टेडेक्स एमिटी विश्वविद्यालय नोएडा के चतुर्थ संस्करण में वक्ताओं ने छात्रों को सशक्त बनने के लिए किया प्रेरित

टेडेक्स एमिटी विश्वविद्यालय नोएडा के चतुर्थ संस्करण में वक्ताओं ने छात्रों को सशक्त बनने के लिए किया प्रेरित

छात्रों को भारत की समृ़द्व संास्कृतिक विरासत की जानकारी देने सहित उनकी प्रगतिशील सोच को जिम्मेदार नेतृत्व बनाने के लिए ‘‘ रूट टू राइज़ - विकसित भारत के स्थायी भविष्य के लिए विरासत के साथ युवाओं को सशक्त बनाना’’ विषय पर टेडेक्स एमिटी विश्वविद्यालय नोएडा के चतुर्थ संस्करण का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रौद्योगिकी, मनोरंजन, डिजाइन आदि क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले 12 वक्ताओं और कलाकारों ने छात्रों को जानकारी प्रदान की। एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला एमिटी विश्वविद्यालय के एडिशनल प्रो वाइस चांसलर डा संजीव बंसल और एमिटी विश्वविद्यालय की स्टूडेंट सपोर्ट एंड अकादमीक अफेयर की डीन डा अल्पना कक्कर ने अतिथियों का स्वागत किया।

एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि युवा, विकसित भारत 2047 की रीढ़ की हड्डी है और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उनको सशक्त बनाना आवश्यक है। इसके लिए छात्रों को मात्र ज्ञान देना ही जरूरी नही बल्कि उनको अनुसंधान, रचनात्मकता, विचार करने की क्षमता के साथ युवा मस्तिष्को को तकनीकी के विरासत की पुर्नव्याख्या के लिए तैयार करना होगा।

टेडेक्स एमिटी विश्वविद्यालय नोएडा के अंर्तगत राष्ट्रीय स्तर पर प्रख्यात ओडिसी नृत्यंागना सुश्री अनन्या जुगाड़े (13 वर्ष उम्र ) ने कहा कि मुझसे अक्सर लोग पूछते है कि मैने 2000 वर्षो पुराना नृत्य सीखने का चयन क्यो किया। क्या एक आधुनिक लड़की सही अर्थो में प्राचीन पंरपराओं को समझती है। मेरा जवाब होता है कि परंपरा एक बंद संग्रहालय नही है बल्कि यह संचार की भाषा है।  नृत्य के दौरान मै एक प्रस्तुतकर्ता नही रहती बल्कि परंपराओं और आधुनिकता के मध्य का सेतु बन जाती हूं। स्थायी भविष्य के लिए आगे देखते रहने के साथ अपनी परंापराओं से जुड़ना आवश्यक है। इस अवसर पर सुश्री जुगाड़े ने ओडिसी नृत्य भी प्रस्तुत किया।

बीसीसीआई कोच और पूर्व क्रिकेटर सुश्री वैशाली माथुर ने अपनी कहानी सुनाई और जीवन में सफलता पाने के लिए लचीलापन और दृढ़ता बनाए रखने का संदेश देते हुए कहा कि बेहतरीन दिनो को अच्छा बनाने के लिए बुरे दिनों से लड़ना पड़ता है। मेरे परिवार ने मुझ पर भरोसा किया जिसने मुझे सफल होने में सहायक बना। एक समय में यह सोचा जाता था कि क्रिकेट लड़को का खेल है लेकिन मेरी इच्छापरिवार और कोच का सहयोग इस परिवर्तन के भागी बने। उन्होनें कहा कि जिस समय आपने चुनौतियों से हार मान ली वही आपकी हार निश्चित हो जाती है इसलिए कभी हार ना माने।

ग्लोबल मांइड योगा थिरेपीस्ट सुनैना रेखी ने स्वस्थ और विकसित भारत के लिए योग के महत्व बताते हुए कहा कि अगर हम परिवर्तन चाहते है तो मस्तिष्क और शरीर के मध्य के जुड़ाव को समझना होगा। योग के जरीए दर्द को त्यागना होगा। एक बहुत बड़ा भ्रम है कि भावनाये आपके केवल मस्तिष्क में होती है यह आपके शरीर मे ंभी होती है। दर्द आपसे एक प्रश्न पूछता है कि क्या आप हकीकत में अपनी शरीर को समझते है या सिर्फ सुनते है।

एमिटी विश्वविद्यालय की स्टूडेंट सपोर्ट एंड अकादमीक अफेयर की डीन डा अल्पना कक्कर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए यह परिवर्तन केवल संरक्षण के लिए नही है बल्कि नवाचार के लिए भी जो भूतकाल का आदर करता है और भविष्य को आकार देता है। यह कार्यक्रम हमारे युवाओं के सपनों को सशक्त बनाने में सहायक होगा।

इस अतिरिक्त टेडेक्स एमिटी विश्वविद्यालय नोएडा में प्रख्यात कलाकार मोहन ब्रदर्स ने अपने सितार और सरोद जुगलबंदी से शानदार प्रस्तुती दी। मिस यूनिवर्स सेकंड रनर अप, मिस चार्म 2025 महक ढींगरा ने सपनों को पूरा करने के लिए अपने समर्पण, प्रतिबद्धता और दृढ़ता की कहानी से सभी को प्रेरित किया। जलवायु कार्यकर्ता सुश्री नव्या ने पृथ्वी को बचाने के अपने विचारों से प्रेरित किया, टेंपल हेरिटेज एक्सप्लोरर टेंपल गर्ल सुश्री नम्रता ने आध्यात्मिक कहानी सुनाई, कॉनवांटो की संस्थापक सुश्री वंदना तोलानी ने विकसित भारत के लिए सही निवेश और आर्थिक विकास के महत्व को बताया। भारत 6जी एंलायंस के महानिदेशक श्री राजेश कुमार पाठक ने देश की इंटरनेट उन्नती के संर्दभ में जानकारी दी। राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित एंकर और प्रस्तुतकर्ता सुश्री कल्पना मिश्रा ने पब्लिक स्पीकिंग और कम्युनिकेशन के महत्व के बारे में बताया। युवा नवोन्मेषक एवं इंडस्ट्रियल सुश्री कोमल पांडा और आर्किटेक्ट श्री आकाश निधि झा ने डिजाइन और इनोवेशन के प्रति अपने जुनून को साझा किया।