इस्कॉन ने भव्यता और भक्ति भाव के साथ मनाया 12वाँ स्थापना दिवस

इस्कॉन ने भव्यता और भक्ति भाव के साथ मनाया 12वाँ स्थापना दिवस

नोएडा : इस्कॉन नोएडा में नित्यानंद त्रयोदशी तथा इस्कॉन नोएडा का 12वाँ स्थापना दिवस (ब्रह्मोत्सव) का उत्सव अत्यंत भव्यता और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर मंदिर की सजावट और आध्यात्मिक कार्यक्रमों ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया और इस मंदिर का लोकार्पण आज से ठीक 12 वर्ष पूर्व नित्यानन्द त्रयोदशी के पावन अवसर पर किया गया था। 

बता दें कि नित्यानन्द प्रभु को भगवान बलराम का अवतार माना जाता है। जिस प्रकार द्वापर में बलराम जी ने कृष्ण का साथ दिया ठीक उसी प्रकार कलयुग में चैतन्य महाप्रभु के साथ नित्यानन्द प्रभु ने 'हरि नाम' के माध्यम से धर्म की स्थापना की और परम पूज्य लोकनाथ स्वामी महाराज ने इस दिन को इसलिए चुना ताकि श्रील प्रभुपाद की शिक्षाओं के अनुरूप नोएडा के हर घर तक कृष्ण भक्ति पहुँचाई जा सके।

प्रमुख उपलब्धियाँ!
पिछले 12 वर्षों में मंदिर ने दो प्रमुख स्तंभों पर ध्यान केंद्रित किया है पहला फूड फॉर लाइफ (Food for Life) हज़ारों ज़रूरतमंदों को शुद्ध सात्विक भोजन का वितरण किया और भगवद गीता और वेदों के ज्ञान के माध्यम से लोगों के जीवन में आध्यात्मिक शांति लाना।

हरे कृष्ण" के कीर्तन से गुंजायमान रहा इस्कॉन-
सुबह 10 बजे भगवान का पंचगव्य (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर) तथा ताजे फलों के रसों से अभिषेक किया गया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर "हरे कृष्ण" के कीर्तन से गुंजायमान रहा और इस्कॉन नोएडा में श्रील प्रभुपाद के शिष्य परम पूज्य नवयोगेन्द्र स्वामी महाराज ने बताया कि नित्यानंद प्रभु करुणा के अवतार हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विश्व शांति के लिए कृष्ण भक्ति का प्रचार अनिवार्य है और दोपहर 12:30 बजे महाआरती हुई, जिसमें भगवान को 108 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। भगवान ने इस अवसर पर विशेष रूप से तैयार की गई नई पोशाक धारण की थी और कीर्तन के दौरान भक्तों ने झूमकर नृत्य किया और उत्सव का आनंद लिया।