भीषण गर्मी से डायरिया और हीट वेव के मरीजों की संख्या पांच गुना बढ़ी - डॉ दानिश भट्ट
फेलिक्स हॉस्पिटल में इमरजेंसी सहित अलग लाइन और बेड की गई व्यवस्था, डॉक्टरों ने बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी
नोएडा। जनपद में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और हीट वेव का असर अब लोगों की सेहत पर भी तेजी से दिखाई देने लगा है। सरकारी और निजी अस्पतालों में डायरिया, उल्टी, दस्त, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्थिति यह है कि जहां पहले प्रतिदिन दो से तीन मरीज डायरिया की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचते थे। वहीं अब यह संख्या बढ़कर करीब 15 से 20 तक पहुंच गई है। इनमें बच्चे, बुजुर्ग और वयस्क सभी शामिल हैं।
फेलिक्स हॉस्पिटल के डॉ दानिश भट्ट के अनुसार तेज धूप, शरीर में पानी की कमी, दूषित खानपान और लंबे समय तक गर्म वातावरण में रहने के कारण लोग तेजी से बीमार हो रहे हैं। खासतौर पर दोपहर के समय बाहर निकलने वाले लोग अधिक प्रभावित हो रहे हैं। छोटे बच्चों और बुजुर्गों में संक्रमण और डिहाइड्रेशन का खतरा ज्यादा देखा जा रहा है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए फेलिक्स हॉस्पिटल ने विशेष व्यवस्था शुरू की है। अस्पताल प्रशासन की ओर से इमरजेंसी विभाग में हीट वेव और डायरिया के मरीजों के लिए अलग लाइन बनाई गई है। साथ ही अतिरिक्त बेड भी आरक्षित किए गए हैं ताकि मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके। अस्पताल में ओआरएस, ग्लूकोज और जरूरी दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इस समय सबसे ज्यादा परेशानी डिहाइड्रेशन की सामने आ रही है। शरीर में पानी और नमक की कमी होने पर कमजोरी, चक्कर, उल्टी, दस्त और बेहोशी जैसी स्थिति बन जाती है। कई मरीजों को तेज बुखार और पेट में संक्रमण की शिकायत के साथ भर्ती करना पड़ रहा है। गर्मी में खुले में बिकने वाले कटे फल, बासी खाना और दूषित पानी डायरिया का सबसे बड़ा कारण बन रहे हैं। सड़क किनारे मिलने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन संक्रमण का खतरा बढ़ा रहा है। वहीं तेज धूप में लंबे समय तक रहने से शरीर का तापमान बढ़ जाता है। जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा पैदा हो जाता है।
बच्चों और बुजुर्गों को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता है। जिन लोगों को पहले से मधुमेह, ब्लड प्रेशर या हृदय संबंधी बीमारी है, उन्हें गर्मी में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, ओआरएस का सेवन करना और हल्का भोजन करना जरूरी है। जरूरी है कि सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक तेज धूप में निकलने से बचें। बाहर निकलते समय सिर को कपड़े या टोपी से ढकें और लगातार पानी पीते रहें। घर का ताजा भोजन खाएं और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से दूरी बनाकर रखें। बच्चों को बाहर खेलने भेजने से पहले पर्याप्त पानी पिलाएं। यदि किसी व्यक्ति को लगातार दस्त, उल्टी, तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी या चक्कर आने की शिकायत हो तो तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए। लापरवाही बरतने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।
मौसम सामान्य होने तक हीट वेव और डायरिया मरीजों के लिए विशेष निगरानी जारी रहेगी। चिकित्सकों की अतिरिक्त टीम भी तैनात की गई है। मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।


