मीडिया ही समाज में सकारात्मकता और शांति का सशक्त माध्यम: ब्रह्माकुमारीज़
नोएडा: नोएडा सेक्टर-46 स्थित ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केंद्र द्वारा आज मीडिया क्लब, नोएडा में पत्रकारों एवं मीडियाकर्मियों के लिए एक विशेष परिचर्चा एवं सम्मेलन का आयोजन किया गया।इस कार्यक्रम में शहर के विभिन्न समाचार पत्रों, टीवी चैनलों और डिजिटल मीडिया के वरिष्ठ पत्रकारों तथा संपादकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य मीडिया कर्मियों को रोजमर्रा के कार्यों से कुछ समय निकालकर स्वयं से जुड़ने, तनाव कम करने और सकारात्मक सोच विकसित करने का अवसर प्रदान करना रहा। इस दौरान आध्यात्मिक मार्गदर्शन के साथ मेडिटेशन एवं तनाव से राहत के लिए ध्यान अभ्यास कराया गया।

नोएडा सेक्टर-46 सेवा केंद्र की प्रभारी बी.के. लीना दीदी, ब्रह्माकुमारीज़ के राष्ट्रीय मीडिया समन्वयक बी.के.सुशांत और वरिष्ठ भ्राता बी.के. राजकुमार ने मुख्य वक्ताओं के रूप में कार्यक्रम को संबोधित किया। मंच का संचालन भूतपूर्व डायरेक्टर पंकज माथुर द्वारा किया गया।
वक्ताओं का मुख्य संदेश: समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में मीडिया केवल सूचना देने का साधन नहीं, बल्कि जनमानस के विचारों और समाज की दिशा तय करने का सबसे सशक्त माध्यम है। आज जब समाज में तनाव, भय और नकारात्मकता का प्रभाव बढ़ रहा है, ऐसे में मीडिया जगत की जिम्मेदारी और अधिक प्रासंगिक हो जाती है।
"जहाँ सत्य का प्रकाश हो, वहाँ अंधकार छूट जाए।
मीडिया वही दीपक है, जो समाज को सही राह दिखाए।"
समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आज समाज में बढ़ती नकारात्मकता को रोकने के लिए मीडिया को 'पॉजिटिव मीडिया' (सकारात्मक मीडिया) का दृष्टिकोण अपनाना होगा। सूचना ही इंसान के विचारों का कच्चा माल है; मीडिया जो प्रसारित करता है, जनता उसे ब्लॉटिंग पेपर की तरह सोख लेती है, जिससे उनका सोचने का तरीका, भावनाएं और भाग्य निर्मित होता है।
जिस तरह लोग शरीर के लिए शुद्ध भोजन के हकदार हैं, उसी तरह वे मन के लिए साफ और सात्विक सूचना के हकदार हैं।मीडियाकर्मी खुद को एक 'हीलर' या समाज के मानसिक स्वास्थ्य के रक्षक के रूप में देखें।विवादित खबरों को भी शांत टोन और समाधान-ओरिएंटेड (Solution-oriented) दृष्टिकोण के साथ परोसना चाहिए।
वक्ताओं ने बल दिया कि मूल्य-निष्ठ पत्रकारिता के माध्यम से ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। जब मीडियाकर्मी स्वयं आध्यात्मिक सशक्तिकरण, तनाव-मुक्ति और राजयोग मेडिटेशन को अपनी दिनचर्या में अपनाएंगे, तो उनकी लेखनी और विचारों में अलौकिक शांति, सत्यता और पवित्रता का समावेश होगा। इससे समाज में फैली निराशा दूर होगी और सर्वत्र सुख-शांति का वातावरण निर्मित होगा।
"देश का विकास तब होगा, जब जागे जनता का मन, सच की मशाल साथ लेकर बढ़े हर पत्रकार का कदम।"
कार्यक्रम के दौरान ब्रह्माकुमारी बहनों ने उपस्थित मीडिया कर्मियों को स्नेह और भाईचारे के प्रतीक के रूप में राखी भी बांधी। इस अवसर पर उन्होंने सभी मीडिया कर्मियों के स्वस्थ, सुखी एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की और समाज एवं देशहित में उनके निरंतर योगदान के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी मीडियाकर्मियों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया और सात्विक जलपान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।


