ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण: लेखपाल वीपेंदर प्रताप बना गले की हड्डी, सीईओ ने लिया फीडबैक
राजेश बैरागी की कलम से...
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में प्रतिनियुक्ति पर तैनात अपने कारनामों के चलते अधिकारियों के लिए सिरदर्द बने एक लेखपाल को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।नये मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने भी उसकी कैफियत तलब की है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में तैनात लेखपाल वीपेंदर प्रताप सिंह यादव मूलतः राजस्व विभाग से प्रतिनियुक्ति पर है।वह यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण का भी कुख्यात लेखपाल रहा है। यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण द्वारा मथुरा में बिना आवश्यकता कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए भूमि खरीदने के घोटाले में आरोपी रहा है। वहां से हटाए जाने के बाद जुगाड़ के दम पर वह ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में प्रतिनियुक्ति ले आया। यहां प्रतिनियुक्ति पर आने के बाद वह लंबे समय तक बिना सूचना दिए लापता रहा है।उसे संबंधित जनपद के तहसीलदार द्वारा अंतिम अवसर का नोटिस दिए जाने पर वह वापस ड्यूटी पर लौटा।
बताया जाता है कि गायब रहने के दौरान वह गलत कार्यों में लिप्त रहा है। उसे किसानों को अनर्गल तरीकों से परेशान करने के लिए जाना जाता है। वर्तमान में प्राधिकरण पर चल रहे किसानों के धरने के लिए उसे भी काफी हद तक जिम्मेदार माना जाता है।उस पर किसानों का उत्पीड़न करने के आरोप हैं। उसके विरुद्ध मुख्यमंत्री से अनेक शिकायतें की गई हैं। उन शिकायतों पर मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर जांच चल रही हैं।
पिछले दिनों प्राधिकरण अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह के साथ आंदोलनरत किसानों की वार्ता के दौरान भी वीपेंदर प्रताप सिंह यादव लेखपाल की कारगुजारियों का मुद्दा छाया रहा था।पतवाड़ी गांव के किसान नेता गवरी मुखिया ने प्राधिकरण अध्यक्ष से ऐसे लुटेरे लेखपाल को यहां तैनात रखने पर सवाल उठाया था। इस लेखपाल द्वारा गांव रोजा याकूबपुर में परिजनों के नाम से आटा मिल लगाया गया है।नये सीईओ रवि कुमार एनजी ने गुरुवार को भूलेख विभाग की बैठक में इस लेखपाल को लेकर संबंधित अधिकारियों से सवाल किए। बताया गया है कि नये सीईओ को इस लेखपाल के कारनामों से अवगत कराया गया है।
इस लेखपाल के साथ मिलकर किसानों का उत्पीड़न करने वाले एक एसडीएम के बारे में भी सीईओ ने फीडबैक लिया है। जल्द ही इन दोनों की प्राधिकरण से छुट्टी की जा सकती है। सीईओ ने अपनी पहली प्रेसवार्ता में भ्रष्ट अधिकारियों को किसी भी प्रकार सहन नहीं करने के स्पष्ट संकेत दिए थे।
(नेकदृष्टि)


