देश के प्रतिष्ठित नृत्य कलाकारों का गुरु पूर्णिमा पर गुरु वंदन

देश के प्रतिष्ठित नृत्य कलाकारों का गुरु पूर्णिमा पर गुरु वंदन

दिल्ली। देश की प्रतिष्ठित संस्था फाउंडेशन फॉर कृष्ण कला एजुकेशन सोसाइटी द्वारा आयोजित गुरु पूर्णिमा एवं अंतरराष्ट्रीय योग उत्सव 2025  में आज इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में शास्त्रीय संगीत के नवोदित एवं लब्ध प्रतिष्ठित कलाकरों ने नृत्य की श्रेष्ठ प्रस्तुतियाँ देकर गुरुओं का वंदन किया ।

संस्था द्वारा सर्वोत्तम प्रदर्शन को सम्मानित किया गया। जिसके लिए निर्णायक मंडल में शामिल थे गुरु श्रुति सिन्हा, गुरु मानवी चतुर्वेदी, डॉ. अतासी मिश्रा, गुरु नीलाक्षी खंडकार सक्सेना, गुरु सदानंद विश्वास, पंडित हेमंत महाराज, गुरु संगीता कुलश्रेष्ठ और गुरु बंदोपाध्याय।

प्रथम सत्र में भाग लेंने वाले कलाकार रहे शंभवी वर्मा (कथक), अनन्या (ओडिसी), खानक (कथक), पीहू पीयूष (कथक), सहार अनामिका हैदर (कथक), सान्वी (भरतनाट्यम) और श्रेया (कथक)। युगल नृत्य की प्रस्तुतियां आनद्य मिश्रा एवं मननत डोगरा, श्रीजीता भट्टाचार्य एवं सुनीष्का भट्टाचार्य, दिविजा सपरा एवं शुभ्रा खनिजो, तविशिउ, कियोषा एवं संस्कृति, और दिया एवं अर्णा की रहीं जिनको बहुत सराहा गया।

समूह नृत्य प्रतियोगिता में उपहार डांस कंपनी उपासना (7 सदस्य), अष्टनायिका ग्रुप (8 सदस्य), आरंभ म्यूजिक एंड डांस अकादमी (4 सदस्य), अखंड नूपुर ध्वनि डांस सेंटर (5 सदस्य) और उपहार डांस कंपनी – राहुल गंगानी (5 सदस्य) की प्रस्तुतियाँ रहीं। योग प्रदर्शन, जिसमें योग गुरु श्री अमित कुमार चौहान एवं उनका दल की प्रस्तुति रही। तत्पश्चात विशेष नृत्य प्रस्तुतियाँ रहीं गुरु संगीता कुलश्रेष्ठा (भरतनाट्यम), शुभम केसरी (कथक), विदुषी मानवी चतुर्वेदी (भरतनाट्यम), राहुल गंगानी एवं विदुषी उपासना (कथक), विदुषी पूजा ओवलेकर (कथक) और विदुषी बृजेश कुमारी (कथक) की।

द्वितीय सत्र में हुई विचार गोष्ठी में डॉ. सुशील भारती, डॉ. अनीता शर्मा, डॉ. शशि प्रभा, श्रीमती अमृत नीलम,  पद्मश्री नलिनी-कमलिनी, गुरु नंदिनी सिंह, प्रो. रमेश गौड़, संगीता कुलश्रेष्ठा, डॉ. अतासी मिश्रा, सदानंद विश्वास, श्रुति सिन्हा, कैप्टन श्याम कुमार, गुरु सुभाष चंद्र, प्रो. अल्का अग्रवाल, एम. रहमतुल्लाह, राजेश पांडेय, बी. एल. बत्रा, श्रीमती वसुधरा मेहरोत्रा और श्रीमती अंकिता नादान आदि ने अपने विचार रखे । सभी वक्ताओं का सम्मान स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र के साथ किया गया ।

तीसरे चरण में पं. दीपक महाराज की नृत्य प्रस्तुति बहुत सराही गई । संगत दी प्रांशु चतुर्लाल (तबला), जयवर्धन दधीच, उस्ताद जनाब वारसी खान ने । इसके साथ ही अनेक प्रस्तुतियाँ कथक (पार्थ मंडल के छात्र), कुचिपुड़ी (अब्दुल खालिद), कथक त्रयी – प्रियांशी, स्नेहा एवं सृंजिता, भरतनाट्यम (श्रेया ज्योतिष) और कथक (अमन पांडेय) ने दी ।

लाइव संगत में  योगेश गंगानी (तबला), उस्ताद समी उल्लाह खान (वोकल), श्री आशीष गंगानी (पखावज), धीरेन तिवारी (पधंत), संजीत गंगानी (पधंत), विदुषी अंजना सिंह (पधंत), और श्री जुनैद खान (सारंगी) ने अद्भुत कला का प्रदर्शन  किया । तत्पश्चात कथक प्रस्तुतियाँ दीं चैनल प्रसाद, सुश्री अश्मिता ऐच, सुश्री प्रियंका कपिल, सुश्री अमरपाली भंडारी और रवि यादव ने ।

सभी  कलाकारों को मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। अंत में, कार्यक्रम की संयोजक अनु सिन्हा और कैप्टन श्याम कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन दिया गया ।