कुश्ती कोच को पड़ा दिला का दौरा, समय पर एंजियोप्लास्टी से बची जान

कुश्ती कोच को पड़ा दिला का दौरा, समय पर एंजियोप्लास्टी से बची जान

नोएडा। अखाड़े में कोचिंग के दौरान एक कुश्ती कोच को दिल का दौरा पड़ गया। आनन-फानन में उसे इलाज के लिए फेलिक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां समय पर कार्डियोलॉजिस्ट द्वारा एंजियोप्लास्टी किए जाने के कारण कारण कुश्ती कोच की जान बची है। फेलिक्स हॉस्पिटल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ सिद्धार्थ सम्राट का कहना है कि राजस्थान का 26 वर्षीय कोच ग्रेटर नोएडा के अखाड़े में 14 मार्च को प्रशिक्षण दे रहा था। सुबह 11 बजे से अचानक से सीने में दर्द उठा।

पहले तो कुश्ती कोच को लगा कि उन्हें गैस्ट्रिक समस्या है और इसे नजरअंदाज कर दिया। लेकिन जब सीने का दर्द कम नहीं हुआ तो वह अपने नजदीकी अस्पताल में गए। जहां ईसीजी की गई। जांच में धड़कन तेज होने के साथ दिल का दौरा पड़ने का संकेत मिला। इसके बाद रात करीब 11 बजे फेलिक्स अस्पताल में पहुंते। रात में अस्पताल के इंटरवेंशन कार्डिलॉजिस्ट ने ईसीजी के साथ एंजियोग्राफी की। जांच में हाई थ्रोम्बस के साथ हृदय की धमनियों में रुकावट का संकेत मिला। तुरंत ही डॉ. सिद्धार्थ सम्राट एंजियोप्लास्टी की गई। प्रक्रिया में डेढ़ घंटे का समय लगा। मरीज की हालत में सुधार होने पर 16 मार्च को मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया।

 यह सौभाग्य की बात है कि कुश्ती कोच को तुरंत चिकित्सा सुविधा मिल गई। अन्यथा जान को खतरा हो सकता है। हार्ट अटैक के बढ़ते हुए मामले के पीछे सबसे बड़ा कारण खराब लाइफस्टाइल, नींद पूरी न होना, खराब डाइट, चीनी की ओवर इटिंग, एक्सरसाइज न करना बताया जाता है। बदलता खान-पान और धूम्रपान के कारण युवा भी दिल की बीमारी से ग्रस्त नजर आ रहे हैं। आज कल आए दिन हार्ट अटैक के मामले सामने आ रहे है। यह एक गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है  सबसे हैरान कर देने वाली बात यह है कि कोरोना महामारी के बाद से खासकर युवाओं में हार्ट अटैक के मामले ज्यादा बढ़े है। सबसे परेशान करने वाली बात यह है कि हार्ट अटैक जिसके पड़ने की एवरेज उम्र 60 थी। आज के समय में वह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है और यह सबसे ज्यादा चिंता का विषय है। आजकल हार्टअटैक के मरीजों की संख्या बढ़ गई। अब ऐसे भी मरीज सामने आ रहे है कि जिनकी उम्र 40 से कम है। यह काफी आश्चर्यजनकर है। 

युवाओं को बॉडीबिल्डिंग के लिए एनाबॉलिक स्टेरॉयड, ग्रोथ हार्मोन या प्रोटीन जैसे मादक द्रव्यों का सेवन नहीं करना चाहिए। हार्ट अटैक से बचाव के लिए जीवनशैली में बदलाव जरूरी है। धूम्रपान, शराब, चीनी का सेवन कम करें। बीपी, शुगर, कोलेस्ट्राल, मोटापा नियंत्रित रखे। आजकल बीपी, शुगर, कोलेस्ट्राल, मोटापा हार्ट अटैक का कारण बनता है। स्वस्थ रहने के लिए साइकिल चलाने के साथ  जॉगिंग और तैराकी जैसी एरोबिक एक्सरसाइज करनी चाहिए। सप्ताह में कम से कम पांच दिन तीस मिनट की मध्यम तीव्रता वाली एरोबिक व्यायाम करना चाहिए। अगर किसी भी व्यक्ति के सीधे या उल्टे हाथ में अचानक से दर्द होने लगे, उसको घबराहट के साथ तेज पसीना आए, तो ऐसे सभी लोगों को संबंधित एक्सपर्ट के पास दिखाना चाहिए। सीने में दर्द पैर या बांह में दर्द टखने में सूजन हृदय की धड़कन का अनियमित होना। सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक थकान या बेहोशी को नजरंदाज नहीं करें।