शीरोज़ हैंगआउट कैफ़े में मनाया गया इंडियन ऑयल पाइपलाइन्स डे 2026, सर्वाइवर्स के सशक्तिकरण पर रहा फोकस

शीरोज़ हैंगआउट कैफ़े में मनाया गया इंडियन ऑयल पाइपलाइन्स डे 2026, सर्वाइवर्स के सशक्तिकरण पर रहा फोकस

नोएडा। छांव फ़ाउंडेशन द्वारा संचालित शीरोज़ हैंगआउट कैफ़े, नोएडा में बुधवार को इंडियन ऑयल पाइपलाइन्स डे 2026 का आयोजन गरिमामय वातावरण में किया गया। यह आयोजन एसिड अटैक सर्वाइवर्स के सशक्तिकरण, पुनर्वास और सम्मानजनक आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।

शीरोज़ हैंगआउट एक सर्वाइवर-नेतृत्व वाला सामाजिक उद्यम है, जो एसिड अटैक सर्वाइवर्स को आत्मनिर्भर बनाने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कार्य करता है। ऐसे स्थान पर इंडियन ऑयल पाइपलाइन्स डे का आयोजन, सामाजिक समावेशन और कॉर्पोरेट सामाजिक ज़िम्मेदारी के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस अवसर पर इंडियन ऑयल पाइपलाइन्स के वरिष्ठ नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में शामिल प्रमुख गणमान्य अतिथियों में शैलेश तिवारी (एक्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर प्रभारी), आशुतोष कुमार मेहता (एक्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर कंस्ट्रक्शन), अमित दासगुप्ता (एक्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर ऑपरेशंस), मनीष बोटके (एक्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर प्रोजेक्ट्स PJ), मोहुआ एम. बसु (एक्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर मार्केटिंग एवं कमर्शियल्स), राजीव राजन (एक्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर मानव संसाधन), प्रसून कुमार मिश्रा (एक्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन) तथा श्री एम.एस. श्रीकांत (सीनियर मैनेजर सीएसआर) शामिल रहे।

कार्यक्रम के दौरान सर्वाइवर-नेतृत्व वाली पुनर्वास एवं आजीविका पहलों पर विशेष चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि संस्थानों और सामाजिक संगठनों की साझेदारी से ही समावेशी विकास को मजबूती मिल सकती है। एसिड अटैक सर्वाइवर्स के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी रोजगार के अवसर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम हैं।

शीरोज़ हैंगआउट कैफ़े में इंडियन ऑयल पाइपलाइन्स डे का आयोजन, गरिमा, साहस, संवेदनशीलता और दीर्घकालिक सामाजिक प्रभाव के प्रति साझा संकल्प का प्रतीक बनकर उभरा। यह पहल न केवल कॉर्पोरेट सामाजिक ज़िम्मेदारी का उदाहरण है, बल्कि समाज के वंचित वर्गों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण को भी दर्शाती है।