विधानसभा चुनाव 2027 : कहीं पर निगाहें कहीं पर निशाना

विधानसभा चुनाव 2027 : कहीं पर निगाहें कहीं पर निशाना

नोएडा। विधानसभा चुनाव का बिगुल बच चुका है जहाँ एक और सभी राजनीतिक दल शतरंज की विशात बिछा चुके हैं वहीं दूसरी ओर सभी पार्टियों में प्रत्याशी घोषित होने के लिए लोगों में होड़ लगी हुई है..

 नोएडा विधानसभा की अगर बात करें तो जहां एक और भारतीय जनता पार्टी पिछले दो विधानसभा चुनाव से भारी वोटो के साथ नोएडा की सीट पर कब्जा जमाए हुए हैं वहीं दूसरी ओर प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी उन्हें हराने के लिए जी जान एक किए हुए हैं..
 जहां भारतीय जनता पार्टी से वर्तमान विधायक पंकज सिंह का तीसरी बार चुनाव लड़ा जाना लगभग तय माना जा रहा है वही आम जनता में यह चर्चा बनी हुई है कि समाजवादी पार्टी की ओर से समाजसेवी और शिक्षाविद मुकेश शर्मा प्रत्याशी बनाए जा सकते हैं हालांकि ना तो अभी तक समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तरफ से ऐसी कोई घोषणा हुई है ना ही महानगर का संगठन इस बात की पुष्टि कर रहा है

समाजवादी पार्टी के महानगर संगठन से प्राप्त जानकारी के अनुसार ना तो अभी तक पार्टी कार्यालय से ऐसा कोई संकेत मिला है और ना ही राष्ट्रीय अध्यक्ष की तरफ से किसी नाम पर चर्चा की गई है परंतु शहर में मुकेश शर्मा को प्रत्याशी बनाए जाने का भारी शोर सुनाई दे रहा है शहर में लगे होर्डिंग उनके इस दावे की पुष्टि भी कर रहे है!

 लेकिन सबसे बड़ी दुविधा इस बात की है की शहर में उनकी सक्रियता पिछले 10 सालों में बिल्कुल नहीं रही है और अब चुनाव के समय उनका टिकट मांगना शहर की जनता के साथ-साथ कार्यकर्ताओं को भी हजम नहीं हो रहा है सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी पिछले हफ्ते समाजवादी पार्टी की सेक्टर 46 स्थित रामलीला में भी मुकेश शर्मा नजर नहीं आए जबकि भाजपा से जुड़े लोगों द्वारा संचालित सेक्टर 21 स्टेडियम रामलीला में प्रमुखता के साथ उनकी भागीदारी देखी गई

वहीं सेक्टर 21 स्थित रामलीला के भूमि पूजन में वहां मंच से यह भी घोषणा की गई कि मुकेश शर्मा जी आरएसएस द्वारा संचालित गौशाला एवं स्कूलों में पिछले कई वर्षों से लगातार आर्थिक सहयोग करते आ रहे हैं और वह पिछले काफी समय से संघ से जुड़े हुए हैं!

 जैसे ही इस बात की घोषणा हुई वहां उपस्थित जनता के बीच में कानाफुसी शुरू हो गई कि जो व्यक्ति आरएसएस का समर्थक है और समाजवादी पार्टी से टिकट मांग रहा है यह तो बिल्कुल ही उल्टे पांव बरेली को वाली कहावत हो गई...

 वही आम जनता में कुछ लोग यह भी चुटकी लेते हुए नजर आए कि अब समाजवादी पार्टी को उधार के प्रत्याशी के सहारे ही चुनाव लड़ना होगा क्योंकि समाजवादी पार्टी में भारत जनता पार्टी के पंकज सिंह से मुकाबला करने के लिए उचित कैंडिडेट भी नहीं मिल रहे हैं वहीं कुछ बुद्धिजीवी यह भी प्रयास लगाते नजर आए कि हो सकता है कि मुकेश शर्मा भारतीय जनता पार्टी के एक बड़े नेता के इशारों पर ही समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं और अगर ऐसा होता है तो इसका सीधा-सीधा आंकलन यह है कि समाजवादी पार्टी नोएडा शहर में चुनाव लड़ने की स्थिति में भी नहीं है