जीएसटी को पीएमएलए के दायरे में लाना छोटे व्यापारियों के लिए बड़ा खतरा होगा - नरेश कुच्छल
नोएडा। जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के प्रावधान के दायरे में लाने का उत्तरप्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल नोएडा इकाई ने कड़ा विरोध किया है।
प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष नरेश कुच्छल ने मीडिया को जारी एक बयान में कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के हाथों छोटे और मध्यम व्यापारियों का अनावश्यक उत्पीड़न करने का प्रावधान लाया गया है। सरकार बार-बार कानूनों में बदलाव लाकर छोटे- बड़े उद्यमियों को परेशान कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार व्यापारियों की धैर्य की परीक्षा न ले, अन्यथा 2024 के लोकसभा चुनाव में उसे भारी कीमत चुकानी होगी।
नरेश कुच्छल ने कहा कि जीएसटी को पीएमएलए के दायरे में लाना छोटे व्यापारियों के लिए बड़ा खतरा होगा। इससे छोटे-छोटे व्यापारी तबाह हो जाएंगे। उनके समक्ष भुखमरी की समस्या उत्पन्न हो जाएगी। फिर सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे।
उन्होंने बताया कि 7 जुलाई को एक अधिसूचना जारी की गई थी, जिसमें जीएसटीएन को पीएमएलए के तहत लाया गया था। इसका मतलब है कि जो व्यवसायी कुछ कठिनाइयों के कारण जीएसटी दाखिल करने में असमर्थ हैं, उन पर पीएमएलए के तहत ईडी द्वारा मुकदमा चलाया जा सकता है। इस आदेश का उत्तरप्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल विरोध करता है। उन्होंने कहा कि इससे व्यापारी वर्ग में हताशा व चिन्ता है। इस आदेश से व्यापार जगत में दहशत का माहौल है। इससे व्यापारी के उत्पीड़न की संभावना है और यह भ्रष्टाचार को बढ़ावा देगा। एक तरफ तो सरकार व्यापार को इजी एण्ड ड्यूईंग बनाने को कह रही है और दूसरी तरफ अनावश्यक गैर जरूरी और डरावने कानून व्यापारी पर थोप रही है।


