आईएमएस-डीआईए ने लॉन्च किया 'रनवे-टू-ब्रांड' डिप्लोमा कोर्स

आईएमएस-डीआईए ने लॉन्च किया 'रनवे-टू-ब्रांड' डिप्लोमा कोर्स

नोएडा। भारत में फैशन शिक्षा को नई परिभाषा देने की दिशा में आईएमएस डिजाइन एंड इनोवेशन एकेडमी (आईएमएस-डीआईए) ने मेडुसा फैशन हाउस के साथ मिलकर देश का पहला “रनवे-टू-ब्रांड” इंटेंसिव डिप्लोमा लॉन्च करने की घोषणा की है। तीन माह का यह उद्योग-एकीकृत कार्यक्रम डिजाइनरों को वैश्विक फैशन उद्यमियों के रूप में तैयार करने के उद्देश्य से बनाया गया है। पारंपरिक डिजाइन पाठ्यक्रमों से अलग यह प्रोग्राम एक संपूर्ण “एक्जीक्यूशन इकोसिस्टम” के रूप में कार्य करेगा, जिसमें प्रतिभागी अपने फैशन ब्रांड की अवधारणा से लेकर निर्माण और लॉन्च तक की पूरी प्रक्रिया सीखेंगे। कार्यक्रम का समापन अंतरराष्ट्रीय मंच, जैसे लंदन फैशन वीक, पर सिग्नेचर आउटफिट के प्रदर्शन के साथ होगा।

आईएमएस नोएडा के वाइस प्रसिडेंट चिराग गुप्ता ने कहा कि यह पहल केवल शिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजाइनरों को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का एक वास्तविक मंच प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य भारत से अंतरराष्ट्रीय स्तर के फैशन ब्रांड तैयार करना है। 12 सप्ताह के इस डिप्लोमा के चार प्रमुख स्तंभों टेक्निकल कंस्ट्रक्शन, रनवे डेवलपमेंट, ब्रांड फाउंडेशन और कमर्शियलाइजेशन पर आधारित है। इसके तहत प्रतिभागियों को एडवांस पैटर्न मेकिंग, ड्रेपिंग, फिनिशिंग, ब्रांड पोजिशनिंग, प्राइसिंग और मार्केट रणनीतियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी एक सिग्नेचर रनवे आउटफिट, तकनीकी गारमेंट फाइल, ब्रांड पहचान, बिजनेस रणनीति और डिजिटल लुकबुक तैयार करेंगे। चयनित प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय रनवे पर अपने कार्य को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें वैश्विक मीडिया एक्सपोजर और उद्योग से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा।

मेडुसा फैशन हाउस की फाउंडर सोनल जिंदल ने कहा कि यह सहयोग भारतीय डिजाइनरों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रतिभागियों को प्रोफेशनल फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, अंतरराष्ट्रीय पीआर, मीडिया एक्सपोजर और डिजिटल प्रमोशन का भी लाभ मिलेगा। यह पहल डिजाइन, निष्पादन और व्यवसायीकरण को एक मंच पर लाकर भारत में फैशन शिक्षा के नए मानक स्थापित करेगी। यह परिणाम-उन्मुख डिप्लोमा रचनात्मक प्रतिभा और व्यावसायिक सफलता के बीच की दूरी को कम करने पर केंद्रित है और मात्र 90 दिनों में स्केच से वैश्विक मंच तक पहुंचने का एक संरचित मार्ग प्रदान करता है।

आईएमएस-डीआईए के डीन प्रोफेसर (डॉ.) एम.के.वी. नायर ने कहा कि इस कार्यक्रम की विशेषता इसका निष्पादन-आधारित दृष्टिकोण है, जिसके तहत प्रतिभागी केवल डिजाइन नहीं, बल्कि एक पूर्ण ब्रांड और वैश्विक अवसरों के साथ आगे बढ़ेंगे। 32 प्रतिभागियों के सीमित बैच के साथ यह कार्यक्रम व्यक्तिगत मार्गदर्शन और गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण पर केंद्रित रहेगा। इस पहल को आईएमएस-डीआईए के बैचलर ऑफ डिजाइन प्रोग्राम में भी शामिल किया जाएगा, जहां चौथे वर्ष के छात्र “डीआईए कलेक्शन” के तहत लंदन फैशन वीक में अपने सिग्नेचर गारमेंट्स प्रस्तुत करेंगे।