नैतिक एआई गवर्नेंस पर 9वें वार्षिक तकनीकी सम्मेलन ‘इनफिनिटी 2026’ का आयोजन
एमिटी विश्वविद्यालय के एमिटी बिजनेस स्कूल द्वारा ‘‘नैतिक एआई गवर्नेंस - एक टिकाऊ और समावेशी भविष्य के लिए बुद्धिमान पारिस्थितिकी तंत्र’’ विषय पर 9वें वार्षिक तकनीकी सम्मेलन ‘‘इनफिनिटी 2026’’ का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव मोहम्मद वाई सफिरुल्ला के, ने इंडियन ऑइल कोरपोरेशन लिमिटेड (इंस्टीटयूशनल कोरपोरेशन) के जनरल मैनेजर गिरिश सरदाना, आईबीएम के टेक्नीकल कम्यूनिटी लीडर की फील्ड सीटीओ सुश्री गीता गुरनानी, एमिटी विश्वविद्यालय के एडिशनल प्रो वाइस चांसलर डा संजीव बंसल द्वारा छात्रों को प्रोत्साहित किया गया।
सम्मेलन में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री मोहम्मद वाई. सफिरुल्ला के, ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में निरंतर सीखते रहना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि पिछले 2-3 वर्षों में बाजार और कार्यक्षेत्र में व्यापक बदलाव आए हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ स्वास्थ्य, कृषि एवं अन्य क्षेत्रों की भी समझ विकसित करनी चाहिए तथा स्वयं कुछ नया सृजन करने की मानसिकता अपनानी चाहिए।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस दौर में जीवन के प्रति समग्र दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। प्रत्येक स्तर पर नैतिक मूल्यों को महत्व देते हुए किफायती एवं सुलभ समाधानों के विकास पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही, किसी भी क्षेत्र में गहन ज्ञान और विशेषज्ञता हासिल करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार बहुत कम समय में मिलने वाली सफलता टिकाऊ नहीं होती, इसलिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए और अपने प्रत्येक प्रयास में नैतिक मूल्यों को शामिल करना चाहिए। विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए सफिरुल्ला ने कहा कि विकास की यात्रा लंबी होती है और बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए उनकी प्रतिस्पर्धा किसी दूसरे से नहीं, बल्कि स्वयं से होनी चाहिए।
इंडियन ऑइल कोरपोरेशन लिमिटेड (इंस्टीटयूशनल कोरपोरेशन) के जनरल मैनेजर गिरिश सरदाना ने कहा कि व्यापार में एआई प्रौद्योगिकी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है किंतु हमे उसकी विश्वसनियता पर भी ध्यान देना होगा। आज एआई, हमारी अर्थव्यवस्था से जुड़ रहा है और समावेशी भविष्य में बुद्धिमान पारिस्थितिकी तंत्र में नैतिक एआई गवर्नेस का विशेष महत्व है। ईमानदारी के बिना बुद्धिमत्ता जोखिम है। आप युवा छात्र एआई का निर्माण कर रहे है, एआई पर आधारित है इसलिए यह आवश्यक है कि एआई में नैतिकता को समझे। तीन प्रमुख क्षेत्र प्रथम प्रश्न एआई, गर्वनेंस एआई और जिम्मेदार एआई को समझना होगा। एआई को नवाचार का इंजन बनाना होगा तभी विकसित भारत का लक्ष्य हासिल होगा।
एमिटी विश्वविद्यालय के एडिशनल प्रो वाइस चांसलर डा संजीव बंसल ने अतिथियांे का स्वागत करते हुए कहा कि ‘‘इनफिनिटी एक दृष्टिकोण है और इसका कोई अंत नही है। आज सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में बृहद बदलाव हो रहे है एआई जैसी नई तकनीकी अपने साथ नई चुनौती लेकर आ रही है। छात्रों को नैतिक एआई गर्वनेंस के महत्व को बताते हुए इसके टिकाउ और समावेशी भविष्य में योगदान की जानकारी देने के लिए इस सम्मेलन का आयोजन किया गया है। तकनीकी केवल तभी तक महत्वपूर्ण है जब उसका नैतिक उपयोग हो।
आईबीएम के टेक्नीकल कम्यूनिटी लीडर की फील्ड सीटीओ सुश्री गीता गुरनानी ने कहा कि प्रबंधन के छात्र होने के बावजूद आप सभी के लिए तकनीकी आवश्यक है इसलिए आपको गर्वनेंस एआई और बिजनेस एआई दोनो को साथ लेकर चलना होगा। आपको सीखना चाहिए कि एआई का उपयोग औद्योगिक संर्दभ में कैसे करे। एआई मॉडल पारदर्शी हो और अगर परिणाम गलत हो तो उसकी जवाबदेही तय करनी होगी। आज भारत एआई अधिनियम से कुछ माह की दूरी पर है और कई औद्योगिक क्षेत्रों ने एआई को आत्मसात कर लिया है। उन्होनें छात्रों से कहा कि एआई से आ रही नई चुनौतियों, अपने कार्यक्षेत्र में उपयोग, एथिक्स बोर्ड गर्वनेंस, आदि क्षेत्रों ध्यान केन्द्रीत करें।
9वें वार्षिक तकनीकी सम्मेलन ‘‘इनफिनिटी 2026’’ के ंअंर्तगत दो परिचर्चा सत्रों का आयोजन किया गया। जिसमें ‘‘नैतिक एआई से आगे - भरोसेमंद एजेंटिक एआई और स्वायत्त बुद्धिमान प्रणालियों का निर्माण’’ विषय पर आधारित प्रथम परिचर्चा सत्र मंें हिताची डिजिटल के एआई और नवाचार के चीफ श्री संजीव आज़ाद, विप्रो के ग्लोबल प्रैक्टिस हेड एंव जनरल मैनेजर श्री सिद्धार्थ मुखर्जी, जियो बिजनेस क्लाउड डाटा एंड एआई के व्यापार एवं उत्पाद प्रमुख्स श्री कमलजीत सिंह और टीक्यू र्सेट प्राइवेट लिमिटेड के रिजनल हेड - नार्थ श्री अतुल कुमार श्रीवास्तव ने अपने विचार रखे।
द्वितीय परिचर्चा सत्र का आयोजन ‘‘बुद्धिमान इकोसिस्टम का संचालन - एआई के दौर में नीति, जवाबदेही और टिकाऊ नवाचार’’ विषय पर किया गया जिसमें एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड के एंटरप्राइज रिस्क मैनेजमेंट के उपाध्यक्ष श्री विजय आनंद, एओन हेविट के इंजीनियरिंग डायरेक्टर श्री सनमान परवलकर, जेनपैक्ट के डिजिटल सेल्सफोर्स एप्लिकेशन आर्किटेक्ट, असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट की सुश्री रश्मि टंडन और एचसीएलटेक के एआई आधारित मार्केटिंग सॉल्यूशंस और सर्विसेज के डायरेक्टर श्री शुभम गोयल ने अपने विचार व्यक्त किये।
इस अवसर पर फरीदाबाद के अमृता इंस्टीटयूट ऑफ मेडिकल साइंसेस एंड रिर्सच सेंटर के मेडिकल सुप्रिटेंडेंट एयर वाइस मार्शल डा आशुतोष शर्मा, इनसेंप्ट डाटा सॉल्युशन के अध्यक्ष श्री सौरभ अरोरा और इनफिनिटी 2026 की सह अध्यक्ष एमिटी बिजनेस स्कूल की प्रोफेसर लखविंदर कौर ढिल्लों और सह अध्यक्ष डा विजित चतुर्वेदी ने अपने विचार व्यक्त किये।


