यूपीए पिकलबॉल लीग के प्रथम सत्र के समापन पर हाउस बोल्टन ने संभाला लौह सिंहासन

यूपीए पिकलबॉल लीग के प्रथम सत्र के समापन पर हाउस बोल्टन ने संभाला लौह सिंहासन

नोएडा (गौतमबुद्ध नगर)। पिकलबॉल लीग के अनुभव को एक बिल्कुल नए रूप में प्रस्तुत करने की महत्वाकांक्षी सोच से शुरू हुआ सफर 30 अगस्त को एक शानदार मुकाम पर पहुँचा। जब पिकलबॉल सोशल नोएडा में आयोजित प्रथम यूपीए पिकलबॉल लीग सत्र 1 के विजेता के रूप में हाउस बोल्टन को विजेता घोषित किया गया।

यूपीए पिकलबॉल लीग के प्रथम सत्र की परिकल्पना और आयोजन समिति के प्रभात वत्स, के. कुमार, संजय तुली, परेश और शेखर छोट्रा द्वारा किया गया। इस पूरी पहल का उद्देश्य केवल एक खेल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं था। लक्ष्य था एक ऐसी जीवंत और प्रभावशाली खेल संपदा तैयार करना जहाँ उच्च स्तर का पिकलबॉल, टीम स्वामित्व, मनोरंजन, प्रौद्योगिकी, कथानक और समुदाय सभी एक साथ दिखाई दें। जबकि गेम ऑफ थ्रोन्स की दुनिया से प्रेरणा लेते हुए पिकलबॉल के इर्द-गिर्द एक पूरा साम्राज्य तैयार किया गया। यहाँ पारंपरिक टीमों की जगह घराने तथा मालिक अपने घरानों के स्वामी बने जबकि खिलाड़ी बने योद्धा। वहीं नीलामी बनी राजसी नीलामी और मैच दिवस बना युद्ध दिवस। वहीं इस पूरे साम्राज्य के केंद्र में रखा गया सबसे बड़ा पुरस्कार लौह सिंहासन।

पिकलबाॅल लीग के प्रथम सत्र में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए खिलाड़ियों के पंजीकरण कराया। जिसमें दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम सहित बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात, मुंबई, लखनऊ और जयपुर समेत कई अन्य शहरों और राज्यों से भी खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया। चयनित खिलाड़ी नीलामी समूह में शामिल हुए जिन्हें दस घरानों में से किसी एक का प्रतिनिधित्व करने और युद्ध दिवस पर मुकाबला करने के लिए तैयार किया गया था। जिसके लिए दस स्वामित्व समूह एक ही लक्ष्य के साथ नीलामी कक्ष में उतरे। वहीं खिलाड़ियों को एक सुव्यवस्थित व्यवस्था में बाँटा गया था। जिसमें विशिष्ट, पेशेवर, उन्नत, महिला और 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के खिलाड़ी शामिल रहे।

राजसी नीलामी और उसके बाद की खिलाड़ी-दल निर्माण प्रक्रिया के बाद 80 खिलाड़ियों को उनके घराने मिल चुके थे। सम्पूर्ण प्रक्रिया के बाद दस टीमें युद्ध के लिए तैयार खड़ी थीं। 

प्रथम यूपीए पिकलबॉल लीग सत्र में सभी 10 टीमों के बीच लौह सिंहासन तक पहुँचने का सफर आधिकारिक तौर पर 23 अगस्त को नोएडा के ग्राइंडएक्स स्टूडियो में शुरू हुआ। जिके समापन सत्र
30 अगस्त को पिकलबॉल सोशल नोएडा प्रथम यूपीए पिकलबॉल लीग के युद्ध दिवस का रणक्षेत्र बन गया। उच्च तीव्रता वाले पिकलबॉल में जैसे-जैसे मुकाबले आगे बढ़े तो मैदान छोटा होता गया। अंत में केवल दो घराने खड़े रह गए यूपीए के लौह सिंहासन की पहली ऐतिहासिक जंग के लिए। लेकिन जब अंतिम अंक खेला गया तब शिखर पर केवल हाउस बोल्टन खड़ा था। पहले खिताबी मुकाबले का फैसला दो शानदार दलों हाउस बोल्टन तथा हाउस स्टार्क के बीच हुआ। जिनके खिलाड़ियों ने पूरे प्रतियोगिता क्रम में असाधारण प्रदर्शन करते हुए यूपीए पिकलबॉल लीग के प्रथम अंतिम मुकाबले में अपनी जगह बनाई।
हाउस बोल्टन को प्रथम यूपीए पिकलबॉल लीग खिताब तक पहुँचाने वाले आठ योद्धाओं में 

रोहन भटनागर, खुशी सचदेवा, जसमिंदर सिंह, आयुष जोशी, सिद्धार्थ शर्मा, युवराज सिंह, लोकेश चुघ तथा वेनायक सरन गुप्ता शामिल रहे। जिन्होंने घराना बनने के क्षण से लेकर 30 अगस्त की अंतिम लड़ाई तक निरंतरता और प्रतिस्पर्धात्मक संयम दिखाया। इन आठ खिलाड़ियों ने यूपीए लीग के इतिहास में अपना नाम प्रथम खिताब जीतने वाले घराने के सदस्यों के रूप में दर्ज करा लिया। जबकि उपविजेता हाउस स्टार्क दल के तनिष्क महेंद्रू, आर्यन चौहान, अनन्या गुप्ता, आशीष मल्होत्रा, निखिल सिंह राजपूत, निलेश्वर रमानी, आयुष क्वात्रा तथा आकाश वशिष्ठ। जिन्होंने प्रतियोगिता के कठिन मुकाबलों से निकलते हुए प्रथम अंतिम मुकाबले में जगह बनाई।

युद्ध दिवस का समापन एक भव्य विजेता सम्मान समारोह के साथ हुआ। जिसमें सीआरसी समूह के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी कुणाल भल्ला बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। वहीं
इस अवसर की गरिमा को बढ़ाया विशिष्ट अतिथियों पूर्व अन्तर्राष्ट्रीय बैडमिटन खिलाड़ी अजय कंवर और मंजूषा कंवर ने। जबकि मुख्य अतिथि कुणाल भल्ला ने विजेता ट्रॉफियों का अनावरण किया। इसके बाद विजेताओं और उपविजेताओं को उत्साहित दर्शकों के सामने सम्मानित किया गया।

80 बेहद प्रतिस्पर्धात्मक खिलाड़ियों के बीच दो खिलाड़ी हाउस बोल्टन की खुशी सचदेवा और हाउस स्टार्क के तनिष्क महेंद्रू अपने प्रदर्शन और प्रतियोगिता में उभरकर सामने आए। जिन्हें यूपीए पिकलबॉल लीग सत्र 1 के सर्वाधिक मूल्यवान खिलाड़ी घोषित किया गया।
यह आयोजन केवल पिकलबॉल मैदानों तक सीमित नहीं रहा। युद्ध दिवस पर प्रतियोगिता स्थल पर सैकड़ों 500 दर्शकों की मौजूदगी ने पूरे दिन प्रतियोगिता के लिए जबरदस्त माहौल बना रहा। वहीं प्रतियोगिता के सीधे प्रसारण को देशभर में हजारों दर्शकों ने देखा।
प्रौद्योगिकी यूपीए लीग अनुभव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही।