करने के लिए एक समझौता पत्र हस्ताक्षर भी किया गया जिसका उददेश्य संयुक्त अनुसंधान और सहयोग, संयुक्त कार्यशालाएं, संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रम पीएचडी और औपचारिक संस्थागत कार्यक्रमों के लिए संयुक्त पर्यवेक्षण करना है।

चंडीगढ के टर्मिनल बैलिस्टिक अनुसंधान प्रयोगशाला के निदेशक प्रो प्रतीक किशोर ने कहा कि टीआरबीएल, डीआरडीओ ंके प्रमुख टेक्नोलॉजी क्लस्टर में शामिल है। उन्होनें कहा कि किसी भी क्षेत्र में अनुसंधान और विकास को ज्ञान द्वारा समर्थित होना चाहिए जो कि एमिटी विश्वविद्यालय के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने का उददेश्य है। अनुसंधान व विकास विभिन्न विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों से प्राप्त ज्ञान पर आधारित है जो विषय पर अंतदृष्टी प्रदान कर सकते है और हमें यकीन है इस सहयोग के माध्यम से हम अपने ज्ञान के आधार को बढ़ाने मे सक्षम होगें और एमिटी शोधकर्ता हमारे अनुसंधान एंव विकास प्रणाली में साझेदार बनेगें। शैक्षणिक संस्थानों को आगे आना चाहिए और नए विचारों का मंथन करना चाहिए, वैज्ञानिकों के साथ सहयोग करना चाहिए और कदम दर कदम एक मजबूत नींव प्रदान करनी चाहिए।

एमिटी साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फांउडेशन के अध्यक्ष डा डब्लू सेल्वामूती ने संबोधित करते हुए कहा कि हमें विभिन्न क्षेत्रों में सहयोगात्मक अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों को लागू करने लिए टर्मिनल बैलिस्टिक अनुसंधान प्रयोगशाला के साथ समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करते हुए प्रसन्नता हो रही है। यह एमओयू पारस्परिक हित के साथ राष्ट्रीय प्रसांगिकता को बहु विषयक वैज्ञानिक और तकनीक मुद्दों को संबोधित करेगा।

इस कार्यक्रम के दौरान चंडीगढ के टर्मिनल बैलिस्टिक अनुसंधान प्रयोगशाला के निदेशक प्रो प्रतीक किशोर ने ‘‘टीबीआरएल का परिचय - भारतीय सशस्त्र बलों की सेवा में भूमिका, जिम्मेदारी और जनादेश’’ पर व्याख्यान दिया। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने एमिटी विश्वविद्यालय की प्रयोगशालाओं आदि का दौरा भी किया।