दिल्ली शिक्षक भर्ती पर बड़ा फैसला: परीक्षा तिथियाँ रद्द होंगी, पुराने नियम लागू होंगे — आशीष सूद

दिल्ली के शिक्षक अभ्यर्थी कल जारी की गई परीक्षा तिथियों से अत्यंत निराश एवं हताश हैं। इसका प्रमुख कारण यह है कि अब तक सभी संबंधित अधिकारियों एवं शिक्षा मंत्री द्वारा लगातार यह आश्वासन दिया जाता रहा कि पिछली सरकार की गलत नीतियों अथवा प्राप्त हुई गलत सूचनाओं के आधार पर वर्ष 2025 की जो अधिसूचना जारी हुई है, उसे शीघ्र बदला जाएगा और किसी भी दिल्लीवासी के साथ भाजपा सरकार अन्याय नहीं होने देगी।
(इस संबंध में आशीष सूद जी के फेसबुक हैंडल पर 9 अक्टूबर को जारी वीडियो को भी देखा जा सकता है।)

इसके अतिरिक्त, इसी बुधवार को जब सैकड़ों अभ्यर्थियों ने उनसे भेंट की, तब भी उनका रुख यही था। किंतु शुक्रवार को अचानक विभाग द्वारा परीक्षा तिथियां प्रकाशित कर दी गईं, जिससे यह प्रतीत होता है कि कुछ अधिकारी न तो मंत्रियों और न ही जनप्रतिनिधियों की बात को गंभीरता से ले रहे हैं और अपने तानाशाही रवैये से वर्तमान भाजपा सरकार की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं।

आज अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल के तीन दल—एक दल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष  वीरेंद्र सचदेवा जी से, दूसरा दल शिक्षा मंत्री आशीष सूद से तथा तीसरा दल माननीय मुख्यमंत्री से मिला। इन सभी बैठकों में अभ्यर्थियों को यह स्पष्ट रूप से आश्वस्त किया गया कि *जारी की गई परीक्षा तिथियों को निरस्त किया जाएगा तथा PRT, TGT एवं PGT में पूर्व की भांति आयु-सीमा को बहाल किया जाएगा।

साथ ही, 1980 के दशक से महिलाओं को दी जा रही 10 वर्ष की आयु-छूट को भी दिल्ली में यथावत बनाए रखा जाएगा। भाजपा सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह किसी भी पूर्ववर्ती सरकार की गलत नीतियों को आगे नहीं बढ़ाएगी तथा पिछली सरकार द्वारा बनाए गए त्रुटिपूर्ण R&R (भर्ती एवं सेवा नियम) को भी शीघ्र संशोधित किया जाएगा।

दिल्ली के शिक्षक अभ्यर्थियों को भरोसा है कि भाजपा सरकार अपने वचनों पर खरा उतरेगी और न्यायसंगत निर्णय लेकर उनके भविष्य को सुरक्षित करेगी।