गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के मकसद से शारदा यूनिवर्सिटी द्वारा यूजीसी-मान्यता प्राप्त ऑनलाइन कोर्सेस की शुरुआत

गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के मकसद से शारदा यूनिवर्सिटी द्वारा यूजीसी-मान्यता प्राप्त ऑनलाइन कोर्सेस की शुरुआत

दिल्ली : उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पिछले करीब तीन दशकों से देश के अग्रणी संस्थानों में एक शारदा यूनिवर्सिटी, नोएडा ने दिल्ली के ली मेरिडियन होटेल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कई ऑनलाइन कोर्सेस की शुरुआत की, जो ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से हाल ही में मिली मंजूरी के बाद शारदा यूनिवर्सिटी ने छात्रों और कामकाजी लोगों के लिए शिक्षा हासिल करने के नए रास्ते खोले हैं, जिसके जरिए वो अपनी पढ़ाई और अपने काम के बीच संतुलन बनाते हुए अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।

यूजीसी के रेगुलेशन 22 के तहत किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी द्वारा ऑनलाइन डिग्री कोर्स की वैल्यू, ऑन कैंपस मोड के कोर्स के बराबर है। ‘शारदा ऑनलाइन’ के ऑनलाइन कोर्सेस इस तरीके से डिजाइन किये गए हैं जिससे छात्रों को उनमें व्यापक शिक्षण अनुभव मिलेगा और सीखने के नए अवसर पैदा होंगे। वीकेंड में लाइव ऑनलाइन क्लास, रिकॉर्डेड वीडियो लेक्चर, सेल्फ लर्निंग मटीरियल, असाइनमेंट, चर्चा मंच और इंडस्ट्री ड्रिवन प्रोजेक्ट के जरिए छात्र अपने चुने हुए फील्ड में ज्ञान और उत्कृष्टता प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, अत्याधुनिक लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) के जरिए छात्रों और शिक्षकों के बीच संवाद को बढ़ाने में मदद मिलती है और इस सिस्टम के जरिए कुछ वैसा ही अनुभव होता है जैसे क्लास में बैठकर सीखने पर होता है।

शारदा यूनिवर्सिटी के चांसलर पी. के. गुप्ता ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, "हमारा मानना है कि प्रत्येक छात्र को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने और सफल करियर बनाने का हक है। हमारे ऑनलाइन कोर्सेस का उद्देश्य छात्रों को उच्च शिक्षा में आने वाली बाधाओं को दूर करना है। वे अपने घर बैठे उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं और शिक्षा की गुणवत्ता से उन्हें कोई समझौता भी नहीं करना पड़ेगा।”

इसके अलावा, ‘शारदा ऑनलाइन’ अपने ऑनलाइन कोर्सेस को ऑन कैंपस कोर्सेस की तर्ज पर ही महत्व देती है यानी दोनों कोर्सेस को बराबर महत्व देना यूनिवर्सिटी की जिम्मेदारी है। शारदा यूनिवर्सिटी कई कोर्सेस ऑफर करती है जिनमें एमबीए, एम.कॉम और एमसीए जैसे स्नातकोत्तर कोर्सेस और बीबीए, बीसीए और बीए (ऑनर्स) में स्नातक कोर्सेस शामिल हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करना हर छात्रा का अधिकार है, इसे ध्यान में रखते हुए यूनिवर्सिटी ने यूजीसी द्वारा उच्च शिक्षा में हाल के सुधारों को अपनाया है। इस फैसले से छात्र अपने अपने घरों में बैठकर अपने टारगेट को आराम से पूरा कर सकते हैं और इसके लिए ना तो उन्हें इधर उधर जाने की जरूरत है और ना ही अलग से पैसे खर्च करने की।

शारदा यूनिवर्सिटी छात्रों को वास्तविक दुनिया की व्यावसायिक चुनौतियों से निपटने में तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। NAAC A+ ग्रेड से मान्यता प्राप्त, शारदा यूनिवर्सिटी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए प्रसिद्ध है।

शारदा यूनिवर्सिटी के प्रो चांसलर वाई. के. गुप्ता ने कहा "हमारे ऑनलाइन कोर्सेस से छात्रों को न केवल ज्ञान प्राप्त होगा बल्कि वास्तविक दुनिया के परिदृश्यों को समझने के लिए सशक्त बनने में भी उन्हें इससे मदद मिलेगी। तकनीकी, वैश्विक स्तर पर पहुंच, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, क्रिटिकल रीजनिंग और बिजनेस कम्युनिकेशन स्किल्स के सामंजस्य से हम छात्रों को आज के डायनामिक बिजनेस लैंडस्केप के लिए तैयार करते हैं।“

सीखने के लिए समग्र दृष्टिकोण पर जोर देते हुए, शारदा यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर डॉक्टर सिबाराम खारा ने कहा, शारदा ऑनलाइन के ऑनलाइन कोर्सेस के साथ, छात्र न केवल सीखते हैं बल्कि वैश्विक मंच पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालने के लिए भी तैयार होते हैं। कुछ नया सीखने की ललक, क्रिटिकल थिंकिंग और छात्रों में अनुकूलन का माहौल बनाकर शारदा यूनिवर्सिटी भविष्य के लिए अच्छे नागरिक तैयार करने का लक्ष्य रखती है ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।“