Journey with the Divine Flow : राजधानी में सजी आध्यात्मिक कला की अनूठी प्रदर्शनी

Journey with the Divine Flow : राजधानी में सजी आध्यात्मिक कला की अनूठी प्रदर्शनी

नई दिल्ली के ऐतिहासिक त्रावणकोर पैलेस गैलरी में प्रख्यात कलाकार एवं भारत के स्पेन और अंडोरा में राजदूत जयंत के. की कला प्रदर्शनी ‘Journey with the Divine Flow’ का शुभारंभ 26 मार्च 2026 को हुआ। यह प्रदर्शनी 5 अप्रैल 2026 तक कला प्रेमियों के लिए खुली रहेगी और अपनी आध्यात्मिक गहराई एवं संवेदनशील अभिव्यक्ति के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

इस अवसर पर केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कलाकार को बधाई देते हुए कहा कि कला हमारे भीतर की ऊर्जा का रूप है। उन्होंने दुष्यंत कुमार की पंक्ति उद्धृत करते हुए कहा— “हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए”, और कला की इस सृजनात्मक ऊर्जा को निरंतर बनाए रखने पर बल दिया।

यह प्रदर्शनी केवल चित्रों का संग्रह नहीं, बल्कि कलाकार की आत्मिक यात्रा का सजीव प्रस्तुतीकरण है। जयंत के. की कृतियों में प्रकृति, संगीत, नृत्य और दिव्यता का अद्भुत संगम देखने को मिलता है, जो दर्शकों को एक गहन भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है। उनके चित्रों में मानव और प्रकृति के बीच की सीमाएं धुंधली हो जाती हैं, जबकि पौराणिक प्रतीक और दिव्य आकृतियां भारतीय एवं दक्षिण-पूर्व एशियाई सांस्कृतिक परंपराओं से प्रेरित दिखाई देती हैं।
तीन दशकों से अधिक के भारतीय विदेश सेवा के अनुभव ने उनकी कला को वैश्विक दृष्टि और गहरी मानवीय संवेदनशीलता प्रदान की है। उनकी कृतियां भारत सहित स्पेन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान और इंडोनेशिया जैसे देशों में प्रदर्शित हो चुकी हैं और कई प्रतिष्ठित संग्रहों का हिस्सा हैं।
उपस्थिति:

इस अवसर पर वाई. पी. सिंह (चेयरमैन, यूपी सिडको), एस. एस. यादव (चेयरमैन, कृभको), अतुल गर्ग, कुलदीप परमार, विभु बंसल (चेयरमैन, पिलखुवा) एवं महेश गुप्ता जी (फाउंडर, केंट RO) उपस्थित रहे।