एमिटी विश्वविद्यालय में आयोजित 38वें एआईयू इंटर यूनिवर्सिटी नेशनल यूथ फेस्ट एमिटी उत्सव का समापन

एमिटी विश्वविद्यालय में आयोजित 38वें एआईयू इंटर यूनिवर्सिटी नेशनल यूथ फेस्ट एमिटी उत्सव का समापन

एमिटी विश्वविद्यालय में भारतीय विश्वविद्यालय संघ द्वारा 03 से 07 मार्च 2025 तक आयोजित किये जा रहे 38वें एआईयू इंटर यूनिवर्सिटी नेशनल यूथ फेस्टीवल ‘‘एमिटी उत्सव 2025’’ के प्रतिभाओ के महाकंुभ का आज समापन हो गया। इस प्रतियोगिता में केरल विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, पारूल विश्वविद्यालय और लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय की टीम प्रथम विजेता बनी। इन टीमों को भारतीय विश्वविद्यालय संघ की अपर सचिव डा ममता आर अग्रवाल और एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला द्वारा पुरस्कृत किया गया।

 38वें एआईयू इंटर यूनिवर्सिटी नेशनल यूथ फेस्टीवल ‘‘एमिटी उत्सव 2025’’ अंर्तगत कुल 148 विश्वविद्यालयों से लगभग 2500 प्रतिभागीयों ने हिस्सा लिया था जिन्होनें विभिन्न पांच कैटगरी संगीत, नृत्य, लिटरेसी, थियेटर और फाइन आर्ट के कुल 28 प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा को दिखाया। संपूर्ण प्रतियोगिताओं के अंर्तगत केरल विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, पारूल विश्वविद्यालय और लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय की टीम प्रथम विजेता की ट्राफी प्रदान की गई। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, गुरू नानक देव विश्वविद्यालय, वनस्थली विद्यापीठ, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, मुबंई विश्वविद्यालय की टीम को द्वितीय विजेता की ट्राफी और पंजाब विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, मैंगलोर विश्वविद्यालय, कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, गुवाहाटी विश्वविद्यालय और महात्मा गांधी विश्वविद्यालय की टीम को तृतीय विजेता की ट्राफी प्रदान की गई।

 भारतीय विश्वविद्यालय संघ की अपर सचिव डा ममता आर अग्रवाल ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रतिभागीयों के उत्साह, जोश ने इस कार्यक्रम को देश मे युवाओं का हॉलमार्क साबित किया है। किसी भी प्रतियोगिता में केवल दो तरह के व्यक्ति होते है प्रथम विेजता और द्वितीय विेजता बनाने वाले, इसलिए अगर आप नही जीते तो भी कोशीश करते रहें। हार जीत से कई महत्वपूर्ण प्रतियोगिता में हिस्सा लेना है। डा अग्रवाल ने कहा कि भारत देश के नाम में ही भाव, राग और ताल है। देश एक छोर से दूसरे छोर तक संगीत व कला व्याप्त है। हमारा उदेदश्य देश की प्राचीन कला, संगीत व परंपरा की धरोहरों को संरक्षित, संचित और पोषित करना है जिसके लिए यह मंच की बेहतरीन माध्यम है।

 एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला ने संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी के उत्साह ने हम सभी के अंदर एक नया जोश भर दिया है। प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर हमे एक दूसरे की संस्कृतियों से बहुत कुछ सीखते है। प्रधानमंत्री के नई शिक्षा नीति और विकसित भारत के दृष्टिकोण के लिए युवाओं का कला व संस्कृती में हिस्सा लेना आवश्यक है। आज हमारा देश विश्व गुरू और विश्व बंधु बनने की राह पर है जिसे कोई रोक नही सकता। जीवन मे छोटे छोटे कदम आपकी सफलता में सहायक होते है और सफलता की यात्रा में इस तरह की प्रतियोगितायें महत्वपूर्ण स्थान रखती है।

 अपने अुनभवों को साझा करते हुए मणिपूर विश्वविद्यालय के टीम मैनेजर श्री नारायण ने कहा कि हर अवसर अपनी प्रतिभा को दिखाने का मौका देते है ऐसे में एआईयू और एमिटी द्वारा प्रदान किया गया इस मंच ने छात्रों को बेहतरीन मौका प्रदान किया है इस प्रतियोगिता के माध्यम से हम भारतीय परंपरंा का उत्सव मना रहे है। रांची विश्वविद्यालय की टीम मैनेजर श्रीमती पूनम सहाय ने कहा कि अपनी प्रतिभा को दिखाने के लिए यह मंच प्रदान करने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि यह एक बहुत ही बेहतरीन अनुभव रहा जिसमें एमिटी की आतिथ्य सेवा और स्वंयसेवक छात्रों की सहायता ने चार चंाद लगा दिये। प्रतियोगिता के कुछ दिनो में हमने प्रतिभाओ को महसूस किया और उनके प्रदर्शन के साक्षी बने।

दयालबाग इंस्टीटयूट की छात्रों सुश्री छबि भ्ंाडारी ने कहा कि यह एक अतुलनिय अनुभव रहा जहंा हमने देश की विविध पंरापराओं और संस्कृतीयों को जाना व समझा। प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के साथ नये मित्र बनाये। यह प्रतियोगिता नवाचार, संस्कृतीयों को मन में बसाने का बेंचमार्क साबिज हुई। महात्मा गांधी विश्वविद्यालय की छात्रा सुश्री एम कृष्णा ने कहा कि यह एमिटी उत्सव एक प्रतियोगिता से कही अधिक बढ़कर संस्कृतीयों व भाषाओ का उत्सव था जो पूरे भारत को समेटकर एमिटी विश्वविद्यालय के परिसर में ले आया। जिसमें बिना किसी धर्म, जाती, क्षेत्रीय सीमा के लोगो ने अपनी कला को प्रस्तुत किया।

 इस अवसर पर भारतीय विश्वविद्यालय संघ के पर्यवेक्षक डा एस के शर्मा और डा अरूण पाटिल सहित तकनीकी पर्यवेक्षक डा भावना ग्रोवर ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का शुभारंभ एमिटी विश्वविद्यालय के एडिशनल प्रो वाइस चांसलर डा संजीव बंसल ने स्वागत करके किया। इस अवसर पर एमिटी विश्वविद्यालय के डीन (स्टूडेंट वेलफेयर) ने एमिटी उत्सव पर रिपोर्ट प्रस्तुत की।