भक्ति, एकता और परंपरा का उत्सव है 'दुर्गा पूजा' - मनिंदर सिंह रयात

भक्ति, एकता और परंपरा का उत्सव है 'दुर्गा पूजा' - मनिंदर सिंह रयात

नोएडा। सेक्टर 76 स्थित अम्रपाली प्रिंसली स्टेट (APE) सोसाइटी निवासियों ने 2015 में कुछ उत्साही दिलों के साथ शुरू की दुर्गा पूजा आज सिर्फ एक आयोजन नहीं, एक जीवंत परंपरा बन चुकी है। भक्ति, सौहार्द और सामूहिक प्रयासों से यह पूजा बंगाल की आत्मा को यहाँ पुनर्जीवित करती है—ढाक की गूंज, लाल पार साड़ियाँ, मंत्रोच्चार और सांस्कृतिक रंगों से सजी।

माँ दुर्गा: शक्ति और करुणा की प्रतिमा

विजयादशमी माँ दुर्गा की महिषासुर पर विजय का प्रतीक है, लेकिन उनका स्वरूप केवल शक्ति नहीं, ममता और संतुलन का भी प्रतीक है—हर पूजा रीति में यह श्रद्धा झलकती है।

पूजा की झलकियाँ:
 • महापंचमी: ढोल-नगाड़ों संग माँ का आगमन
 • षष्ठी-सप्तमी: प्रतिमा बोधन, नवपत्रिका स्नान और सांस्कृतिक आरंभ
 • अष्टमी: पुष्पांजलि और भक्तिभाव की ऊँचाई
 • नवमी: धुनुची नृत्य, भोग और विदाई की शुरुआत
 • दशमी: सिंदूर खेला और भावनात्मक विसर्जन – “माँ, अगले साल फिर आना!”

हम एक परिवार हैं

मनिंदर सिंह ने कहा कि अम्रपाली प्रिंसली स्टेट (APE) की दुर्गा पूजा भाषा, संस्कृति और राज्यों से परे, हमें एक करती है। यह उत्सव हमारे “घर जैसे घर” की आत्मा है, हर सहयोग, हर मुस्कान के लिए APE परिवार का आभार।