खेल मंत्रालय के नाम पर खिलाडियों को ठगने में लगी है, इंडियन बॉडीबिल्डर्स फेडरेशन - विजय कुमार

खेल मंत्रालय के नाम पर खिलाडियों को ठगने में लगी है, इंडियन बॉडीबिल्डर्स फेडरेशन - विजय कुमार

आरटीआई से हुआ खुलासा, इंडियन बॉडीबिल्डर्स फेडरेशन की मान्यता रदद है। इंडिया नाम से खिलाडियों को विदेश ले जाने का भी चल रहा था धंधा।

नई दिल्ली। आज देश के युवाओं के लिए बॉडी बिल्डंग करने का शौक दिन पर दिन बढता जा रहा है। लेकिन इसी खेल में खिलाडियों का ठगने का सिलसिला भी जारी है,जोकि मिस्टर इंडिया, मिस्टर स्टेट और अंतराष्टृीय स्तर पर पदक जीतने का सपना दिखाकर लूटने का काम हो रहा है। खेलों के जरिए कैसे खिलाड़ियों से रकम ऐंठी जाती है, इसकी एक और मिसाल सामने आई है। यह भी सब युवाओं से सबसे ज्यादा लोकप्रिय खेल बॉडी बिल्डिंग में। यहां सरकार के खेल मंत्रालय से बिना मान्यता
प्राप्त फेडरेशनें इंडिया नाम का इस्तेमाल कर खिलाड़ियों को बरगला रही है। यही नहीं पता चला है कि इंडियन बॉडीबिल्डर्स फेडरेशन भी खेल मंत्रालय के नाम से खिलाड़ियों को कथित तौर पर धोखा देने का काम कर रही हैं। केन्द्रीय खेल मंत्रालय की नाक के नीचे इंडियन बॉडीबिल्डर्स फेडरेशन मिस्टर इंडिया चैंपियनशिप का आयोजन करने जा रही है। यह आयोजन लुधियाना में 23 से 25 दिसंबर तक किया जाएगा। इंडियन बॉडीबिल्डर्स फेडरेशन के नाम से छपे पोस्टरों पर भारतीय खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण का नाम लेकर चैंपियनशिप को आयोजित किया जा रहा है। जबकि सच्चाई यह है कि इंडियन बॉडीबिल्डर्स फेडरेशन की मान्यता खेल मंत्रालय ने 1 जनवरी 2022 से रद्द की हुई है। इसका खुलासा एक आरटीआई के माध्यम से हुआ। दूसरा खेल मंत्रालय की वेव साइड में फेडरेशन का नाम भी नहीं है।  इसके बावजूद यह फेडरेशन अपने पोस्टरों पर खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण का नाम छाप रही है। यही नहीं इन फेडरेशन के पोस्टरों में कुछ अर्जुन अवार्ड पाने वाले खिलाड़ियों का नाम भी शामिल है। वहीं, विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि यह फेडरेशन खेल मंत्रालय और साई के नाम पर खिलाड़ियों से पैसा लेकर उन्हें विदेश ले जाने का काम भी कर रही है। इससे पहले यह फेडरेशन इसी साल टीम इंडिया के नाम पर खिलाड़ियों को विदेश ले जा चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, इंडियन बॉडी बिल्डर्स फेडरेशन नाम से भारतीय टीम के 100 खिलाड़ियों का एक दल 6 से 12 दिसंबर को थाइलैंड जा रहा है। इस टूर्नामेंट को कथित तौर पर वर्ल्ड बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप का नाम दिया जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि इसमें डोप टेस्ट करवाने वाली एजेंसी वाडा की ओर से डोप टेस्ट भी नहीं किया जा है।
वहीं, मान्यता को लेकर इंडियन बॉडीबिल्डर्स फेडरेशन के उपाध्यक्ष,
पदमश्री और अर्जुन पुरस्कार प्राप्त प्रेमचंद डेंगरा से बात की तो
उन्होंने मान्यता रद्द होने की जानकारी से इनकार किया। जबकि इंडियन
बॉडीबिल्डर्स फेडरेशन की सचिव हिरेल शाह ने कहा कि हमारी मान्यता रद्द या खेल मंत्रालय की मान्यता प्राप्त फेडरेशनों की लिस्ट में नाम ना होने की जानकारी खेल मंत्रालय ने उनको नहीं दी है। जब तक हमें कोई जानकारी नहीं मिलती हम कुछ नहीं कह सकते। जबकि हमारे माध्यम से उनको आईटीआई,वेव साइड व कोर्ट के आदेश तक की जानकारी भेजी गई थी।
यह पूछने पर कि वह खेल मंत्रालय का नाम अपने मिस्टर इंडिया बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप के पोस्टरों में  क्यों लगा रहें है। इस
पर उनका कोई जवाब नहीं था।