रानी लक्ष्मी बाई के बलिदान दिवस के अवसर पर आयोजित चार दिवसीय कार्यक्रमों का समापन 

रानी लक्ष्मी बाई के बलिदान दिवस के अवसर पर आयोजित चार दिवसीय कार्यक्रमों का समापन 

नोएडा : अपनो बुंदेलखंड संस्था द्वारा रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर नोएडा में 16 जून से 19 जून तक आयोजित कार्यक्रम का समापन हो गया. 18 जून को बलिदान दिवस पर विशेष कार्यक्रम एमिटी  विश्वविद्यालय सेक्टर 125 में आयोजित किया गया था जिसमे झांसी की रानी के वंशज, तात्या टोपे के वंशज, बांदा के नवाब के वंशज और नवाब भानपुर के वंशज समेत को अपनो बुंदेलखंड संस्था की ओर से सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम बुंदेलखंड की उन प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है. 

अपनो बुंदेलखंड संस्था के संयोजक और प्रभारी महेश सक्सेना ने बताया कि इस अवसर पर बुंदेलखंड की प्रतिभाओं द्वारा अत्यंत देशप्रेम से ओतप्रोत लोकगीतों से भरा कार्यक्रम प्रस्तुत किया। त्यागराजन स्कूल ओफ म्यूजिक एंड डांस द्वारा रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान पर बहुत सुंदर नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में पूर्व केंद्रीय संस्कृति मंत्री स्थानीय सांसद डॉ महेश शर्मा उपस्थित हुए और कार्यक्रम अध्यक्षता  पूर्व रक्षा सचिव और राज्यसभा के पूर्व महासचिव डॉक्टर योगेंद्र नारायण ने की. इसके  अलावा मदन चौहान पूर्व मंत्री भी उपस्थित हुए.  

महेश सक्सेना ने बताया कि आज सेक्टर 12 स्थित ईशान म्यूजिक इंस्टिट्यूट में अपनो बुंदेलखंड के बैनर तले विकास की भूमिका तैयार करने के लिये मंथन बैठक का आयोजन किया गया. जिसमें बुंदेलखंड के विकास के लिए वहां क्या किया जाना है और क्या कमी है और जनभागीदारी के द्वारा क्या कर सकते है इस पर और इसमें जाने-माने विशेषज्ञ और बुंदेलखंड से जुड़े लोग अपने विचार व्यक्त किये. 

पुरातत्व विभाग के पूर्व निर्देशक डा सुरेश श्रीवास्तव ने बताया कि बुंदेलखंड में 45000 हजार वर्ष पुराने विकास प्रयत्नों के औजार व शस्त्र मिल चुके हैं। भूमि संरक्षण व जल संरक्षण अभियान चलाने के लिए आवाहन किया। श्री राज राजेश्वर सिंह राजा बुंदेला ने सभा अध्यक्ष के रुप में बुंदेलखंड के खनिज उत्पादन का लाभ न मिलने के कारण विकास न होने का कारण बताया और  बुदेलखंड की शक्ति का विकास आवश्यक है। पूर्व मुख्य सचिव उप्र सरकार पी के मिश्रा ने भूमि संरक्षण व जल संरक्षण अभियान चलाने के लिए आवाहन किया। डॉ जयश्री पुरवार संस्थापक कल्याणी संस्था ने कहा बंदेलखंड की परिश्रमी महिलाओं को शिक्षा व विकास के अवसर मिलने चाहिए। डा भगवान दास पटेरिया महिला सशक्तिकरण, पर्यटन, संस्कार विकास, प्रवीन नायक समाज सेवी ने जल संरक्षण व विकास योजनाओं की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर बुंदेलखंड के यशस्वी कवि स्व संतोष दीक्षित के काव्य संकलन "संतोष काव्य निधि" का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम का संचालन अशोक श्रीवास्तव ने किया. कार्यक्रम के सफल बनाने में आयोजन समिति के सदस्य बुंदेलखंड के प्रतिष्ठित नागरिकों में राजेंद्र कुमार पुरवार, विनय खरे, केके दीक्षित, धर्मपाल यादव, रशीद अहमद,, परवेज अहमद, राजन धमेरिया, अखिल शर्मा, आर एन श्रीवास्तव, मुकुल वाजपेयी, लीक़ा सक्सेना, श्रीमती त्यागराजन, इंदिरा चौधरी, विभा बंसल, सुनील मनीषा की  भी अहम भूमिका रही.