नोएडा के ओपन जिम बदहाल, करोड़ों की सार्वजनिक संपत्ति के रखरखाव पर उठे सवाल : अधिवक्ता रणपाल अवाना
कानूनी विकास मंच ने नोएडा प्राधिकरण के CEO से ओपन जिम की मरम्मत, रखरखाव एवं नियमित निरीक्षण कराने की मांग की
नोएडा। नोएडा शहर में नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रोत्साहित करने तथा युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं अन्य निवासियों को व्यायाम की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कुछ वर्ष पूर्व विभिन्न पार्कों एवं सार्वजनिक स्थलों पर ओपन जिम स्थापित किए गए थे। लेकिन वर्तमान में अनेक स्थानों पर इन ओपन जिम की स्थिति खराब है, व्यायाम उपकरण क्षतिग्रस्त हैं और रखरखाव के अभाव की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
इस विषय पर चिंता व्यक्त करते हुए कानूनी विकास मंच के अध्यक्ष एवं सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता रणपाल अवाना ने कहा कि ओपन जिम स्थापित करने का मूल उद्देश्य नागरिकों को निःशुल्क व्यायाम की सुविधा उपलब्ध कराना था, ताकि लोग अपने आसपास ही नियमित व्यायाम कर सकें और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हों। किंतु यदि इन उपकरणों की समय पर मरम्मत एवं देखरेख नहीं की जाती, तो यह सुविधा अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर पाती। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त उपकरणों के उपयोग से नागरिकों को चोट लगने का जोखिम भी बना रहता है।
अधिवक्ता अवाना ने नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) से मांग की कि शहर के सभी ओपन जिम का स्थलीय निरीक्षण कराया जाए तथा उनकी वर्तमान स्थिति का आकलन कराकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने प्राधिकरण से निम्नलिखित मांगें कीं—
सर्वेक्षण एवं निरीक्षण: नोएडा के सभी सेक्टरों एवं सार्वजनिक पार्कों में स्थापित ओपन जिम की वर्तमान स्थिति का सर्वेक्षण कराया जाए।
क्षतिग्रस्त उपकरणों की मरम्मत: खराब एवं टूटे हुए उपकरणों की तत्काल मरम्मत कराई जाए तथा असुरक्षित उपकरणों को मरम्मत होने तक उपयोग से रोका जाए।
नियमित रखरखाव: प्रत्येक ओपन जिम के लिए जिम्मेदार विभाग अथवा एजेंसी निर्धारित कर नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।
सुरक्षा व्यवस्था: उपकरणों की मजबूती, सुरक्षा एवं उपयोगिता की नियमित जांच कराई जाए, जिससे किसी नागरिक के साथ दुर्घटना न हो।
जवाबदेही तय करना: ओपन जिम की स्थापना एवं रखरखाव पर हुए व्यय तथा संबंधित रखरखाव एजेंसियों की जिम्मेदारी की समीक्षा की जाए।
शिकायत एवं निगरानी व्यवस्था: प्रत्येक ओपन जिम पर संबंधित विभाग का संपर्क विवरण एवं शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
अधिवक्ता अवाना ने कहा कि यह विषय केवल पार्कों में लगे कुछ उपकरणों की मरम्मत तक सीमित नहीं है। यह नागरिकों के स्वास्थ्य, सार्वजनिक सुविधाओं की गुणवत्ता तथा जनहित में खर्च किए गए धन के उचित उपयोग से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने नोएडा प्राधिकरण से अपेक्षा जताई कि वह इस विषय को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कार्रवाई करेगा, ताकि शहरवासियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुचारु रूप से संचालित ओपन जिम की सुविधा मिल सके।
Sabhar: अधिवक्ता रणपाल अवाना (अध्यक्ष) कानूनी विकास मंच, अधिवक्ता, सर्वोच्च न्यायालय मो.: 9313304959


