डॉ. अशोक चौहान ने किया एकल प्रदर्शनी 'हियर द साइलेंस' का उद्घाटन

डॉ. अशोक चौहान ने किया एकल प्रदर्शनी 'हियर द साइलेंस' का उद्घाटन

एमिटी स्कूल ऑफ फाइन आर्ट्स की प्रोफेसर (मानद) और एमिटी आर्ट फाउंडेशन की सलाहकार अैार प्रसिद्ध कलाकार प्रो. ज्योति नागपाल द्वारा बनाई गई ऑइल चित्रों की एकल प्रदर्शनी “हियर द साइलेंस” का उद्घाटन एमिटी शिक्षण समूह के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अशोक के. चौहान, जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल श्री एन. एन. वोहरा और इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के अध्यक्ष और भारत सरकार के पूर्व विदेश सचिव श्री श्याम सरन द्वारा किया आज दिल्ली के बीकानेर हाउस में किया गया।। यह प्रदर्शनी 28 सितंबर से 1 अक्टूबर 2024 में आयोजित की जा रही है।

प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए एमिटी शिक्षण समूह के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अशोक के. चौहान ने कहा कि प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है, क्योंकि इसमें प्रो. ज्योति नागपाल की खूबसूरत कलाकृतियाँ प्रदर्शित की गई हैं, जो एक बेहद प्रतिभाशाली कलाकार हैं। कला हमारे शरीर, मन और आत्मा को तरोताजा कर देती है और इस प्रदर्शनी ने वास्तव में हमें मंत्रमुग्ध कर दिया है और ऐसी उत्कृष्ट कृतियाँ बनाने के लिए प्रो. नागपाल को मेरी हार्दिक बधाई। जीवन में कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम ही नही बल्कि लोगों को प्रेरित करने और उत्साह भरने का माध्यम है। यह चित्र हमें प्रकृति के करीब होने का एहसास करता है।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल श्री एन. एन. वोहरा ने चित्रों की सराहना करते हुए कहा कि प्रो ज्योती नागपाल ने चित्रों के सहारे प्रकृति के अनूठे ढंग को पेश किया है। प्रकृति और कलाकार के मध्य एक घनिष्ठ संबंध होता है जिसे केवल कलाकार समझता है या उसके चित्र हमें समझाते है। प्रोफेसर ज्योती नागपाल ने अपने चित्रों द्वारा प्रकृति की सुदंरता को बेहतरीन तरीके से दर्शाया है।

अपनी कलाकृतियों के बारे में बात करते हुए प्रो. ज्योति नागपाल ने कहा, कि मुझे घने पत्ते और अलग-अलग मौसम में उनके बदलते रंग बहुत पसंद हैं, जो मेरे लिए जीवन के शाश्वत चक्र का प्रतीक हैं। चित्रों का यह संग्रह प्रकृति की सुंदरता को चित्रित करने का एक प्रयास है, जैसा कि मैं इसे देखती और समझता हूँ। मेरे लिए, प्रकृति गति, पूर्णता, गर्मजोशी और सद्भाव का प्रतिनिधित्व करती है, जिसे मैंने अपनी कलाकृतियों के माध्यम से दर्शाने की कोशिश की है। अतिथियों द्वारा की गई सरहाना ने मेरे अंदर एक नये उत्साह का संचार किया है।

प्रदर्शनी पर मौजूद कलाकृतियों की प्रशंसा करते हुए, वस्त्र मंत्रालय की डिजाइन सलाहकार सुश्री सुनीता बाली ने कहा कि कलाकृतियाँ प्रकृति को उसके शुद्धतम रूप में दर्शाती हैं। इस उत्कृष्ट प्रदर्शनी को एक साथ लाने के लिए प्रोफेसर ज्योति नागपाल की मैं दिल से सराहना करती हूँ, जो सभी कला प्रेमियों के लिए वास्तव में एक खुशी की बात है।

प्रदर्शनी में 50 खूबसूरत कलाकृतियाँ प्रदर्शित की गईं, जिनमें ए सनी ऑटम डेए विंटर कवर, फॉल फोलिएज, ट्राउट स्ट्रीम, एज ऑफ द फॉरेस्ट, लिली पॉन्ड, आफ्टर द रेन और क्विवरिंग एंटीसिपेशन आदि शामिल हैं। उद्घाटन समारोह में रितनंद बलवेद एजुकेशन फांउडेशन के ट्रस्टी श्री अजय चौहान, एमिटी पैसफिक फोरम के मानद अध्यक्ष डा ए के नागपाल, एमिटी विश्वविद्यालय के ग्रुप एडिशनल प्रो वाइस चांसलर डॉ. प्रदीप जोशी, एमिटी विश्वविद्यालय के वरिष्ठ संकाय और प्रमुख, एमिटी स्कूलों के शिक्षक और कला प्रेमी शामिल हुए।