फेस्टो ने नोएडा में खोला पहला एक्सपीरियंस सेंटर, विनिर्माण केंद्रों में विस्तार की तैयारी
नोएडा। जर्मनी की ऑटोमेशन प्रौद्योगिकी कंपनी फेस्टो ने उत्तर भारत में अपनी मौजूदगी मजबूत करते हुए बृहस्पतिवार को नोएडा में अपना पहला फेस्टो एक्सपीरियंस सेंटर (एफईसी) शुरू किया। कंपनी ने कहा कि आने वाले समय में वह देश के प्रमुख विनिर्माण केंद्रों में ऐसे और केंद्र स्थापित करने की संभावनाओं का आकलन करेगी।
नोएडा के फेज-2 में स्थापित इस केंद्र में फैक्ट्री ऑटोमेशन, इलेक्ट्रिक ऑटोमेशन, न्यूमैटिक्स, मोशन टेक्नोलॉजी, डिजिटल इंजीनियरिंग और इंडस्ट्री 4.0 से जुड़ी तकनीकों का लाइव प्रदर्शन किया जाएगा। इसके जरिए उद्योगों को नई तकनीकों को अपनाने से पहले उनके व्यावहारिक उपयोग और व्यावसायिक लाभ का आकलन करने का अवसर मिलेगा।

कंपनी के अनुसार, यह केंद्र ऐसे समय शुरू किया गया है जब फेस्टो इंडिया अपनी स्थापना के 40 वर्ष पूरे कर रही है। इसका उद्देश्य विनिर्माण क्षेत्र में ऑटोमेशन, डिजिटलाइजेशन और स्मार्ट फैक्ट्री समाधानों की बढ़ती मांग को पूरा करना है।
फेस्टो एसई के मैनेजमेंट बोर्ड के सदस्य (सेल्स) फ्रैंक नोट्ज़ ने कहा कि नोएडा में इस केंद्र की शुरुआत ग्राहकों के साथ कंपनी की साझेदारी को और मजबूत करेगी तथा स्मार्ट एवं टिकाऊ विनिर्माण की दिशा में उद्योगों को सहयोग प्रदान करेगी।
फेस्टो इंडिया के प्रबंध निदेशक रवि शास्त्री ने कहा कि कंपनी के लिए यह दोहरी उपलब्धि का अवसर है क्योंकि 40 वर्ष पूरे होने के साथ ही पहला एक्सपीरियंस सेंटर भी शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि यह पहल भारतीय उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप आधुनिक ऑटोमेशन समाधान उपलब्ध कराने में मदद करेगी।
फेस्टो इंडिया के वरिष्ठ निदेशक (सेल्स एवं मार्केटिंग) विकास माखिजा ने कहा कि यह केंद्र ग्राहकों को लाइव डेमो, विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और उद्योग-विशिष्ट समाधानों के माध्यम से ऑटोमेशन की संभावनाओं को समझने का अवसर देगा।
कंपनी के हेड-मार्केट मैनेजमेंट रणजय सरकार ने कहा कि उत्तर भारत विनिर्माण क्षेत्र के लिए तेजी से उभरता हुआ बाजार है। यह केंद्र ग्राहकों, ओईएम, सिस्टम इंटीग्रेटर्स और शैक्षणिक संस्थानों को कंपनी की नवीनतम तकनीकों तक सीधी पहुंच उपलब्ध कराएगा।
फेस्टो ने बताया कि इस केंद्र में उसकी तकनीकी शिक्षा इकाई फेस्टो डिडैक्टिक के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं, तकनीकी प्रदर्शन और कौशल विकास गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी, ताकि उन्नत विनिर्माण क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार किए जा सकें।
कंपनी ने कहा कि वह भारत में ग्राहकों की मांग, औद्योगिक विकास और अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं के आधार पर भविष्य में अन्य विनिर्माण क्षेत्रों में भी ऐसे केंद्र स्थापित करने की संभावनाओं का मूल्यांकन करेगी।
भारत सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण 2026 के अनुसार, देश का विनिर्माण क्षेत्र सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग 16-17 प्रतिशत का योगदान देता है और 2.7 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है। वर्ष 2047 तक भारत को 30-35 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में इस क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका रहने की उम्मीद है।
उद्घाटन समारोह में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, ग्राहकों, प्रौद्योगिकी साझेदारों, शैक्षणिक संस्थानों तथा फेस्टो के वैश्विक और भारतीय नेतृत्व दल के सदस्य मौजूद रहे।
फेस्टो इंडिया
फेस्टो इंडिया ऑटोमेशन प्रौद्योगिकी और तकनीकी शिक्षा समाधान उपलब्ध कराने वाली अग्रणी कंपनियों में शामिल है। कंपनी न्यूमैटिक और इलेक्ट्रिक ऑटोमेशन उत्पादों, सॉफ्टवेयर और सेवाओं के माध्यम से विभिन्न उद्योगों को उत्पादकता, दक्षता और सतत विकास बढ़ाने में सहयोग देती है। फेस्टो डिडैक्टिक के जरिए कंपनी तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में भी कार्यरत है।
फेस्टो ने 1963 में भारतीय बाजार में प्रवेश किया था और 1986 में कंपनी का विधिवत गठन हुआ। वर्तमान में कंपनी के देशभर में 1,000 से अधिक कर्मचारी हैं तथा 25,000 से अधिक ग्राहकों और साझेदारों के साथ काम कर रही है। बेंगलुरु में उसका एक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर भी संचालित है।
फेस्टो
वर्ष 1925 में स्थापित फेस्टो जर्मनी की वैश्विक ऑटोमेशन प्रौद्योगिकी और तकनीकी शिक्षा समाधान प्रदाता कंपनी है। कंपनी लगभग 60 देशों में परिचालन करती है और उसके करीब 26,000 कर्मचारी हैं। नवीनतम वित्तीय वर्ष में फेस्टो समूह का राजस्व 3.33 अरब यूरो से अधिक रहा।
यदि यह प्रेस रिलीज़ नहीं बल्कि अख़बार में प्रकाशित होने वाली रिपोर्ट है, तो मैं इसे दैनिक जागरण/अमर उजाला की शैली में और अधिक समाचारपरक बना सकता हूँ, जिसमें शुरुआत सीधे खबर के प्रभाव से होगी, उद्धरण छोटे होंगे और कॉर्पोरेट भाषा की जगह पत्रकारिता की भाषा होगी।


