इंटर्नशाला ने अपनी वार्षिक छात्रवृत्ति ‘इंटर्नशाला कॅरियर स्‍कॉलरशिप फॉर गर्ल्‍स – 2023 की घोषणा की 

इंटर्नशाला ने अपनी वार्षिक छात्रवृत्ति ‘इंटर्नशाला कॅरियर स्‍कॉलरशिप फॉर गर्ल्‍स – 2023 की घोषणा की 

दिल्ली। कॅरियर-टेक प्‍लेटफॉर्म इंटर्नशाला ने अपनी वार्षिक छात्रवृत्ति ‘इंटर्नशाला कॅरियर स्‍कॉलरशिप फॉर गर्ल्‍स (आईसीएसजी)- 2023’ की घोषणा की है। आईसीएसजी 25,000 रूपये का एक वार्षिक पुरस्‍कार है, जो उस लड़की को सम्‍मानित करने के लिए दिया जाता है, जिसने किसी भी क्षेत्र जैसे कि एकेडमिक्‍स, स्‍पोर्ट्स, आर्ट्स, आदि में अपने सपनों का कॅरियर बनाने के लिये विपरीत हालातों से लड़ाई की है। यह छात्रवृत्ति चुने गये क्षेत्र में इंटर्नशिप या किसी परियोजना के लिये एक भत्‍ते और विशिष्‍ट प्रशिक्षण कार्यक्रम, विशेष उपकरण, आदि के लिये भुगतान के तौर पर दी जाएगी। 

आईसीएसजी छात्रवृत्ति के लिये योग्‍यता हेतु आवेदक लड़कियों की राष्‍ट्रीयता भारतीय होनी चाहिये और वे 17 से 23 वर्ष के आयु समूह की होनी चाहिये (31 दिसंबर, 2022 तक) और उन्‍हें 15 जनवरी 2023 तक आवेदन फॉर्म भरना होगा। आवेदनों की छंटनी चार मापदण्‍डों के आधार पर की जाएगी, जिनमें विपरीत हालातों से लड़ने का भाव, उपलब्धि, उद्देश्‍य और आवश्‍यकता शामिल हैं। छात्रवृत्ति के लिये आवेदन करने हेतु छात्राओं को यह फॉर्म भरना है और अपने कॅरियर के बारे में बताना है।

आवेदन प्रक्रिया के तीन चरण हैं-

ऑनलाइन फॉर्म- आवेदन जमा करना।
इंटरव्‍यू- टेलीफोनिक इंटरव्‍यू के लिये एक शॉर्ट-लिस्‍ट घोषित की जाएगी और इंटरव्‍यू लिये जाएंगे। आवेदकों से इंटरव्‍यू के पहले सभी जरूरी दस्‍तावेज और प्रमाण प्रस्‍तुत करने के लिये कहा जाएगा।
रेफर करने वाले (रिफरी) की जाँच- इंटरव्‍यू के बाद रिफरी (फॉर्म में बताया गया) से सत्‍यापन के लिये संपर्क किया जाएगा, जिसके बाद अंतिम विजेता का चयन और घोषणा होगी।

यह छात्रवृत्ति संयोग से निर्भया (दिल्‍ली की बलात्‍कार पीड़िता) की मौत की दर्दनाक घटना की याद में शुरू की गई है, क्‍योंकि इस दिन (29 दिसंबर) को इंटर्नशाला की वर्षगांठ है। आईसीएसजी के माध्‍यम से इंटर्नशाला ने ऐसी लड़कियों की मदद की है, जिन्‍होंने विपरीत स्थितियों से लड़ने और मुश्किलों से जीतने के बाद भी अपने कॅरियर की दिशा में बढ़ना जारी रखा है। 

जसमीत कौर और ईशा कुमारी आईसीएसजी-2022 की विजेता थीं। जसमीत बी. कॉम (ऑनर्स) की फर्स्‍ट ईयर स्‍टूडेंट हैं, जो दस लोगों के एक संयुक्‍त परिवार में रहती हैं। उनके पिता को जन्‍म से ही सुनने और बोलने में अक्षमता थी और वे जसमीत के अंकल के साथ जूते की एक दुकान चलाते हैं; और जसमीत ने पार्ट-टाइम ट्यूटर के तौर पर काम करते हुए छठी कक्षा के विद्यार्थियों को गणित पढ़ाया। इन कोशिशों के बावजूद परिवार में आर्थिक परेशानियाँ बनी रहीं, लेकिन जसमीत ने बहुत दृढ़ता दिखाई और अपनी पढ़ाई जारी रखी। जसमीत को मिली 17,000 रूपये की छात्रवृत्ति से उनकी कॉलेज की फीस भरी जा सकी और पढ़ाई चलती रही।

आईसीएसजी-2022 छात्रवृत्ति की दूसरी विजेता थीं ईशा कुमारी, जो बीआईटी सिंदरी में केमिकल इंजीनियरिंग की थर्ड-ईयर स्‍टूडेंट हैं और बचपन से ही आर्थिक और भावनात्‍मक विषमताओं का सामना कर रही हैं। जब वह 6 साल की थीं, तब लिवर के पीलिया के कारण उनके पिता का निधन हो गया। इसके बाद उनके परिवार ने बड़ी आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना किया। पढ़ाई के लिये अपनी लगन और दृढ़ता के साथ उन्‍होंने जेईई परीक्षा में 200 की कैटेगरी रैंक पाई और बीआईटी सिंदरी में प्रवेश किया। ईशा ने एक एडमिशन काउंसलर और फिर पार्ट-टाइम टीचर का काम भी किया, लेकिन पढ़ाई के कारण उन्‍हें काम छोड़ना पड़ा। उन्‍होंने 8,000 रूपये की छात्रवृत्ति से अपने कॉलेज की फीस भरी और पेशेवर प्रशिक्षण लिया, जिससे केमिकम इंजीनियरिंग में कॅरियर बनाने में उन्‍हें मदद मिली।

ज्‍यादा जानकारी पाने या छात्रवृत्ति हेतु आवेदन करने के लिये https://bit.ly/ICSG-2023 पर जाएं।