पबजी, प्यार और पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर

पबजी, प्यार और पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर

राजेश बैरागी की कलम से...

मुझे पाकिस्तान से वाया दुबई,वाया नेपाल होकर गौतमबुद्धनगर के रबुपुरा में एक शक्ल ओ सूरत से हीन युवक के पास पहुंची सीमा हैदर की न तो किसी बात पर यकीन है और न उसके प्रति कोई सहानुभूति ही है। बहुत अधिक संभावना यही है कि वह एक मनमौजी पाकिस्तानी महिला है जो अपनी मौज के लिए कुछ भी दांव पर लगा सकती है। हालांकि केवल इतना भर सोचकर सीमा हैदर को छोड़ा नहीं जा सकता।वह उस पाकिस्तान से आई है जिससे हमारे देश के अच्छे रिश्ते नहीं हैं और वह देश हमारे यहां अशांति फैलाने के लिए अपनी सेना, खुफिया एजेंसी से लेकर बहु बेटियों तक को दांव पर लगा सकता है। सीमा हैदर चार बच्चों को लेकर आई है। मेरा मन कहता है कि ये बच्चे उसके नहीं हैं।उसका पति कोई है भी या नहीं, यह भी पक्का नहीं है।वह कौन हो सकती है? मुझे वह मानव तस्करी में लिप्त किसी अन्तर्राष्ट्रीय गिरोह से संबंधित लगती है। उसके साथ आए चार बच्चे मानव तस्करी का हिस्सा हो सकते हैं। मुझे उसके पाकिस्तानी जासूस होने का संदेह कतई नहीं है।वह जिस प्रकार लाइमलाइट में आई है, यह लक्षण जासूस के तो नहीं हैं। उससे उत्तर प्रदेश पुलिस की आतंकरोधी इकाइयां निरंतर पूछताछ कर रही हैं। केंद्रीय जांच एजेंसियों ने भी पूछताछ की है।वह खुफिया एजेंसियों की गहन निगरानी में है।उसका प्रेमी और प्रेमी का परिवार भी खुफिया निगरानी में है। क्या उसे केवल पबजी खेल पार्टनर के इश्क में भटककर दूसरे देश से आई एक सिरफिरी महिला समझकर छोड़ दिया जाएगा? मैं सरकार और जांच एजेंसियों के इनपुट और योजना के बारे में कोई अनुमान लगाना नहीं चाहता। परंतु सीमा हैदर का मामला इतना सरल है नहीं जितना दिखाई दे रहा है।

(नेकदृष्टि)