मात्रात्मक एवं गुणात्मक शोध पर शिक्षक विकास कार्यक्रम का समापन
नोएडा। बिरला प्रौद्योगिकी संसथान नॉएडा ने आज मात्रात्मक एवं गुणात्मक शोध पर शिक्षक विकास कार्यक्रम का समापन समारोह का आयोजन किया। दो सप्ताह तक चले इस कार्यक्रम में समकालीन रिसर्च के कई विषयों को शामिल किया गया, जिसमें रिसर्च डिज़ाइन, प्रश्नावली और स्केल डेवलपमेंट, रिसर्च गैप की पहचान के लिए विद्यमान साहित्य का व्यवस्थित पुनरीक्षण, मेंडेले सॉफ्टवेयर का उपयोग द्वारा सन्दर्भ सूची का प्रबंधन, जैमोवी गुणात्मक समंकों का विश्लेषण, मेटा एनालिसिस, ईऍफ़ए, सीऍफ़ए, सेम, एनवीवो आधारित कंटेंट एनालिसिस, केस मेथड, डेल्फी तकनीक, ग्राउंडेड थ्योरी, डिस्कोर्स एनालिसिस, और ज़ीरो-कोडिंग क्वालिटेटिव रिसर्च टूल पर भी विशेष ज़ोर दिया गया, सही जर्नल के चयन, प्रीडेटरी जर्नल की पहचान, स्कोपस-इंडेक्स्ड जर्नल के लिए रिसर्च पेपर लिखने, और रिसर्च और मूल्यांकन में नैतिकता पर सत्रों ने प्रतिभागियों को उच्च-गुणवत्ता वाले अकादमिक प्रकाशन में व्यावहारिक जानकारी प्रदान की।
इस कार्यक्रम में प्रमुख संस्थानों के जाने-माने शिक्षाविदों और विशेषज्ञों को एक साथ लाया गया, जिससे सैद्धांतिक गहराई और व्यावहारिक अनुभव के बीच संतुलन सुनिश्चित हुआ। संस्थान के निदेशक प्रो विकास त्रिपाठी ने कहा कि कार्यक्रम उच्च शिक्षा संस्थानों की बढ़ती शोध की आवश्यकताओं के अनुरूप था और नइ शिक्षा नीति 2020 के अनुसार शिक्षाविदों की क्षमता के निर्माण में योगदान करता है एवं बी आई टी की शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध नवाचार, और शिक्षक विकास के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक प्रो शंकर लाल गुप्ता ने कहा कि आज के युग में मात्रात्मक एवं गुणात्मक शोध डॉक्टरेट रिसर्च, शोध पत्र प्रकाशन एवं शैक्षणिक कैरियर में आगे बढ़ने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम में गणित विभाग बी आइ टी मेसरा रांची के विभागाध्यक्ष डॉ पीयूष तिवारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक डॉ. अरुण मित्तल और डॉ. निकेत मेहता, प्राध्यापक डॉ सुपर्णा दत्ता, डॉ विभा काव रैना एवं शोधार्थी अंकिता दास को प्रोत्साहन पत्र प्रदान किए गए।


