दिल्ली पुलिस का पूर्व सब इंस्पेक्टर पैसे के लालच में बना अपराधी, बन बैठा करोड़ो की संपत्ति का मालिक
नोएडा। बुलंदशहर के औरंगाबाद पुलिस स्टेशन में विपिन कुमार, जमुना प्रसाद, परविंदर सिंह, श्यामवीर, धर्मेंद्र और उनके सहयोगियों के खिलाफ अपहरण, हत्या के प्रयास और धोखाधड़ी का गंभीर मामला कोर्ट आदेश के बाद दर्ज किया गया है। इस घटना ने स्थानीय समुदाय में हलचल मचा दी है और क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों के प्रति गंभीर चिंताएँ उठाई हैं। विपिन कुमार दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर था लेकिन पैसों के लालच ने उसे एक शातिर अपराधी बना दिया।
पीड़ित सुनील आहूजा ने बताया है कि वह एक व्यवसायी है, विपिन कुमार और सुनील आहूजा दोनों साथ काम करते थे और एक दूसरे पर विश्वास करते थे। सुनील अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन जी रहा था। यह उसके परिवार की दर्दनाक आपबीती से जुड़ा मामला है, जिन्हें विपिन कुमार द्वारा अगवा कर लिया गया था। विपिन कुमार के फार्महाउस में कैद के दौरान, सुनील आहूजा ने लगातार मार पिटाई और यातनाएँ सहीं। बंदूक की नोक पर और दबाव में सुनील आहूजा को अपनी सारी कंपनियाँ और संपत्तियाँ विपिन कुमार के नाम करने के लिए मजबूर किया गया जिसमें दुबई में उनकी संपत्तियों की बिक्री के लिए पावर ऑफ अटॉर्नी भी शामिल थी, जिसे सुनील आहुजा ने मौका पाकर निरस्त करा दिया था तब से ही विपिन कुमार रंजीश रखने लगा और आए दिन इस फिराक में रहता कि किस तरह सुनील आहूजा और उसके परिवार को हानि पहुंचाई जाए।
स्थिति तब बिगड़ गई जब 29 जुलाई 2022 को विपिन कुमार ने सुनील आहूजा को फिर से अगवा करने के लिए श्यामबीर और उनके सहयोगियों को भेजा। इस बार गाँव वालों ने हस्तक्षेप किया और व्यवसायी को बचाने का प्रयास किया। इस हमले में 20 से अधिक राउंड गोलियाँ चलीं, लेकिन सौभाग्य से सुनील आहूजा गोलियों से बच गया। उक्त हमले में सुनील कुमार आहूजा को गंभीर चोटे आई जिसमें रीड की हड्डी तक फैक्चर हो गई थी जिसकी लिखित शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बुलंदशहर को दी गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई तब कोर्ट की शरण में जाना पड़ा और मुकदमा दर्ज हो सका।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विपिन कुमार 2007 में दिल्ली पुलिस में एक भ्रष्ट उप निरीक्षक था, जब सीबीआई ने इस के घर पर छापा मारा तो अवैध हथियार, ड्रग्स, नकदी और अवैध दस्तावेज बरामद हुए और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। एक उप निरीक्षक से मात्र कुछ ही समय में विपिन कुमार करोड़ो रुपये की संपत्ति का मालिक बन गया। उसके पास करोड़ों की बेनामी संपत्तियाँ भी हैं।
जांच से पता चला है कि इस पूरे षड्यंत्र का संचालन वर्तमान में कनाडा में स्थित गैंगस्टर गुरलत सिंह द्वारा किया गया था। ऐसा माना जाता है कि सुनील आहूजा की संपत्तियों की अवैध बिक्री से प्राप्त राशि को कनाडा भेजा गया, जिससे मामले के कानूनी और वित्तीय नतीजे और भी जटिल हो गए हैं।
पुलिस अधिकारियों ने सभी संबंधित अभियुक्तों को पकड़ने और उन्हें न्याय के कटघरे में लाने के लिए कड़ी मेहनत शुरू कर दी है।
पुलिस ने जनता को आश्वासन दिया है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने और सभी निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।