प्रेरणा विमर्श-2026 के पोस्टर का हुआ विमोचन, तीन सत्रों में सम्पन्न हुई वृहद् योजना बैठक
ग्रेटर नोएडा। समाज, मीडिया, राष्ट्र और समकालीन विषयों पर सकारात्मक, रचनात्मक एवं सार्थक विमर्श को मंच प्रदान करने वाला ‘प्रेरणा विमर्श’ वर्ष 2020 से निरंतर प्रत्येक वर्ष देश के अलग-अलग स्थानों पर आयोजित किया जा रहा है। इसी सतत यात्रा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष ‘उत्कर्ष : नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान’ की केंद्रीय भावना के साथ ‘प्रेरणा विमर्श–2026’ का आयोजन किया जा रहा है।
इस वर्ष का आयोजन प्रेरणा मीडिया शोध संस्थान न्यास के तत्वावधान में, प्रेरणा विमर्श आयोजन समिति एवं गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा के संयुक्त तत्वावधान में आगामी 19 एवं 20 सितम्बर 2026 को गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया जाएगा।
आयोजन की तैयारियों को गति देने के उद्देश्य से रविवार को गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय परिसर में वृहद त्रि-सत्रीय योजना बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में विभिन्न सत्रों, आयामों एवं व्यवस्थाओं से जुड़े 150 से अधिक कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों एवं टोली सदस्यों की गरिमामयी सहभागिता रही। बैठक में आयोजन की रूपरेखा, पंजीकरण, जनसंपर्क, प्रचार-प्रसार, सहभागिता, विषय-वस्तु एवं व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से मंथन किया गया।
2020 से निरंतर जारी है ‘प्रेरणा विमर्श’ की यात्रा
‘प्रेरणा विमर्श’ ने वर्ष 2020 से अपनी यात्रा प्रारंभ कर विभिन्न वर्षों में देश के अलग-अलग स्थानों पर आयोजन के माध्यम से सामाजिक, राष्ट्रीय, मीडिया एवं समकालीन विषयों पर सार्थक संवाद की परंपरा को आगे बढ़ाया है।
विगत वर्षों में आयोजित कार्यक्रमों में विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजन, पत्रकार, शिक्षाविद्, शोधार्थी, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता, साहित्यकार, लेखक एवं समाज के अन्य वर्ग एक मंच पर आए और महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया।
इसी सतत यात्रा को आगे बढ़ाते हुए ‘प्रेरणा विमर्श–2026’ को और व्यापक स्वरूप प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसमें नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान, राष्ट्र निर्माण, तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मीडिया, शिक्षा, शोध, उद्यमिता, सामाजिक चेतना एवं सांस्कृतिक मूल्यों जैसे महत्वपूर्ण विषयों को केंद्र में रखा गया है।
पोस्टर विमोचन के साथ शुरू हुआ व्यापक अभियान
योजना बैठक के अवसर पर ‘प्रेरणा विमर्श–2026’ के पोस्टर का विमोचन किया गया। पोस्टर में आयोजन की केंद्रीय भावना ‘उत्कर्ष : नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान’ को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है।
पोस्टर विमोचन के साथ ही आयोजन के व्यापक प्रचार-प्रसार, जनसंपर्क एवं पंजीकरण अभियान को और गति देने का संकल्प लिया गया। बैठक में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्धजनों, युवाओं, मातृशक्ति एवं पुरुषों की सार्थक सहभागिता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
19 सितम्बर को ‘नारी शक्ति राष्ट्र वंदन’ के साथ होगा उद्घाटन
‘प्रेरणा विमर्श–2026’ के प्रथम दिवस 19 सितम्बर 2026 को भव्य-दिव्य ‘नारी शक्ति राष्ट्र वंदन’ के साथ आयोजन का उद्घाटन होगा। यह कार्यक्रम भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा, राष्ट्रभाव एवं नारी शक्ति के सम्मान की भावभूमि पर आयोजित किया जाएगा।
‘नारी शक्ति राष्ट्र वंदन यज्ञ’ में लगभग 1,000 मातृशक्ति की सहभागिता रहेगी। भारतीय परंपरा के अनुरूप होने वाला यह आयोजन नारी शक्ति के सम्मान, सामर्थ्य, स्वाभिमान एवं राष्ट्र जीवन में उसके महत्वपूर्ण योगदान के प्रति समाज की कृतज्ञता एवं सम्मान की अभिव्यक्ति होगा।
नारी शक्ति राष्ट्र वंदन के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि नारी परिवार, समाज और राष्ट्र जीवन की सृजन शक्ति होने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण आधारशिला है। उसके सम्मान, सुरक्षा, स्वाभिमान और सामर्थ्य को सुदृढ़ करना केवल महिलाओं का विषय नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।
