त्रिदिवसीय एमिटी इंटरनेशनल मॉडल यूनाईटेड नेशंस ‘एएमआईएमयूएन 2026’ का समापन
जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने किया छात्रों को प्रोत्साहित
छात्रों को संयुक्त राष्ट्र के कार्यो की जानकारी प्रदान करने सहित उनमे ंवैश्विक चुनौतियों का निवारण करने हेतु और चर्चा करने, अपना पक्ष रखने, सहयोग बढ़ाने जैसे गुणों को विकसित करने के लिए आयोजित 15वें एमिटी इंटरनेशनल मॉडल यूनाईटेड नेशंस ‘‘एएमआईएमयूएन 2026’’ का समापन हो गया। इस समापन समारोह में गौतमबुद्धनगर के जेवर विधानसभा के विधायक श्री धीरेंद्र सिंह, एमिटी विश्वविद्यालय के एडिशनल प्रो वाइस चांसलर डा संजीव बंसल, उरूग्वे के ट्रेड कमीश्नर डा मनदीप सिहं चटवाल, साइबर पीस के वैश्विक अध्यक्ष मेजर विनित कुमार, इंटरनेशनल फंड फॉर एग्रीकल्चर डेवलपमेंट के बहु देशीय कार्यालय के प्रमुख श्री जेम्स मार्क डी सूसा शील्डस और ‘‘एएमआईएमयूएन 2026’’ की चेयरपरसन डा लक्ष्मी अहूजा द्वारा विजयी प्रतिनिधियों को पुरस्कृत किया गया।
इस 15वें एमिटी इंटरनेशनल मॉडल यूनाईटेड नेशंस ‘‘एएमआईएमयूएन 2026’’ में नई दिल्ली के एसजीटीबी खालसा कॉलेज को बेस्ट डेलीगेशन का अवार्ड प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त विभिन्न कमेटियों जैसे आईएमएफ में नीदरलैंड के प्र्रतिनिधि को बेस्ट डेलीगेट्स, यूएनजीए - डीआईएसईसी कमेटी में भूटान के प्रतिनिधि को बेस्ट डेलीगेट्स, यूएनएचआरसी कमेटी में डेनमार्क के प्रतिनिधि को बेस्ट डेलीगेट्स, लोकसभा कमेटी में नगीना के सांसद चंद्रशेखर आजाद को बेस्ट डेलीगेट्स सहित बेस्ट जर्नलिस्ट का अवार्ड सुश्री अविशा ठाकुर, बेस्ट फोटोग्राफी का अवार्ड आयुष को प्रदान किया गया।
समापन समारोह में गौतमबुद्धनगर के जेवर विधानसभा के विधायक धीरेंद्र सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि भारत सदैव से शांती का पक्षधर रहा है। आज तक हमने कभी भी पहले किसी देश पर हमला नही किया बल्कि उन लोगों को भी शरण दी जिन्हे अपने देश से भगाया गया। हमने विश्व को एक परिवार के रूप में रहने के लिए वसुधैव कुटुंबकम का संदेश दिया है। वर्तमान समय में विश्व का हर मुल्क युद्ध के कगार पर खड़ा है इसलिए विश्व शांती के लिए भारत की विदेश नितीयां बेहद प्रभावी एंव सार्थक नजर आती है। विश्व में जहां राजपाठ के लिए पिता द्वारा पु़त्र और पुत्र द्वारा पिता के कत्ल का उदाहरण मिलता है वही हमारे देश में रामायण का उदाहरण मिलता है जहंा एक भाई अपने भाई की चरण पादुका रखकर 14 वर्ष राज्य का संचालन किया। आज विश्व का लगभग हर देश आंतकवाद से ग्रस्त है ओर जो देश आंतकवाद फैला रहे है आंतकवादी उन्ही का विनाश कर रहे है। उन्होनें कहा कि आप युवा छात्रो ंको सोशियल मीडिया का उपयोग करके पूरे विश्व को भारत के नजरीये की जानकारी देनी चाहिए। शिक्षा के साथ नैतिकता ही हमारी संस्कृती का आधार है इसलिए नैतिकता और आधुनिक शिक्षा के साथ मानवतावादी दृष्टिकोण से विश्व शांती व्याप्त करें।
एमिटी विश्वविद्यालय के एडिशनल प्रो वाइस चांसलर डा संजीव बंसल ने कहा कि एमिटी युवा छात्रों की शक्ति को सही दिशा में संचालित कर उन्हे राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए तैयार करता है। आपको और किसी भी संस्थान में ‘‘एएमआईएमयूएन 2026’’ जैसा मंच नही प्राप्त होगा जहां 1500 प्रतिभागी हिस्सा ले रह हेै। विश्व में चुनौतियों से निपटने और शंाती स्थापित करने में आपकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
उरूग्वे के ट्रेड कमीश्नर डा मनदीप सिहं चटवाल ने कहा कि विश्व में वैश्विक शांती के लिए सभी का सहयोग अपेक्षित है और आप युवा जो अभी से संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली का अनुशरण कर रहे है, वैश्विक मुद्दों पर विचार विर्मश सहित चर्चा कर रहे यह दर्शाता है हमारा भविष्य सुरक्षित है। डा चटवाल ने कहा कि वैश्विक शांती एक समावेशी जिम्मेदारी है जो कूटनिती के माध्यम से ही संभव है।
साइबर पीस के वैश्विक अध्यक्ष मेजर विनित कुमार ने कहा कि विश्व में बढ़ते साइबर अपराधों ने साइबर शांती को अस्थिर कर दिया है इसलिए लोगों को क्षमतावान बनना आवश्यक है जिससे व्यक्ति ऑनलाइन सुरक्षा को सुनिश्चित कर सकें। यह सम्मेलन संयुक्त राष्ट्र के अनुकरण से कही अधिक प्रभावी है। यह पर छात्रों ने ना केवल विषय पर अनुसंधान करने, अपना पक्ष रखने जैसे गुणों को विकसित किया है बल्कि उन्हानेें सहानुभूति और जिम्मेदारी को भी समझा है।
इंटरनेशनल फंड फॉर एग्रीकल्चर डेवलपमेंट के बहु देशीय कार्यालय के प्रमुख श्री जेम्स मार्क डी सूसा शील्डस ने हम विश्व में विभिन्न मुद्दों जैसे जलवायु परिवर्तन, असमानता के कार्यप्रणाली में हो रहें परिवर्तन के साक्षी बन रहे है और आप युवा छात्र हमारे भविष्य के निर्माता है जो विश्व में शाती के स्थापित करेगें।
इस अवसर पर छात्र संसद एंव एमिटी विश्वविद्यालय के सहयोग से ‘‘ समावेशी विकास और समाजिक नवाचार’’ पर परिचर्चा सत्र का आयोजन किया गया जिसमें फिनलैंड दूतावास के विज्ञान एंव उच्च शिक्षा की कांउसलर डा लिज़ा टोइवोनर, पूर्व भारतीय राजदूत श्री योगेन्द्र कुमार, फिलिपींस दूतावास के तृतीय सचिव रॉन जोशुआ बॉतिस्ता, छात्र संसद के निदेशक मानस तिवारी और शशंाक शेखर ने अपने विचार रखे।


