एमिटी में फैशन परिधान और कपड़ा 2021 पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन
नोएडा।PNI News। एमिटी स्कूल ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी मे दो दिवसीय फैशन परिधान और कपड़ा 2021 पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ किया गया। इस सम्मेलन का विषय ’फैशन परिधान के लिए वस्त्रः बदलते प्रतिमान’ है। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में हाउस ऑफ अंागडी के सीईओ श्री के राधारमण, अमेरिका के तुकाटेक लॉस एंजिलस के चेयरमेन श्री राम सरीन, अपेरल ट्रेनिंग एंड डिजाइन सेंटर के सीईओ श्री विजय माथुर, प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर सुश्री प्रतिमा पांडेय ने अपने विचार रखे। सभी अतिथियों का स्वागत डा एमिटी विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश की वाइस चांसलर डॉ (प्रो) बलविंदर शुक्ला एंव एमिटी डायरेक्टोरेट ऑफ एप्लाइड आर्टस, फाइन आर्टस के महानिदेशक डा प्रदीप जोशी ने किया।
हाउस ऑफ आंगडी के सीईओ श्री के राधारमण ने कहा कि फैशन उद्योग बदलाव का बड़ा साक्षी और उद्योग से जुड़े हर व्यक्ति के लिएयह जरूरी है कि वह बदलाव को समझे और स्वीकार करे। भारत देश में इस प्रकार की कला एंव प्रतिभा देखी जा सकती है जो अन्य देश में मिलनी मुश्किल है उसी कला का प्रयोग करते हुए हमे प्रयास करना चाहिए कि हम रोजगार के अवसर पैदा करे। श्री राधारमण ने यह भी कहा कि लोग फैशन की सही परिभाषा नही समझते है उनके लिए फिल़्म के कलाकार जो पहने वह फैशन होता है जबकी ऐसा नही है। लोगों के बीच फैशन को लेकर सही जानकारी प्रदान करना हम सभी की जिम्मेदारी है, उन्हे फैशन डिजाइनर एंव पेाशाक डिजाइनर के बीच का अर्थ समझने में हमे मद्द करनी चाहिए।
अमेरिका के तुकाटेक लॉस एंजिलस के चेयरमेन श्री राम सरीन ने कहा कि टेक्सटाइल की जड़े फैशन उद्योग में है। भारत के फैशन उद्योग को विकसित होने की जरूरत है। फैशन उद्योग के लोग टेक्सटाइल उद्योग के उपर पूरी तरह से निर्भर है, अपेरल उद्योग में जो भी बदलाव आते है उसका कारण टेक्सटाइल उद्योग होता है। समय के साथ बदलाव बेहद जरूरी है ऐसे में डिजिटल कपड़े की संकल्पना को उद्योग को चलन में लाना चाहिए। आज की युवा पीढ़ी बिजनेस को नए तरीके से करने में विश्वास रखते है। श्री सरीन ने बिजनेस स्केलिंग पर जोर देते हुए कहा कि बिजनेस स्केलिंग के माध्यम से उद्योग में बढ़ा मुनाफ़ा संभव है, केवल नए उद्योगों को बिजनेस स्केलिंग के साथ साथ निवेश की भी आवश्यकता होती है।
एमिटी विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश की वाइस चांसलर डॉ (प्रो) बलविंदर शुक्ला ने कहा कि कोरोना महामारी का असर हर क्षेत्र में हुआ है, अपेरल उद्योग 22 प्रतिशत सिकुड़ गया है। कई समय बाद उद्योग धीरे धीरे पहले की तरह काम करने का प्रयास कर रहा है, जिसके कारण नए नवाचार भी हो रहे है। यही नही कोरोना के कारण शिक्षा के क्षेत्र में भी अनेक समस्या पैदा हुई है, छात्रों को एक साल के समय में घर से पढ़ाई की आदत हो चुकी है और अब उन्हें स्कूल तक लाना भी चुनौती है। कई कंपनियों ने अपने कर्मचारियों के घर से काम करने की प्रथा को अभी तक लागू किया हुआ है और लोग प्रदूषण के कारण शहर से बाहर जा कर काम कर रहे है। आज के समय में केवल वही उद्योग काम कर सकता है जो बदलाव के साथ चले, एमिटी ने भी टेक्नोलॉजी को अपनाया और शिक्षा को जारी रखा।
अपेरल ट्रेनिंग एंड डिजाइन सेंटर के सीईओ श्री विजय माथुर ने कहा कि आज के सयम में रोटी कपड़े से पहले मोबाइल एंव इंटरनेट को बुनियादी आवश्यकता माना जा रहा है और यह लोगों की सोच में बदलाव को दर्शाता है। श्री माथुर ने कहा कि भारत को फैशन उद्योग में रोबोट के प्रयोग पर गंभीर विचार करना चाहिए इससे अनके प्रकार के लाभ होगे।
कार्यक्रम के दौरान तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया जिसमें टिकाऊ फैशन एंव कपड़ा, फैशन और टेक्सटाइल के लिए मार्केटिंग, उपभोक्ता को जरूरत को समझना विषयों पर पेपर प्रस्तुत किए गए।


