सरकार के द्वारा जनरल कैटागरी को अछूत बनाने की कोशिश क्यों हो रही है?
लेखक परिचय : संजीव पुरी (वरिष्ठ भाजपा नेता)
डिप्टी चेयरमैन - पंजाबी विकास मंच
पूर्व आरडब्ल्यू अध्यक्ष - सेक्टर 56 नोएडा
नोएडा। भारतीय जनता पार्टी अपने नियमों और असूलों में चलने वाली पार्टी थी जिस पार्टी ने कभी भी सत्ता में आने के लिए अपराधियों का साथ नहीं लिया फिर चाहे उस समय अटल जी और आडवाणी जी ने एक सीट के लिए भी समझौता नहीं किया। हिन्दुत्ववादी विचारधारा वाली पार्टी जहाँ जातिवाद के नाम पर कहीं भी समझौता नहीं किया जाता था।
भाजपा का मतलब था हिन्दू राष्ट्र, भाजपा की पहचान थी हिन्दुओं को एक करना ना कि हिंदुओं को जातिवाद में बांटना। भाजपा के एजेंडे में था Population Control Act. और Uniform Civil Court (UCC) परन्तु 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने 'सुभाष काशीनाथ महाजन मामले' में SC/ST एक्ट के तहत तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी और प्राथमिक जांच अनिवार्य की थी। इसके विरोध के बाद, भाजपा सरकार ने उसी साल संसद में संशोधन कानून लाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलट दिया और सख्त प्रावधान (बिना जांच गिरफ्तारी, नो अग्रिम जमानत) बहाल कर दिए और अब University Grants Commission (UGC) के नियमो को बदलने का विचार भाजपा में क्यों और कहाँ से आया? पहले (2012 के नियम): भेदभाव-विरोधी नियम मुख्य रूप से SC और ST छात्रों के लिए थे और ये नियम रेग्युलेटरी थे पहले हर पीड़ित पक्ष की सुनवाई होती थी। (2026 के नए नियम): नए नियमों में OBC कैटेगरी को भी शामिल किया गया और अब ये नियम मैंडिट्री और सख्त हो गए हैं। अब केवल SC/STऔर OBC वर्ग को ही सुना जाएगा चाहे वो सही हो या गलत। जिसके कारण जनरल कैटेगरी के छात्रों में भेदभाव और असुरक्षा की भावना बढ़ेगा।
अब NEET में भी 2021 से भाजपा सरकार ने SC/ST वर्ग के साथ OBC वर्ग का भी आरक्षण कर दिया है।
भाजपा सरकार के द्वारा हम जनरल कैटागरी को अछूत बनाने की कोशिश क्यों हो रही है? इसका क्या उद्देश्य है?
भाजपा के तो कोर वोटर हमेशा से ही जनरल कैटिगरी के रहे हैं। फिर जनरल कैटेगरी को नाराज करके यूजीसी के द्वारा एक कैटेगरी को खुश करने के लिए इस तरह के नियम क्यों लाए जा रहे हैं जिसके कारण भाजपा का कोर वोटर नाराज हो रहा है जनरल कैटेगरी को ऐसा क्यों लग रहा है कि वह ठगे से गए उनके साथ विश्वासघात हो रहा है।
शायद भाजपा को पूर्ण विश्वास है कि जनरल कैटिगरी के लोग हमेशा की तरह चुप रहेंगे और आने वाले समय में भाजपा का ही साथ देंगे, क्योंकि जनरल कैटेगरी के पास भाजपा को छोड़कर कोई दूसरा विकल्प नहीं है परन्तु भाजपा को जनता जनार्दन को अंडर एस्टीमेट नहीं करना चाहिए ।
लेकिन मैं व्यक्तिगत रूप से मानता हूँ कि भाजपा को एक बार इस विषय पर विचार करना चाहिए ऐसा न हो कि भाजपा के साथ आगा चल और पीछा छोड़ की कहावत सही हो जाए।
मैं भाजपा से पूछना चाहता हूं कि हम (जनरल कैटेगरी) ने आपको सत्ता में लाने के लिए अपना पूरा जीवन न्यौछावर कर दिया तो क्या उसका परिणाम हमें इस तरह से बेइज्जत करके दिया जाएगा।


