आईपीआरएस के मानकों पर खरें नहीं औद्योगिक सेक्टर

आईपीआरएस के मानकों पर खरें नहीं औद्योगिक सेक्टर

एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जताई आपत्ति

नोएडा।PNI News। इंवेस्ट इंडिया की ओर से आयोजित इंडस्ट्रियल पार्क रेटिग सिस्टम (आईपीआरएस-2.०) का आयोजन कर रही है। इसमे पहली बार उत्तर प्रदेश आईपीआरएस में प्रतिभाग कर रहा है। आईपीआरएस में नामित औद्योगिक पार्क या सेक्टरों के उद्योगपतियों द्बारा दिए फीड बैंक पर उनकी रैकिग तय की जाएगी। यह फीड बैक 43 पैरामीटर पर आंका जाएगा। हालांकि उद्यमियों ने प्राधिकरण की मंशा पर आपत्ति दायर करते हुए मुख्यमंत्री के नाम एक पत्र लिखा है। जिसमे स्पष्ट है कि 43 पैरामीटर तो दूर औद्योगिक सेक्टर में बुनियादी सुविधाएं तक नदारद है।

आईपीआरएस में उप्र के कुल 25 इंडस्ट्रियल पार्क को नामित किया गया है। इसमे नोएडा व ग्रेटरनोएडा प्राधिकरण क्षेत्र के आठ-आठ क्षेत्र नामित हुए है। नोएडा में (सेक्टर-०1, सेक्टर-67, सेक्टर-63, सेक्टर-68, सेक्टर-8०, सेक्टर-81, सेक्टर-84ए, फेज-2) है। आईपीआरएस की रेटिग के तहत इन सभी सेक्टरों को 43 पैरामीटर (मानको) पर खरा उतरना होगा। इसमे पावर, एक्सटर्नल रोड कनेक्टिविटी, वाटर सप्लाई, सपोर्ट सर्विस, गेस फॉ इंडस्ट्रियल एरिया के अलावा अन्य शामिल है। एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र नाहटा ने बताया कि इन 43 पैरामीटर में बिजली, पानी और इंफ्रास्ट्रच्र को ही ले लिया जाए तो भी मानको पर खरे नहीं है। उन्होंने बताया कि खुद बिजली विभाग यह दावा कर रहा है कि वर्तमान में 8०० से अधिक जर्जर बिजली के खंभे है। इसमे 5० प्रतिशत का बदलने का कार्य चल रहा है। औद्योगिक सेक्टरों में जर्जर पैनल बाक्स है। सेक्टर-4,5,6,7,8,9,1०,11 के साथ सभी औद्योगिक सेक्टरों में बिजली की गुणवत्ता बहुत खराब है। पार्कों का व्यवसायिकरण किया जा रहा है। पार्क में बिजली घर बनाए गए है। मूलभूत सुविधा पानी की है। विगत कई दशकों से यहा पानी की सप्लाई तो की जा रही है। लेकिन उसकी गुणवत्ता कि यदि जांच कराई जाए तो वह पीने योग्य तो दूर हाथ धोने लायक तक नहीं है। दशकों से यहा पानी खरीदकर पिया जा रहा है। सालों से इंफ्रस्ट्रच्र में कोई बदलाव नहीं किया गया।

ये है महत्वपूर्ण मानक जिन पर दिए जाना है फीडबैक
पावर, एक्सटर्नल रोड कनेक्टिविटी, वाटर सप्लाई, सपोर्ट सर्विस, गेस फॉ इंडस्ट्रियल एरिया बिजनेस सुविधा, आईसीटी इंफ्रास्ट्रच्चर, इन्वायरमेंटल क्लीयरेंस, आपदा प्रबंधन, सिवरेज , वेस्ट हजार्ट प्रबंधन, स्ट्रीट लाइट, सालिड वेस्ट डिस्पोजल, एनर्जी आडिट, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, ग्रीन स्पेस, ग्रीन पार्क अनुरक्षण आदि है।