फोर्टिस ग्रेटर नोएडा में 67-वर्षीय मधुमेह रोगी को समय पर सही उपचारमिलने सेपैर कटने से बचा

ग्रेटर नोएडा: फोर्टिस हॉस्पीटल ग्रेटर नोएडा ने 67-वर्षीय मधुमेह रोगी के पैर में गंभीर किस्म के घाव का सफल उपचार कर उनका पैर कटने से बचा लिया है। मरीज पिछले कई वर्षों से मधुमेह रोगी थे और उनके बाएं पैर में गंभीर इंफेक्शन के साथ-साथ अल्सर पनप गया था। अस्पताल के डॉ मनीष निगम, कंसल्टेंट, जनरल एंड मिनीमल एक्सेस सर्जरी, फोर्टिस हॉस्पीटल ग्रेटर नोएडा के नेतृत्व में इस मामले का उपचार कर रही टीम ने हाइ-रिस्क एंप्यूटेशन से बचाव के लिए आधुनिक चिकित्सा के लाभ को रेखांकित किया है।

उक्त मरीज को अनियंत्रित मधुमेह की वजह से पैदा हुए गंभीर और ठीक न होने वाले (नॉन-हीलिंग) अल्सर के अलावा अन्य कई जटिलताओं के इलाज के लिए फोर्टिस हॉस्पीटल ग्रेटर नोएडा में भर्ती कराया गया था। लेकिन गंभीर इंफेक्शन और ऊतकों को पहुंची गहरी क्षति (टिश्यू डैमेज) को देखते हुए, उनका पैर काटे जाने का जोखिम काफी ज्यादा था।

फोर्टिस हॉस्पीटल ग्रेटर नोएडा में डॉ मनीष निगम की देखरेख में, गहन और अत्याधुनिक इलाज प्रक्रिया शुरू की गई। डॉ निगम ने टिश्यू रीजेनरेशन और इंफेक्शन कंट्रोल के लिएचार-सप्ताह तक के लिए गहन इलाज शुरू किया। इसके तहत बार-बार घाव को साफ करने के बाद ड्रेसिंग की गई, प्लेटलेट डिराइव्ड ग्रोथ फैक्टर (पीडीजीएफ) ग्रेन्युल्स, जो कि कोशिकाओं की वृद्धि और ऊतक निर्माण को उत्प्रेरित करने वाली अत्याधुनिक तकनीक है, तथा घावों को भरने की सहज प्रक्रिया को तेज करती है, का इस्तेमाल किया गया। चार सप्ताह में ही, अल्सर पूरी तरह से भर गया, और मरीज का पैर भी काम करने लगा, परिणामस्वरूप उसे काटने की जरूरत नहीं रह गई।

इस मामले की और जानकारी देते हुए, डॉ मनीष निगम, कंसल्टेंट, जनरल एंड मिनीमल एक्सेस सर्जरी, फोर्टिस हॉस्पीटल ग्रेटर नोएडाने कहा, डायबिटिक फूट अल्सर और अन्य संबंधित इंफेक्शन जैसे सेल्युलाइटिस की वजह से काफी खतरा बढ़ जाता है और समय पर

सही तरीके से उपचार नहीं करने के कारण कई बार अंगों को काटने की मजबूरी भी होती है। लेकिन इस मामले में, पीडीजीएफ और कोलेजन ग्रेन्यूल्स जैसी लक्षित रीजेनरेटिव थेरेपी की मदद से, हम मरीज के इस जटिल घाव को नियंत्रित कर पूरी तरह से ठीक करने में सफल रहे। इससे न सिर्फ मरीज के पैर को कटने से बचाना संभव हुआ बल्कि एडवांस सर्जिकल एवं मेडिकल तकनीकों की मदद से उनकी मोबिलिटी और लाइफ क्वालिटी भी बेहतर बनाने में सफलता मिली है।”

सिद्धार्थ निगम, फेसिलिटी डायरेक्टर, फोर्टिस हॉस्पीटल ग्रेटर नोएडा ने कहा, इस मामले ने डायबिटिक और ठीक न होने वाले चुनौतीपूर्ण घावों के उपचार के लिए फोर्टिस ग्रेटर नोएडा में उपलब्ध विशेषज्ञता को प्रदर्शित करते हुए, यह सुनिश्चित किया कि मरीज को समय पर एडवांस उपचार मिले ताकि उनका पैर बचाया जा सके।”