मध्यम वर्गीय व गरीबो के लिए हितकारी बजट है - अंचल बोहरा

मध्यम वर्गीय व गरीबो के लिए हितकारी बजट है - अंचल बोहरा

नोएडा। वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश कर दिया है अब देखने वाली बात यह है की इस बजट में किसे क्या राहत मिलने वाली है। वैसे तो बजट सभी वर्गों को ध्यान में रखकर ही बनाया जाता है लेकिन सरकार द्वारा पेश किये बजट से कितने लोग खुश होगें और कितने नाराज ये तो समय बताएगा।

हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव व एक्सपोर्टर अंचल बोहरा का मानना है कि यह बजट समाज के हर वर्ग को राहत देने वाला है, विशेषकर मध्यम वर्ग को आयकर में राहत दी गई है, जो टैक्स स्लैब बनाया गया है वो राहत देने वाला है इसी के साथ युवाओ, महिलाओ, वरिष्ठ नागरिको को इस बजट में राहत दी गई है।
अमृतकाल का पहला बजट एक क्रांतिकारी बजट है जो मध्यम वर्गीय व गरीबो के लिए हितकारी बजट है।
उन्होंने ने बताया कि हम दुनिया में अपनी अर्थव्यवस्था को 10वें से 5वें स्थान पर ले आए इससे बेहतर और कुछ नहीं हो सकता। तीन करोड़ रुपये के टर्नओवर वाले माइक्रो उद्योग को कर में छूट दी गई है।
भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की इकोनॉमी के लिए एक 'ब्राइट स्पॉट' का काम करेगी, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष MSMEs और निर्यातकों को समर्थन देने के लिए बजट में घोषित एक संशोधित क्रेडिट गारंटी योजना सहित विभिन्न योजनाओं से देश के निर्यात को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

अंचल बोहरा ने बताया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा है कि 1 अप्रैल से 9,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ MSMEs के लिए एक संशोधित क्रेडिट गारंटी योजना शुरू की जाएगी। संशोधित प्रौद्योगिकी उन्नयन निधि योजना (एटीयूएफएस) 2022-23 में 650 करोड़ रुपये से 2023-24 में 900 करोड़ रुपये जो कि 38 प्रतिशत की वृद्धि है, निर्यात को बढ़ावा देने में मदद करेगा
सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से क्लस्टर आधारित और मूल्य श्रृंखला दृष्टिकोण, जैसा कि बसगेट भाषण में घोषित किया गया है, एक स्वागत योग्य कदम है।

क्रेडिट गारंटी योजना 2 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त संपार्श्विक-मुक्त गारंटीकृत क्रेडिट को सक्षम करेगी। इसके अलावा, क्रेडिट की लागत लगभग 1 प्रतिशत कम हो जाएगी।

MSMEs अर्थव्यवस्था के विकास इंजन के रूप में, वित्त मंत्री द्वारा 2 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले सूक्ष्म उद्यम और 50 लाख रुपये तक के टर्नओवर वाले कुछ पेशेवर प्रकल्पित कराधान का लाभ उठा सकेंगे।

केंद्रीय बजट 2023-24 में सीमा शुल्क में बदलाव से मूल्य वर्धित घरेलू विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। इसलिए यह कहा जा सकता है कि इस बजट से सभी को लाभ मिलने वाला है।