सेक्टर-150 के निवासियों ने बुलंद की आवाज, रजिस्ट्री से लेकर बुनियादी सुविधाओं तक उठाए अहम मुद्दे

सेक्टर-150 के निवासियों ने बुलंद की आवाज, रजिस्ट्री से लेकर बुनियादी सुविधाओं तक उठाए अहम मुद्दे

नोएडा के कथित पॉश कहे जाने वाले सेक्टर-150 के निवासियों ने बुलंद की आवाज, रजिस्ट्री से लेकर बुनियादी सुविधाओं तक उठाए अहम मुद्दे, विभिन्न प्रमुख स्थानों पर दीप प्रज्वलित कर संदेश दिया कि शासन-प्रशासन भी समस्याओं के अंधकार से निकलकर समाधान के प्रकाश की ओर बढ़े

पूरे सेक्टर-150 को स्वच्छ, सुरक्षित, सुंदर और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से यहां के निवासियों ने 31 अक्टूबर को एक सामूहिक पहल की। कार्यक्रम के दौरान सेक्टर के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर दीप प्रज्वलित किए गए। इस प्रतीकात्मक पहल के माध्यम से निवासियों ने शासन-प्रशासन को संदेश दिया कि जिस प्रकार दीप अंधकार को दूर कर प्रकाश फैलाता है, उसी प्रकार नागरिक समस्याओं के समाधान के लिए भी ठोस कदम उठाए जाएं और क्षेत्र को विकास के प्रकाश की ओर ले जाया जाए।

दीप प्रज्वलन के पश्चात निवासियों ने ‘Voice of Noida Sector 150’ नामक डायरी में अपने क्षेत्र की समस्याएं, अनुभव और सुझाव दर्ज किए।

इस पहल में फ्लैटों की रजिस्ट्री का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया, जो पूरे सेक्टर के निवासियों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। इसके साथ ही आंतरिक सड़कों की मरम्मत, सीवर एवं जल निकासी व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, मोबाइल नेटवर्क, पार्कों और ग्रीन एरिया का विकास, भगत सिंह पार्क का जीर्णोद्धार, मुख्य प्रवेश द्वार का सौंदर्यीकरण, अनधिकृत अतिक्रमण तथा छुट्टा पशुओं की समस्या भी उठाई गई।

निवासियों ने आवासीय परियोजनाओं के बीच स्थित सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी स्पष्ट करने और शाम के बाद सुनसान मार्गों पर सुरक्षा एवं पर्याप्त रोशनी सुनिश्चित करने की मांग भी की। निवासियों का कहना था कि सेक्टर में मुख्य सड़कें तो बन रही हैं लेकिन अंदर की सड़कें बहुत खराब स्थिति में हैं जिन पर अथॉरिटी कोई ध्यान नहीं दे रही है 

डायरी में दर्ज समस्याओं और सुझावों को एक विस्तृत दस्तावेज के रूप में संकलित कर संयुक्त ज्ञापन के साथ नोएडा प्राधिकरण एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा जाएगा। निवासियों ने सभी संबंधित विभागों के संयुक्त निरीक्षण, समयबद्ध कार्ययोजना, स्पष्ट जवाबदेही और नियमित निगरानी के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने की मांग की है।

इस पहल में डॉ. वंदना सिंह, समीर सैनी, संदीप कुमार, कल्पना, संगीता त्यागी, आशीष पाल, सविता, विशाल यादव, तपस बनर्जी, स्वप्नेश डाक, प्रमोद सारस्वत, हर्षित दीक्षित, श्री बत्रा, नीरू सैनी, रोहित कुमार, मनीष, अश्विनी, कृष्णा जायसवाल, विभा सहित अनेक निवासी शामिल रहे।

निवासियों का कहना है कि यह पहल केवल शिकायत दर्ज कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि सेक्टर की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन और नागरिकों के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करने का प्रयास है।