भारत का अमृतकाल और अणुव्रत
नई दिल्ली। अणुव्रत अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण जी के आज्ञानुवर्ती उग्रविहारी तपोमूर्ति मुनि श्री कमल कुमार जी के सानिध्य में अणुव्रत व्याख्यानमाला का आयोजन 5ए, कामराज मार्ग , नई दिल्ली में आयोजित हुआ। मुनिश्री ने कहा कि अणुव्रत संयम का दर्शन देता है। आध्यात्मिक सात्विक दृष्टिकोण से और नैतिकता निष्ठा से एक टेलीफोन ऑपरेटर देश के कानून मंत्री पद पर पंहुच सकता है इसका प्रत्यक्ष उदाहरण मंत्री अर्जुनराम मेघवाल हैं।
मुख्य वक्ता के रूप में अर्जुनराम मेघवाल विधि व कानून मंत्री , भारत सरकार ने कहा कि अणुव्रत आन्दोलन का यह गौरवशाली 75 वां वर्ष चल रहा है, आचार्य श्री महाश्रमण जी ने अपनी पद यात्रा का नाम अणुव्रत यात्रा दे दिया है। भारत की आजादी का अमृत काल हमारे लिए एक अवसर है ,इसमें अणुव्रतमय अनेक कार्यक्रम राष्ट्रपति भवन से लेकर आम जनता तक पंहुचने चाहिए। अनेक विशिष्ट व्यक्तियों की उपस्थिति में अणुविभा का प्रतिनिधित्व संगठन मंत्री डॉ. कुसुम लुनिया ने व का. स. डॉ धनपत लुनिया ने किया। सबका स्वागत अणुव्रत समिति ट्रस्ट दिल्ली के अध्यक्ष श्री शान्तिलाल पटावरी ने किया।


