मोबिलिटी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर त्रिदिवीसीय शिक्षक विकास कार्यक्रम आयोजित
मोबिलिटी क्षेत्र में उभरती चुनौतियो और अवसरों को अकादमिक, शोधार्थियों और व्यवसायिकों समझने हेतु मंच प्रदान करने के लिए एमिटी विश्वविद्यालय के एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नोलॉजी और एमिटी एकेडमिक स्टॉफ कॉलेज द्वारा त्रिदिवसीय शिक्षक विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस शिक्षक विकास कार्यक्रम का शुभारंभ केसाइट टेक्नोलॉजींस इंडिया के मार्केटिंग निदेशक श्री सद़ाफ आरिफ सिद्दकी, एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला और एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रमुख प्रो विवेेक कुमार द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में 50 से अधिक प्रतिभागीयों ने भाग लिया।
शिक्षक विकास कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए केसाइट टेक्नोलॉजींस इंडिया के मार्केटिंग निदेशक सद़ाफ आरिफ सिद्दकी ने ‘‘मोबिलिटी की दुनिया में प्रवृत्तियों एंव विकास - एआई का इस्तेमाल’’ विषय पर संबोधित करते हुए तेज़ी से बदलते मोबिलिटी पारिस्थितिकी तंत्र और कनेक्टेड ऑटोनॉमस, इलेक्ट्रिक और सॉफ़्टवेयर आधारित गाड़ियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की क्रांतिकारी भूमिका के बारे में जानकारी दी। श्री सिद्दकी ने कहा कि प्रतिभागीयों को दुनिया भर में इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्टेशन को आकार देने वाले उभरते तकनीकी रुझानों, औद्योगिक नवाचारों और भविष्य के अवसरों के बारे में सूचनायें प्राप्त करते रहना चाहिए। मोबिलिटी के विश्व में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहा है। एआई के माध्यम से परिवहन प्रणालियों को और अधिक स्मार्ट, सुरक्षित, और अत्यधिक कुशल बनाया जा रहा है। एआई वास्तविक समय डेटा का विश्लेषण करके शहरों में जाम, प्रदूषण और दुर्घटनाओं की चुनौतियों का प्रभावी समाधान कर रहा है।
एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला ने मोबिलिटी के भविष्य को आकार देने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव पर ज़ोर दिया और इनोवेशन, नैतिक एआई अभ्यास और उद्योग की समस्याओं के निवारण को बढ़ावा देने में शैक्षणिक संस्थानों की ज़िम्मेदारी पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस शिक्षक विकास कार्यक्रम में प्रतिभागीयों को अर्जित ज्ञान व कौशल का उपयोग प्रभावशाली शिक्षण, रिसर्च और तकनीकी प्रगति में बदलने के लिए करना चाहिए। इस शिक्षक विकास कार्यक्रम का उददेश्य इंडस्ट्री की उभरती चुनौतियों, जैसे कि इलेक्ट्रिफिकेशन, ऑटोमेशन, सस्टेनेबिलिटी और डिजिटल परिवर्तन सहित ऑटोनॉमस गाड़ियां, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स से परिचित कराना है इसके अतिरिक्त आकदमिक जगत और उद्योग विशेषज्ञों के मध्य सहयोग को विकसित करना भी है।
एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रमुख प्रो विवेेक कुमार ने स्वागत करते हुए कहा कि इस शिक्षक विकास कार्यक्रम का मुख्य उददेश्य शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में रहे नए बदलाव से अवगत कराने के साथ तेजी से बदल रहे मोबीलिटी क्षेत्र में एआई की अहम भूमिका समझने में सहायता करना है। प्रो कुमार ने कहा कि भविष्य के लिए तैयार हो रहे इंजीनियिरों, अकादमिको और शोधार्थियों को जानकारी होना बेहद महत्वपूर्ण है। यह शिक्षक विकास कार्यक्रम मोबिलिटी इकोसिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बदलाव लाने वाली भूमिका से प्रतिभागियों को परिचित करायेगा और इसमें उभरते हुए इंडस्ट्री ट्रेंड्स और इलेक्ट्रिक वाहनों से लेकर इंटेलिजेंट रोबोटिक्स, ऑटोनॉमस नेविगेशन और एआई आधारित ऑटोमोटिव इनोवेशन शामिल हैं।
तकनीकी सत्र के अंर्तगत ई- अश्व ऑटोमोटिव के सीईओ विकास गुप्ता ने ‘‘ इलेक्टिक वाहन में एआई’’, अराइजियोटेक इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के पाटर्नर और बॉरियर इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक श्री सुनिल श्रीवास्तव ने ‘‘एरियल और ग्राउंड रोबोटिक्स में एआई की भूमिका’’ और एमिटी सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के असिस्टेंट प्रोफसर श्री अभिषेक कौशल ने आर्टिफिशियल इंटेलिंजेंस एंड रोबोाटिक्स परं जानकारी प्रदान की। ,


