बद्धुपुर हनुमान मंदिर की गजब है आस्था मालिश और औषधि से होता है लकवा ग्रस्त मरीजों का इलाज

बद्धुपुर हनुमान मंदिर की गजब है आस्था मालिश और औषधि से होता है लकवा ग्रस्त मरीजों का इलाज

गाजीपुर जनपद से 21 किलोमीटर दूर गाजीपुर आजमगढ़ मार्ग पर स्थित हनुमान मंदिर बद्धूपुर पोखरा आस्था का प्रतीक है राम जानकी हनुमान जी के नाम से यह मंदिर प्रसिद्ध है मंदिर के संस्थापक पुजारी रहे बाबा जंगू दास ने अपने अथक परिश्रम व प्रयास से 5 पैसे 10 पैसे सहयोग राशि से बना यह भव्य मंदिर अपने आप में एक छठा बिखेरता है आए दिन यहां शादी विवाह आदि अनेक प्रयोजन होते रहते हैं छठ का महापर्व से लेकर तमाम सामाजिक कार्यक्रम मंदिर प्रांगण में होते रहते हैं सबसे खास बात की लकवा ग्रस्त मरीजों का यहां सफल इलाज होता है मंदिर द्वारा बनाए गए औषधि व मालिश से ही लकवा ग्रस्त मरीजों को ठीक किया जाता है मरीज के रहने के लिए यहां शेड भी बनाया गया है यहां पर स्थित शीश महल मंदिर में इलेक्ट्रॉनिक से मूर्तियां चलती फिरती है जो देखने में बहुत ही आकर्षक लगता है मंदिर के चारों तरफ साफ सफाई का वातावरण बना रहता है एक बहुत ही बड़ा पोखरा मंदिर के बीचो-बीच

स्थित है जिसमें भगवान भोलेनाथ का शिवालय भी स्थित है क्षेत्र के लोग सुबह शाम पूजा अर्चना करते रहते हैं मंदिर के पुजारी बाबा मजनू दास ने बताया कि आज भी हम क्षेत्र के लोगों से चंदा मांग कर मंदिर को सजाते सवारते रहते हैं उन्होंने बताया कि अगर किसी जनप्रतिनिधि या प्रशासन के पहल पर पर्यटन विभाग इस पर ध्यान दे देता तो निश्चित तौर पर यह मंदिर जनपद का बड़ा ही प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हो जाता लेकिन अभी तक पर्यटन विभाग इस पर ध्यान नहीं दे रहा है जिससे हमें खेद है यहां के ग्राम प्रधान गुड्डू राजभर व आकाश राजभर एक युवाओं की टोली बनाकर मंदिर की निगरानी करते रहते हैं 22 जनवरी को अयोध्या में हो रहे भगवान श्री रामचंद्र जी के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को देखते हुए मंदिर को भी सजाने संवारने की तैयारी चल रही है तमाम प्रकार के कार्यक्रम यहां पर रखे गए हैं