ज्योतिषरत्न गुरुजी डॉ. गौतम ऋषि ने दिया संस्कार, संस्कृति और राष्ट्रनिर्माण का संदेश
इंदौर। भारतीय संस्कृति, संस्कार, राष्ट्रचेतना और ज्योतिषीय ज्ञान के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से ऋचा श्री सेवा संकल्प वेलफेयर सोसायटी, इंदौर एवं श्री प्रज्ञान गुरुकुलम् के तत्वावधान में गांधी हॉल, इंदौर में “भारतीय संस्कृति गौरव महोत्सव” का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अंतर्गत ज्योतिष सम्मेलन, युवा हुंकार, टॉक शो तथा “भारतीय परिधान—हमारी पहचान, हमारी संस्कृति, हमारा सम्मान” जैसे विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए।

समारोह में अंतरराष्ट्रीय ज्योतिषाचार्य, ज्योतिषरत्न गुरुजी डॉ. गौतम ऋषि जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। गुरुजी डॉ. गौतम ऋषि जी अखिल भारतीय गुरुकुल एवं गौशाला अनुसंधान संस्थान के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष है तथा ज्योतिष, भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा, सामाजिक जागरण और राष्ट्रनिर्माण के क्षेत्र में निरंतर महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
अपने संबोधन में गुरुजी डॉ. गौतम ऋषि ने कहा कि ज्योतिष केवल भविष्य बताने की विद्या नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो मनुष्य को प्रकृति, समय, कर्म और जीवन के प्रति जागरूक करने का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी आधुनिक शिक्षा के साथ अपनी संस्कृति, संस्कार और सनातन ज्ञान परंपरा से भी जुड़े।
उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि “जिस युवा के भीतर संस्कार, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना होगी, वही सशक्त राष्ट्र के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।” उन्होंने भारतीय परिधान, भारतीय जीवनशैली और सांस्कृतिक मूल्यों को केवल परंपरा नहीं, बल्कि भारत की पहचान और गौरव बताया।
महोत्सव के युवा हुंकार एवं टॉक शो में 60 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जबकि “भारतीय परिधान—हमारी पहचान, हमारी संस्कृति, हमारा सम्मान” विषय पर आयोजित फैशन शो में 100 से अधिक महिला प्रतिभागियों ने भारतीय परिधानों के माध्यम से देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत किया।
समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिभा एवं उत्कृष्ट सहभागिता करने वाले प्रतिभागियों को इस अवसर पर संस्था की अध्यक्ष ऋचा अग्रवाल, श्री प्रज्ञान गुरुकुलम् से मनोज अग्रवाल व अतिथियों द्वारा माला, सम्मान-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम ने भारतीय संस्कृति, परंपरा, युवा चेतना और राष्ट्रभावना को एक मंच पर जोड़ने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।
कार्यक्रम में महामंडलेश्वर राजनंद योगी डॉ. राजकुमार अग्रवाल का भी सानिध्य प्राप्त हुआ। इस मौके पर पूर्व मंत्री दिलीप राजपाल, ज्योतिषाचार्या संगीता शर्मा, संजीव अग्रवाल, कृतिका शर्मा, कैलाश चांडक सहित अनेक गणमान्य अतिथि, सामाजिक कार्यकर्ता, ज्योतिषाचार्य, युवा एवं संस्कृति प्रेमी उपस्थित रहे।
भारतीय संस्कृति गौरव महोत्सव ने यह संदेश दिया कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी प्राचीन ज्ञान परंपरा, संस्कृति, संस्कार, युवा शक्ति और राष्ट्रभावना में निहित है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और “संस्कृति से राष्ट्र, संस्कार से समाज और ज्ञान से सशक्त भारत” के संकल्प को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