भारतीय संस्कृति एवं परंपरा की विविध अभिव्यक्तियों के माध्यम से कार्यक्रम में नारी शक्ति के विभिन्न स्वरूपों, योगदान एवं सामर्थ्य को सम्मानपूर्वक प्रस्तुत किया जाएगा।
20 सितम्बर को होंगे दो समानांतर विचार-सत्र
आयोजन के दूसरे दिन 20 सितम्बर 2026, रविवार को प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक दो समानांतर विचार-सत्र आयोजित किए जाएंगे।
सभागार-1 : ‘युवा सोच, नया भारत’
इस सत्र में युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा, नवाचार एवं रचनात्मक क्षमता को राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल मीडिया, ब्लॉगिंग, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, उद्यमिता, कौशल विकास एवं विकसित भारत जैसे विषयों पर विमर्श होगा।
युवाओं को तकनीक के केवल उपभोक्ता के रूप में नहीं, बल्कि नवाचार, उद्यमिता, डिजिटल संवाद, कौशल विकास एवं राष्ट्र निर्माण के सक्रिय सहभागी के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।
सभागार-2 : ‘स्वाभिमानी नारी, सशक्त भारत’
दूसरे सभागार में ‘स्वाभिमानी नारी, सशक्त भारत’ विषय पर प्रबुद्ध संवाद होगा। इसमें आधुनिक शोध, शिक्षा, मीडिया, विज्ञान, साहित्य, उद्यमिता एवं सामाजिक क्षेत्र में नारी नेतृत्व और योगदान के विविध आयामों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
इस सत्र की विशेषता यह होगी कि इसमें केवल मातृशक्ति ही नहीं, बल्कि पुरुषों की भी सक्रिय एवं सार्थक सहभागिता रहेगी। नारी सम्मान, स्वाभिमान एवं सशक्तिकरण को केवल महिलाओं का विषय न मानते हुए इसे समूचे समाज की साझा जिम्मेदारी के रूप में विमर्श का केंद्र बनाया जाएगा।
सामूहिक समापन समारोह में विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
दोनों समानांतर विचार-सत्रों के उपरांत 20 सितम्बर को सायं 3:00 बजे से 5:30 बजे तक सामूहिक भव्य समापन समारोह आयोजित किया जाएगा।
इस गरिमामयी समापन समारोह में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
समापन समारोह में दोनों समानांतर सत्रों में हुए विचार-विमर्श के प्रमुख निष्कर्ष एवं विचार-बिंदु साझा किए जाएंगे। इसके साथ भारतीय संस्कृति एवं परंपरा को अभिव्यक्त करने वाली सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान और राष्ट्र उत्कर्ष की भावना के साथ दो दिवसीय ‘प्रेरणा विमर्श–2026’ का सामूहिक समापन होगा।
प्रथम सत्र : परिचय एवं पंजीकरण समीक्षा
योजना बैठक के प्रथम सत्र में विभिन्न सत्रों एवं आयामों से जुड़े कार्यकर्ताओं का परिचय कराया गया तथा अब तक की पंजीकरण प्रगति की समीक्षा की गई।
सत्र संयोजक एवं आयाम संयोजक पूर्व निर्धारित हैं। बैठक में नए सत्र संयोजकों की घोषणा नहीं की गई, बल्कि निर्धारित सत्र संयोजकों द्वारा अपने-अपने सत्र की सहयोगी टीम, सह-संयोजकों एवं आयाम संयोजकों का परिचय कराया गया। इसके पश्चात प्रत्येक आयाम संयोजक ने अपने साथ कार्य करने वाले सह-संयोजकों एवं टोली सदस्यों का परिचय कराया।
इस परिचय सत्र का उद्देश्य सभी कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर परस्पर परिचय, समन्वय, संवाद एवं दायित्व की स्पष्टता स्थापित करना रहा।
प्रेरणा विमर्श–2026 को व्यापक सामाजिक सहभागिता का मंच बनाने के उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को जोड़ा जा रहा है। इनमें प्रमुख रूप से उद्यमी, सामाजिक कार्यकर्ता, प्रोफेशनल, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक पत्रकार, वेब एवं डिजिटल मीडिया से जुड़े लोग, कला एवं संस्कृति क्षेत्र के प्रतिनिधि, साहित्यकार, लेखक, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स तथा पंच परिवर्तन से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हैं।
इन सभी आयामों के माध्यम से व्यक्तिगत संपर्क, संगठनात्मक संवाद एवं डिजिटल माध्यमों के द्वारा पंजीकरण एवं सहभागिता अभियान को गति देने की कार्ययोजना बनाई गई।
द्वितीय सत्र : टोलीवार पृथक मंथन एवं कार्ययोजना
बैठक के द्वितीय सत्र में सभी सत्र संयोजकों ने अपने-अपने सहयोगी सत्र संयोजकों, आयाम संयोजकों एवं टोली सदस्यों के साथ पृथक-पृथक बैठकर विस्तृत कार्ययोजना पर मंथन किया।
इस दौरान पंजीकरण एवं सहभागिता, संभावित सहभागियों से व्यक्तिगत संपर्क, अतिथियों एवं वक्ताओं से समन्वय, विषय-वस्तु, प्रचार एवं मीडिया रणनीति, डिजिटल प्रचार, सभागार व्यवस्था, स्वागत, समय-प्रबंधन तथा टोलीवार दायित्वों पर विस्तार से चर्चा की गई।
