विश्व पर्यटन दिवस पर रीवा के महाराज पुष्पराज सिंह ने छात्रों को ‘पर्यटन और शांती’ पर दिया व्याख्यान
एमिटी विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिस्म द्वारा विश्व पर्यटन दिवस 2024 मनाया गया इस अवसर पर रीवा के महाराज और एचएचआर गु्रप ऑफ होटल्स के चेयरमैन महामहिम पुष्पराज सिंह ने छात्रों को पर्यटन और शांति पर व्याख्यान दिया। इस अवसर पर एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला और एमिटी विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिस्म के डीन डा.एम सजनानी ने महाराज पुष्पराज सिंह का स्वागत किया।

रीवा के महाराज महामहिम पुष्पराज सिंह ने छात्रों को शांतीपूर्ण पर्यटन पर व्याख्यान देते हुए कहा कि पर्यटन, मानवता और शांति का प्रतिक है जहंा पर शंाति स्थापित होगी वही पर पर्यटक आयेगें। शांति हमारे जीवन एवं संस्कृति में आत्मसात है इसलिए हम सबके सुखी व स्वस्थ होने की कामना करते है। उन्होनें विंध्य क्षेत्र की संस्कृती, विरासत और जिम्मेदार पर्यटन की जानकारी देते कहा कि विंध्य प्रदेश, रीवा से ओरछा तक व्याप्त है जिसमें रीवा किला, पन्ना किला, मैहर किला और सिंगरौली शामिल है।
महाराज पुष्पराज सिंह ने कहा कि वन्यजीव पर्यटन आपको प्रकृति के नजदीक करता है, थीम पूल की सुविधा, स्वच्छ हवा मिलती है और युवा पीढ़ी के लिए मनोरंजन का साधन है। उन्होनें सफेद बाघ के संर्दभ मे विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि सरकार से रीवा उमरिया रोड पर पनपथा से परासी के मध्य बांधवगढ़ नेशनल पार्क में टाइगर कोरिडोर निर्माण करने जिला योजना बोर्ड में नेशनल पार्को के देखरेख और कामकाज के पार्क निदेशक नियुक्त करने आदि की मांग की गई है।
एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला ने कहा कि आज महाराज श्री पुष्पराज सिंह द्वारा किये गये कार्यो की सराहना पूरे देश में हो रही है और देश को ऐसे ही विनम्र व्यक्तियों की आवश्यकता है जो समाज के हित के लिए कार्य करते है। प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर और विकसित भारत के मिशन में पर्यटन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। आज भारतीय पर्यटन विश्व के शीर्ष पांच पर्यटन उद्योगों में शामिल है। मध्यप्रदेश जो कि संास्कृतिक, ऐतिहासिक, अध्यात्मिक रूप से समृद्ध है जहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते है। उन्होने छात्रो से कहा कि आपको महाराज श्री पुष्पराज सिंह के अनुभवों से सीखना चाहिए और समाज व देश के हित के प्रस्तुत होना चाहिए।
एमिटी विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिस्म के डीन डा एम सजनानी ने कहा कि आज दिन एमिटी के लिए ऐतिहासिक और यादगार है जब महाराज श्री पुष्पराज सिंह आज विश्व पर्यटन दिवस पर व्याख्यान देते उपस्थित है। पर्यटन विश्व को आर्थिक, समाजिक एंव सांस्कृतिक रूप से जोड़ता है इसलिए वैश्विक शांती के विकास हेतु पर्यटन का विकास बेहद आवश्यक है।
विश्व पर्यटन दिवस 2024 पर एमिटी विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिस्म द्वारा ‘‘शांतीपूर्ण पर्यटन अभ्यास - जिम्मेदार यात्रा के लिए एक रूपरेखा’’ पर चर्चा सत्र का आयोजन भी किया गया। इस सत्र में टोटल सिनर्जी कंस्लटिंग प्राइवेट लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डा जी जी सक्सेना, पुरस्कार विजेता एकल महिला यात्री डा कायनात काज़ी, इंडिया फूड टूरिस्म ऑरगनाइजेशन की अध्यक्ष डा (शेफ) राजीव गोयल, पर्यटन मंत्रालय के पूर्व सचिव श्री विनोद जुत्सी, एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला और फैकल्टी ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिस्म के डीन डा एम सजनानी ने अपने विचार रखे।
टोटल सिनर्जी कंस्लटिंग प्राइवेट लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डा जी जी सक्सेना ने कहा कि पर्यटन और शांति उसी तरह है जैसे आत्मा और परमात्मा का साथ। दोनो एक दूसरे एक पूरक है। बिना शांती के पर्यटन का विकास संभव नही है। स्थायी पर्यटन पर विशेष ध्यान केन्दीत करने की आवश्यकता है।
पुरस्कार विजेता एकल महिला यात्री डा कायनात काज़ी ने कहा कि आप छात्र जो भविष्य में पर्यटन के क्षेत्र में व्यवसायिक बनेगे उन्हें यह जानना चाहिए की पर्यटन को दिल से अनुभव करना चाहिए। विश्व पर्यटन बाजार में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए अपनी संस्कृति को समझें, संचार कौशल विकसित करें, इतिहास व उससे जुड़ी कथाओं को जाने।
इंडिया फूड टूरिस्म ऑरगनाइजेशन की अध्यक्ष डा (शेफ) राजीव गोयल ने कहा कि पर्यटन आपकी निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत बनाता है और आपको नई संस्कृतियों उनके खान पान, रहन सहन को समझने का अवसर देता है।
पर्यटन मंत्रालय के पूर्व सचिव श्री विनोद जुत्सी ने कहा कि पर्यटन कई मायनों मे शांती बहाल करने में सहायता करता है यह समुदाय एंव संस्कृतियों को जोड़ता है, स्थानीय लोगो को आर्थिक क्षमता को मजबूत करता है। उन्होनें कहा कि वर्तमान पर्यटन क्षेत्र में सांस्कृति असंवेदशीलता, आर्थिक भेदभाव, पर्यावरण क्षरण आदि चुनौतियां है जिसको दूर करना आवश्यक है।
इस अवसर पर एमिटी स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी के प्रमुख डा प्रांशु चौंपले ने धन्यवाद ज्ञापित किया।


