पीजी एसोसिएशन ने बिजली बिल समस्या पर की बैठक

पीजी एसोसिएशन ने बिजली बिल समस्या पर की बैठक

नोएडा। नोएडा में अधिकांश लोग दूसरे राज्यों या शहरों से आकर पीजी में रहकर अपनी पढ़ाई या नौकरी करते हैं, वही पीजी संचालकों को बिजली बिल से समस्या का सामना करना पड़ता है क्योंकि विधुत विभाग द्वारा पीजी के लिए बिजली कमर्शियल रेट पर चार्ज की जा रही है जबकि पीजी एसोसिएशन का मानना है कि उन्हें बिजली घरेलू रेट पर मिलनी चाहिए। इसी संबंध में बिजली समस्या को लेकर पीसी एसोसिएशन ने एक बैठक की।

पीजी एसोसिएशन के अध्यक्ष विशेष त्यागी ने बताया कि आज हम लोगों की एक मीटिंग सेक्टर 58 में हुई जिसमें हमनें विद्युत विभाग की समस्याओं के संबंध में निर्णय लिया, और विद्युत विभाग के चीफ इंजीनियर वी. एन. सिंह से मुलाकात की जिसमें जितने भी पीजी हैं उनको कॉमर्शियल दर से यह चार्ज कर रहे हैं जोकि इनके बायलॉज में जितने भी पीजी आते हैं घरेलू दर पर चार्ज करने का नियम है, बायलॉज में नियम होने के बाद भी यह हम से विद्युत बिल कॉमर्शियल पर चार्ज करते हैं, नहीं तो यह हम पर लंबी-लंबी पेनल्टी बना कर भेज देते हैं, पिछले 2 साल से कोरोना काल से हम इन से प्रार्थना कर रहे हैं कि आप हम से कॉमर्शियल चार्ज ना कर के घरेलू जार्च करे। हम बच्चे ही तो रख रहे हैं बच्चों को ही पे करना है बेचारे कोई गरीब घर का बच्चा है कोई कैसे है बिजली का बिल सारा बच्चों को ही भरना होता है तो हमने यह निर्णय लिया कि हम गौतम बुध नगर के चीफ इंजीनियर वी. एन. सिंह से तो हम मिल लिए है, इन के बाद में हम विद्युत विभाग के एमडी जो मेरठ में बैठते हैं उनसे हम 25 या 26 तारीख को मिलने जाएगें। अगर वह भी हमारी बात नहीं सुनते हैं तो हम मुख्यमंत्री से समय लेकर उनसे मुलाकात करेंगे और अपनी समस्या से उनको अवगत कराएंगे जो भी हो जैसे भी हो गरीब बच्चों की हर संभव प्रयास मदद करेंगे और कैसे हो जल्दी हो इन गरीब बच्चों को इस कमर्शियल बिल से मुक्ति दिलाने का पूरा हर संभव प्रयास करेंगे। यह सब हमारे उपर जबरदस्ती थोपी जा रही है।
जबकि दिल्ली में किसी से कॉमर्शियल बिल नहीं लिया जाता, गाजियाबाद में भी किसी से कॉमर्शियल बिल नहीं लिया जाता, गुड़गांव में कमर्शियल बिल नहीं लिया जाता है, यहां तक किसी भी स्टेट हो या सिटी हो कही कॉमर्शियल बिल नहीं लिया जाता है सिर्फ नोएडा को छोड़कर। वैसे भी हम जो उत्तर प्रदेश का बिजली का बिल महंगा है उसको तो कुछ नहीं कह रहे, जो है देना पड़ेगा लेकिन यह कम से कम हमारा बिजली का बिल घरेलू स्तर पर चार्ज करें ताकि जो बच्चे दूरदराज के बच्चे बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं, छोटी-मोटी नौकरी कर रहे हैं उन्हें राहत मिल सके,
सरकार कम से कम हमारी ये बात सुने और अभी क्या हो रहा है कि एक रिक्शा चलाने वाला, कोई छोटी मोटी नौकरी करने वाला अब नोएडा में रहने के बजाय वह दिल्ली रह रहा है या इंदिरापुरम रह रहा है तो उसको बिजली दिल्ली गाजियाबाद में सस्ती मिल जाएगी और बिजली बिल कितनी बचत कर लेगा कि वह आराम से रह लेगा फिर हमें परेशान क्यों किया जा रहा है मैं बिजली विभाग के अधिकारियों और मुख्यमंत्री से प्रार्थना करता हूं कि हमारी समस्या का जल्दी निवारण किया जाए।

इस अवसर पर अभिषेक सिघल, नितिन अग्रवाल, अंकूर बंसल, कपिल तलवार, किम्मी भाटिया, शमा, अजय सोनी व अन्य सदस्य उपस्थित रहे।