सभी टोलियों को अपने निर्धारित क्षेत्रों में संपर्क अभियान को गति देने तथा अधिकाधिक सार्थक सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया।
तृतीय सत्र की शुरुआत हुई विगत पांच वर्षों की यात्रा की झलकियों से
योजना बैठक के तृतीय एवं अंतिम सत्र का प्रारंभ ‘प्रेरणा विमर्श’ की विगत पांच वर्षों की यात्रा की संक्षिप्त वीडियो झलकियों के प्रदर्शन के साथ हुआ।
वीडियो के माध्यम से वर्ष 2020 से विभिन्न स्थानों पर आयोजित ‘प्रेरणा विमर्श’ के प्रमुख कार्यक्रमों, गतिविधियों, सहभागिता एवं विमर्श की झलकियां उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत की गईं।
इन झलकियों ने पिछले वर्षों में ‘प्रेरणा विमर्श’ की निरंतर यात्रा, उसके विस्तार तथा विभिन्न विषयों पर समाज के प्रबुद्ध वर्ग के साथ किए गए संवाद को स्मरण कराया। वीडियो प्रस्तुति ने आगामी ‘प्रेरणा विमर्श–2026’ के लिए कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा एवं उत्साह का संचार किया।
इस अवसर पर यह भाव भी रेखांकित हुआ कि पिछले पांच वर्षों में विकसित हुई विमर्श की इस सतत परंपरा को आगामी वर्षों में और व्यापक सामाजिक सहभागिता एवं प्रभाव के साथ आगे बढ़ाया जाए।
वीडियो प्रस्तुति के पश्चात तृतीय सत्र में प्रेरणा मीडिया शोध संस्थान न्यास की अध्यक्षा प्रीति दादू जी, ‘प्रेरणा विमर्श–2026’ के अध्यक्ष डॉ. अनिल त्यागी जी, कार्यकारी अध्यक्ष बिजेंद्र गुप्ता जी तथा उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड के प्रचार प्रमुख कृपाशंकर जी मंचासीन रहे।
इस अवसर पर कृपाशंकर जी ने ‘प्रेरणा विमर्श–2026’ के उद्देश्यों, सामाजिक प्रासंगिकता एवं व्यापक भूमिका पर सारगर्भित पाथेय प्रदान किया। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए संगठनात्मक समन्वय, समयबद्ध कार्ययोजना, समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता तथा सकारात्मक सामाजिक चेतना के विस्तार पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम के विभिन्न प्रमुख सत्रों के लिए पूर्व निर्धारित दायित्वों के अनुसार डाॅ अनिता जोशी जी — ‘नारी शक्ति राष्ट्र वंदन’, डॉ. अनिल त्याजी जी — ‘युवा सोच, नया भारत’, अखिलेश चौधरी जी — ‘स्वाभिमानी नारी, सशक्त भारत’, मनमोहन सिंह — ‘समापन समारोह’, राज कुमार — ‘व्यवस्था एवं प्रबंधन विभाग’ से संबंधित कार्ययोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है।
इनके साथ संबंधित सह-संयोजक, आयाम संयोजक एवं टोली सदस्य अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। 150 से अधिक कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों की सहभागिता, योजना बैठक में संचालन टोली सहित विभिन्न सत्रों एवं आयामों से जुड़े 150 से अधिक टोली सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मंच संचालन ‘प्रेरणा विमर्श-2026’ के संयोजक श्यामा किशोर सहाय जी एवं सचिव मोनिका चौहान जी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
‘उत्कर्ष : नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान’ का साझा संदेश
‘प्रेरणा विमर्श-2026’ का उद्देश्य समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय प्रतिभाओं एवं प्रबुद्धजनों को एक साझा मंच प्रदान करते हुए सार्थक संवाद, सामाजिक चेतना और राष्ट्र निर्माण की सकारात्मक दिशा को मजबूत करना है।
आयोजन की मूल भावना ‘नारी सम्मान • युवा स्वाभिमान • राष्ट्र उत्कर्ष’ के माध्यम से नारी शक्ति के सम्मान, युवाओं की रचनात्मक ऊर्जा और समाज की सामूहिक शक्ति को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
19 सितम्बर का ‘नारी शक्ति राष्ट्र वंदन’ भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्रभाव की पृष्ठभूमि में नारी शक्ति के सम्मान और अभिनंदन का अवसर बनेगा। वहीं 20 सितम्बर को प्रातः 10:00 से 12:00 बजे तक ‘युवा सोच, नया भारत’ और ‘स्वाभिमानी नारी, सशक्त भारत’ के समानांतर विचार-सत्र समकालीन भारत की संभावनाओं, चुनौतियों और राष्ट्र निर्माण में समाज की भूमिका पर विमर्श का मंच प्रदान करेंगे।
इसके पश्चात सायं 3:00 से 5:30 बजे तक सामूहिक भव्य समापन समारोह में दोनों सत्रों के सहभागी एक साथ एकत्रित होकर विमर्श के निष्कर्षों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं राष्ट्र उत्कर्ष के साझा भाव के साथ ‘प्रेरणा विमर्श–2026’ की दो दिवसीय यात्रा का समापन करेंगे।


