ज्योतिषाचार्य गुरुजी डॉ. गौतम ऋषि इंडियन 'आइकॉन अवॉर्ड–2026' हुए सम्मानित

ज्योतिषाचार्य गुरुजी डॉ. गौतम ऋषि इंडियन 'आइकॉन अवॉर्ड–2026' हुए सम्मानित

 'वैदिक ज्ञान-परंपरा के संरक्षण एवं जनजागरण में उल्लेखनीय योगदान पर ज्योतिषाचार्य गुरुजी डॉ. गौतम ऋषि को मिला प्रतिष्ठित 'इंडियन आइकॉन अवॉर्ड–22026'

उज्जैन। भारतीय सनातन संस्कृति, वैदिक ज्ञान-विज्ञान, ज्योतिष, वास्तु, हस्तरेखा एवं आयुर्वेद के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए ज्योतिषाचार्य गुरुजी डॉ. गौतम ऋषि को उज्जैन में आयोजित 40वें अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष, वास्तु एवं आयुर्वेद महाकुंभ–2026 में प्रतिष्ठित "इंडियन आइकॉन अवॉर्ड–2026" से सम्मानित किया गया।

यह सम्मान महर्षि पाणिनि संस्कृति एवं वैदिक विश्वविद्यालय, उज्जैन के माननीय कुलपति प्रो. शिवशंकर मिश्र एवं मध्य प्रदेश शासन के पूर्व राज्य मंत्री पंडित योगेंद्र महंत के करकमलों द्वारा प्रदान किया गया। समारोह में देशभर से पधारे संत-महात्माओं, आचार्यों, कुलपतियों, शिक्षाविदों, ज्योतिषाचार्यों, वास्तु विशेषज्ञों, आयुर्वेदाचार्यों एवं शोधकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।

इस अवसर पर गुरुजी डॉ. गौतम ऋषि ने "भारतीय ज्योतिष, वास्तु एवं आयुर्वेद : परंपरा, प्रतिष्ठा और भविष्य" विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय ज्योतिष केवल भविष्य कथन की विद्या नहीं, बल्कि मानव जीवन, राष्ट्र निर्माण, पर्यावरण संरक्षण, पारिवारिक मूल्यों तथा आध्यात्मिक चेतना को दिशा देने वाला वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक ज्ञान है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि हमारी प्राचीन वैदिक ज्ञान-परंपरा को आधुनिक शोध, शिक्षा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ विश्व मंच पर स्थापित किया जाए।

उन्होंने दुर्लभ वैदिक ग्रंथों एवं पांडुलिपियों के संरक्षण, भारतीय ज्योतिष एवं वास्तु पर अनुसंधान को बढ़ावा देने, संस्कृत भाषा के संवर्धन तथा नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं सनातन मूल्यों से जोड़ने पर विशेष बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा संपूर्ण मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करने की क्षमता रखती है।

सम्मान ग्रहण करने के उपरांत ज्योतिषाचार्य गुरुजी डॉ. गौतम ऋषि ने कहा कि "यह सम्मान मेरा व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि भारतीय सनातन संस्कृति, वैदिक ज्ञान-विज्ञान, ज्योतिष, वास्तु एवं आयुर्वेद की महान परंपरा का सम्मान है। मैं इसे भगवान श्री महाकाल की असीम कृपा, अपने पूज्य गुरुजनों के आशीर्वाद, माता-पिता के संस्कार, परिवार, सहयोगियों, शुभचिंतकों एवं देश-विदेश में जुड़े सभी विद्यार्थियों और श्रद्धालुओं को समर्पित करता हूँ। यह सम्मान मुझे भारतीय ज्ञान-परंपरा को जन-जन तक पहुँचाने तथा वैश्विक स्तर पर उसकी प्रतिष्ठा स्थापित करने के लिए और अधिक समर्पण, निष्ठा एवं सेवा-भाव के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा।"

गुरुजी डॉ. गौतम ऋषि ने इस भव्य आयोजन के सफल आयोजन हेतु आयोजन समिति, महर्षि पाणिनि संस्कृति एवं वैदिक विश्वविद्यालय, उज्जैन, सभी विशिष्ट अतिथियों, विद्वानों, संत-महात्माओं एवं प्रतिभागियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे आयोजन भारतीय ज्ञान-विज्ञान, संस्कृति एवं आध्यात्मिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

यह सम्मान भारतीय ज्योतिष, वास्तु, हस्तरेखा, आयुर्वेद तथा सनातन संस्कृति के क्षेत्र में गुरुजी डॉ. गौतम ऋषि द्वारा किए जा रहे निरंतर अनुसंधान, सामाजिक जागरूकता एवं जनसेवा कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।