स्वच्छता और विकास तन का नहीं मन का होना चाहिए- विधायक वीरेंद्र यादव

स्वच्छता और विकास तन का नहीं मन का होना चाहिए- विधायक वीरेंद्र यादव

गाजीपुर मनिहारी विकास खण्ड अन्तर्गत चौकङी गांव मे श्रीमती महाराजी देवी व जगराम यादव के स्मृति दिवस के अवसर पर विभुती सम्मान समारोह व कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।

ईस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सपा विधायक डॉ वीरेंद्र यादव रहे और विशिष्ट अतिथि पूर्व कुलपति हरिकेश सिंह रहे। इस मौके पर डॉक्टर वीरेंद्र यादव ने स्वर्गीय महराजी देवी और स्वर्गीय जगराम यादव के चित्र पर पुष्प अर्पित कर इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया और 101 गरीबों को कंबल वितरण करते हुए कहा कि माता-पिता का सम्मान ही हमारे संस्कार को दर्शाता है जिसने हमें जन्म दिया उनका मान और वैभव हम सर्व समाज के साथ मिलकर बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं तो एक ना एक दिन इस अच्छे कार्यों का माता पिता के आशीर्वाद से हमें लाभ मिलता है जिस तरह से तमाम संसाधन होने के बाद भी आज हम संस्कार से दूर दिखाई दे रहे लेकिन अगर कहे तो विकास सबसे पहले मन दिल का होना चाहिए सम्मान सिर्फ जुबान से नहीं बल्कि दिल से होना चाहिए मां-बाप हमारे शिक्षक है जो इस दुनिया को दिखाने का हमें काम करते हैं प्रथम पाठशाला के रूप में हमे ज्ञान देते हैं। इस मौके पर कवि सम्मेलन में गौरीशंकर सरस ने अपनी लाइन में कहा कि (आईना जबसे सवरने लगा है रूप बदरंग उसका निखरने लगा है)

जिसे सुनकर लोगों ने खूब तालिया बजाया।

कवि जैनुल आबदीन की

 दर्द के गांव में प्यार की छांव में जिंदगी को सदा गीत बनकर जियो,

 जो हमसे मिला एक गम दे गया

 प्यार की टूटी हुई कलम दे गया

 को सुनकर लोगों की आंखें भर आई। इस मौके पर कवि और लेखक वरिष्ठ पत्रकार धीरेंद्र नाथ श्रीवास्तव के द्वारा लिखित अच्छा भी हो सकता है किताब का विमोचन हुआ आयोजक रमेश यादव ने आए हुए कवियों को और सम्मानित सदस्यों को माल्यार्पण के साथ अंग वस्त्र और किताब देकर सम्मानित किया।

इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व कुलपति हरिकेश सिंह लोकप्रिय यूट्यूबर और समाजसेवी ब्रज भूषण दुबे, पूर्व विधायक अमिताभ अनिल दुबे कामेश्वर नाथ द्विवेदी, दिनेश शर्मा, मोहन शर्मा ,पंकज प्रखर युवा कवि, पूर्व जिला पंचायत सदस्य रमेश यादव, राकेश यादव प्रधान ,राम नारायण यादव पूर्व जिला पंचायत सदस्य रामनारायण यादव,गौरीशंकर सरस, डॉक्टर एम ए खालिद, रामाश्रय सिंह चौहान प्रधान मौजूद रहे कार्यक्रम की अध्यक्षता धीरेंद्र नाथ श्रीवास्तव और संचालन अच्छय पांडेय ने किया।