एमिटी विश्वविद्यालय में विकसित भारत हेतु नशा मुक्त युवा पर मैराथन का आयोजन
युवाओं को नशे से दूर रखने सहित उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने और 2047 तक ‘‘विकसित भारत’’ के सपने को साकार करने हेतु आज एमिटी विश्वविद्यालय में नशा मुक्त युवा पर मैराथन का आयोजन किया गया। इस मैराथन को एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला, एमिटी विश्वविद्यालयों के ग्रुप वाइस चांसलर डा गुरिंदर सिंह और एमिटी विश्वविद्यालय के एंटी नारकोटिक्स के चेयरपरसन डा एस के श्रीवास्तव द्वारा हरि झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मैराथन में हजारो की संख्या में छात्रों, शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार, युवा मामले और खेल मंत्रालय के सहयोग से एफआईसीसीआई द्वारा आयोजित ‘‘नशा मुक्त युवा - विकसित भारत’’ अभियान के तहत इस मैराथन का आयोजन किया गया। एमिटी में हमारा विश्वास है कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने और वर्ष 2047 तक देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए युवाओं को नशा मुक्त रखना और स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूक करना सबसे आवश्यक है। उन्होनें कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना नशे से नहीं, बल्कि योग, ध्यान, खेल और सकारात्मक सोच से करें।
एमिटी विश्वविद्यालयों के ग्रुप वाइस चांसलर डा गुरिंदर सिंह ने कहा कि किसी भी देश के विकास में नशा मुक्त युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। डा सिंह ने कहा कि हमें आज ही यह संकल्प लेना चाहिए कि न हम स्वयं नशा करेंगे और न ही दूसरों को करने देंगे। एक नशा मुक्त समाज ही स्वस्थ, सुखी और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण कर सकता है।
इस अवसर पर छात्रों ने हमारा बस एक ही सपना, नशा मुक्त हो देश अपना, नशा छोड़ों जीवन संवारों आदि के नारे लगाये। इस अवसर पर एमिटी विश्वविद्यालय की डीन (स्टूडेंट वेलफेयर) डा लक्ष्मी अहूजा, डीन - साइंस एंड टेक्नोलॉजी के डा सुनिता रतन आदि लोग उपस्थित थे।


