समाजवादी पार्टी केवल पुण्यतिथि मनाने तक सिमटी!
नोएडा। आज उत्तर प्रदेश की राजनीति चुनाव के उस मुकाम पर खड़ी है जहां से विधानसभा चुनाव बहुत ज्यादा दूर नहीं है जहां सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी आक्रामक तरीके से संगठन और सरकार के पेच कस रही है वहीं उत्तर प्रदेश का प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी न जाने किस गहरी नींद में सोया हुआ है!
अगर हम नोएडा की बात करें तो 2012 से लेकर 2027 तक नोएडा विधानसभा सीट भारतीय जनता पार्टी के खाते में रही है उसके बावजूद भी भारतीय जनता पार्टी का संगठन नोएडा में दिन-रात एक करके अपने बूथ मजबूत कर रहा है ताकि जीत के दायरे को बढ़ाया जा सके..
वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी नोएडा महानगर केवल महापुरुषों की जयंती जन्म तिथि और पुण्यतिथि मनाने तक ही सिमट कर रह गई है उसे जनता के मुद्दे से कोई सरोकार नजर नहीं आ रहा है
शहर के सभी गणमान्य व्यक्ति जब इकट्ठा होते हैं तो केवल एक ही बात की चर्चा करते है कि जहां समाजवादी पार्टी को आक्रामक रूप से नोएडा में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी चाहिए वहां उनके महानगर अध्यक्ष आश्रय गुप्ता केवल व्हाट्सएप ग्रुप में एक्टिव होकर रह गए हैं
महंगाई के मुद्दे पर जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा आक्रोश व्यक्त किया गया एवं जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया लेकिन समाजवादी पार्टी महानगर अध्यक्ष आश्रय गुप्ता द्वारा महंगाई के मुद्दे पर ना तो कोई धरना प्रदर्शन किया गया और ना ही कोई आक्रोश व्यक्त किया गया
भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार द्वारा चार-चार बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए जिससे जनता में आक्रोश था लेकिन महानगर अध्यक्ष आश्रय गुप्ता द्वारा इस प्रकरण में भी कोई धरना प्रदर्शन नहीं किया गया
एक RWA के पदाधिकारी द्वारा उन्हें समाजवादी पार्टी का नहीं समाप्तवादी पार्टी का अध्यक्ष बताया गया क्योंकि जिस तरह की उनकी कारगुजारियां हैं उसे समाजवादी पार्टी नोएडा में समाप्ति की ओर है
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष आश्रय गुप्ता के एक्टिव ना होने से कार्यकर्ता उदासीन होकर रह गए हैं सभी कार्यकर्ता निष्क्रिय हो गए हैं..
कार्यकर्ता दबी जुबान से यह चर्चा करने में भी नहीं हिचक रहे कि यदि यही हाल रहा तो आने वाले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को प्रत्याशी मिलना भी मुश्किल हो जाएगा


